Udaipur Murder Case: कन्हैया के हत्यारे गौस को लेकर बड़ा खुलासा, पाकिस्तान में बैठे इन आतंकियों के संपर्क में था
कन्हैयालाल के हत्यारे गौस मोहम्मद को आतंकी सलमान हैदर ने कट्टरपंथी बनने की ट्रेनिंग दी थी। सलमान ने ही गौस का संपर्क अबू इब्राहिम से कराया था।
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उदयपुर में कन्हैयालाल की गला रेत कर हत्या करने के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। हत्या के आरोपी गौस मोहम्मद के भी आतंकवादियों से संपर्क होने की बात सामने आई है। गौस मोहम्मद आतंकी सलमान हैदर और अबू इब्राहिम के संपर्क में था। यह दोनों पाकिस्तान में बैठकर आंतक फैलाने का काम करते हैं। गौस मोहम्मद ने ही रियाज अत्तारी को कट्टरपंथी बनने के लिए उकसाया था। साथ ही ब्रेनवॉश कर अपनी टीम में शामिल कर लिया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गौस मोहम्मद को आतंकी सलमान हैदर ने कट्टरपंथी बनने की ट्रेनिंग दी थी। सलमान ने ही गौस का संपर्क अबू इब्राहिम से कराया था। बताया जा रहा है कि गौस राजस्थान के कई जिलों में लोगों को भड़काकर कट्टरपंथी बना रहा था।
इधर, एनआईए की टीम ने प्राथमिकी जांच के बाद दावा किया है कि हत्या में किसी आकंवादी संगठन का हाथ नहीं है। हत्यारे आईएसआईएस के संपर्क में थे या नहीं इसकी जांच की जा रही है। एनआईए के अधिकारी साफतौर पर अभी कुछ भी कहने से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि अभी जांच शुरुआती दौर में हैं। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही उनके संबंधित ठिकानों पर छापे भी मारे जा रहे हैं।
एटीएस के अधिकारियों ने दोनों हत्यारों के पास से मोबाइल सहित कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए गए हैं। उनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी रिपोर्ट आने के बाद कुछ चीजें और साफ होंगी।
दावत-ए-इस्लामी से भी जुड़े थे तार
इससे पहले एटीएस की जांच में भी दोनों हत्यारों का पाकिस्तानी से कनेक्शन होने की बात सामने आई थी। बताया गया था कि आरोपी रियाज और गौस कराची गए थे। वहां दोनों ने 2014-15 में ट्रेनिंग भी ली थी। दोनों हत्यारे पाकिस्तान में दावत-ए-इस्लामी संगठन से भी जुड़े हुए थे। कराची से आने के बाद दोनों आरोपी समाज के युवाओं को अपने धर्म को लेकर कट्टर रहने के लिए भड़का रहे थे। उन्होंने एक व्हाट्स ग्रुप भी बनाया था जिसमें भड़काऊ वीडियो और मैसेज भेजकर युवाओं का ब्रेनवॉश किया जा रहा था। आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में एनआईए को करीब दस संदिग्ध नंबर मिले हैं। इनमें से कुछ पाकिस्तान के भी है। हत्यारों की इन नंबरों पर बात भी हो रही थी।
प्रदेश के आठ जिलों में बना रहे थे स्लीपर सेल
हत्या के आरोपियों के अलसूफा से भी जुड़े होने की बात सामने आई थी। यह संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के रिमोट स्लीपर सेल के तौर पर काम करता है। रियाज पिछले पांच साल से अलसूफा के लिए राजस्थान के आठ जिलों में स्लीपर सेल बना रहा था। रियाज और गौस धर्म के नाम पर युवाओं को उकसा रहे थे। दोनों उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, राजसमंद, टोंक, बूंदी, बांसवाड़ा और जोधपुर में बेरोजगार युवाओं का ब्रेनवॉश कर आईएसआईएस के स्लीपर सेल से जोड़ रहे थे। दोनों को अरब देशों से फंडिग भी मिली थी।
शहर के धानमंडी इलाके के भूत महल क्षेत्र में रहने वाले कन्हैयालाल दर्जी थे और यहां अपनी दुकान चलाते थे। मंगलवार को दो मुस्लिम युवक कपड़े का नाप देने के बहाने दर्जी की दुकान पर पहुंचे और उस पर धारदार हथियार से वार करना शुरू कर दिया। ताबड़तोड़ हमलों ने उसे संभलने का मौका तक नहीं दिया। उसकी गर्दन कट गई और मौके पर ही मौत हो गई। हमले में दुकान पर काम करने वाला उसका साथी ईश्वर सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गया। शहर के एमबी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। कन्हैलाल की हत्या के बाद से उदयपुर सहित पूरे प्रदेश में तनाव का माहौल है। धारा 144 लागू होने के बाद भी कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।