राजस्थान में पंचायत चुनाव का एलान कल: चार चरण में मतदान, छह तक जारी हो सकती है अधिसूचना
राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों का एलान तीन अक्टूबर को होगा। चार चरणों में मतदान संभव है। 1.69 लाख से ज्यादा जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू होगी।
विस्तार
राजस्थान में पंचायतीराज चुनावों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग शनिवार, 3 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।
चुनाव चार चरणों में कराए जाने की संभावना है। चुनाव प्रक्रिया को 9 नवंबर तक पूरा करने की तैयारी है। संभावना है कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनावों की आचार संहिता लागू होने के बाद जिला कलेक्टर 5 या 6 अक्टूबर को अधिसूचना जारी हो सकते हैं। इसके एक सप्ताह के भीतर ही नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। पहले सितंबर में यह प्रक्रिया पूरी होनी थी, लेकिन इसमें देरी होने के कारण अधिसूचना और नामांकन के बीच का समय कम रखा जा सकता है।
सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए ईवीएम से मतदान कराया जाएगा। पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू रहेगा।
चुनाव कार्यक्रम के साथ आचार संहिता
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कार्यक्रम जारी होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो जाएगी। करीब दो महीने तक इसके प्रभावी रहने की संभावना है। इस दौरान सरकारी कर्मचारियों के तबादलों समेत कई प्रशासनिक फैसलों पर भी रोक रहेगी।
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1.69 लाख से ज्यादा जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे
पंचायतीराज चुनाव में करीब 1.69 लाख जनप्रतिनिधियों का चुनाव होगा। इनमें 1,403 जिला परिषद सदस्य और 8,245 पंचायत समिति सदस्य शामिल हैं। इनके जरिए प्रदेश में 41 जिला प्रमुख और 457 पंचायत समितियों के प्रधान चुने जाएंगे।
इसके अलावा 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच, उपसरपंच और करीब 1.30 लाख वार्ड पंचों का चुनाव होगा।
20 जिलों में महिला जिला प्रमुख
प्रदेश के 41 जिला प्रमुखों में से 20 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। बीकानेर संभाग के सभी जिलों में जिला प्रमुख का पद महिला के लिए आरक्षित रहेगा।
वहीं, 457 पंचायत समितियों में से 221 प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। जयपुर और जोधपुर में 11-11 पंचायत समितियों की प्रधान महिलाएं होंगी। डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सलूंबर और प्रतापगढ़ में प्रधान पद एसटी वर्ग के लिए आरक्षित रहेंगे।
7200 महिला सरपंच, 65 हजार महिला पंच
14,403 ग्राम पंचायतों में करीब 7,200 महिला सरपंच चुनी जाएंगी। वार्ड पंचों के करीब 1,30,584 पदों में से लगभग 65 हजार पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
सरपंच पदों में 3,058 एसटी, 2,493 एससी और 1,961 ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। वार्ड पंचों के करीब 1.30 लाख पदों में 21,962 एससी, 19,117 एसटी और करीब 15 हजार ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर में सरपंच के सभी 1,253 पद एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं।