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Congress Chintan Shivir: कांग्रेस के कायाकल्प का रोडमैप तैयार, 10 प्वाइंट्स में चिंतन शिविर से पार्टी को क्या मिला?

Sun, 15 May 2022 09:25 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Sun, 15 May 2022 09:25 PM IST
सार

राजस्थान के उदयपुर में हो रहा कांग्रेस का चिंतन शिविर समाप्त हो गया। समापन से पहले राहुल गांधी ने करीब 35 मिनट तक पार्टी नेताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, हमें जनता के साथ अपने संबंध को फिर से मजबूत करना होगा और यह स्वीकार करना होगा कि यह टूट गया था।

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Udaipur Congress Nav Sankalp Chintan Shivir In 10 Points Rahul Gandhi, Sonia Gandhi, Priyanka Gandhi
10 प्वाइंट्स में जानिए चिंतन शिविर से पार्टी को क्या मिला? - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Congress Chintan Shivir: राजस्थान के उदयपुर में तीन दिन तक चला नव संकल्प चिंतिन शिविर रविवार शाम को समाप्त हो गया। शहर में तीन दिन से रुके कांग्रेसी नेताओं के जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। तीन दिन चले चिंतन शिविर में कई अहम प्रस्ताव रखे गए। इन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लगाई। इस शिविर में किन प्रस्तावों पर मुहर लगी और इससे कांग्रेस को क्या मिला आइए 10 पॉइंट में जानते हैं?

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राहुल गांधी के हाथ में होगी कांग्रेस की कमान 
चिंतन शिविर में राहुल गांधी के नेतृत्व का उदय हुआ है। उन्हें एक बार फिर कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इसकी मांग भी शिविर में कई नेताओं ने उठाई। बताया यह भी जा रहा है कि जो नेता पहले उनके अध्यक्ष बनने के खिलाफ थे, वह भी अब समर्थन में आए गए हैं। इससे साफ हो गया है कि आगे आने वाले राज्यों के विधानसभा चुनाव में वह उनकी भूमिका अहम होगी। साथ ही 2024 के विधानसभा चुनाव में भी वही कांग्रेस की अगुआई करेंगे। 

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Udaipur Congress Nav Sankalp Chintan Shivir In 10 Points Rahul Gandhi, Sonia Gandhi, Priyanka Gandhi
शिविर के आखिरी दिन राहुल गांधी ने 35 मिनट तक रखी अपनी बात। - फोटो : अमर उजाला

शिविर का समापन, राहुल ने दिया जीत का मंत्र 
चिंतन शिविर के समापन से पहले राहुल गांधी ने करीब 35 मिनट तक पार्टी नेताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, मैं यह मानने के लिए तैयार नहीं हूं कि मेरे देश में इतनी नफरत और हिंसा फैल सकती है। इसके अलावा उन्होंने पार्टी के नेताओं को जीत का मंत्र भी दिया। उन्होंने कहा, हमें जनता के साथ अपने संबंध को फिर से मजबूत करना होगा और यह स्वीकार करना होगा कि यह टूट गया था। इसके लिए कोई शॉर्टकट नहीं है। हमें कड़ी मेहनत कर पसीना बहाना होगा। इसके साफ जाहिर होता है कि राहुल पार्टी नेताओं से कड़ी मेहनत करने की बात कह रहे हैं। यानी, जो नेता जमीनी स्तर पर काम नहीं करते उनके लिए अब रास्ता मुश्किल हो सकता है।  

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प्रियंका गांधी वाड्रा ने नहीं दिया भाषण
उत्तर प्रदेश चुनाव में लड़की हूं, लड़ सकती हूं का नारा देने वाली प्रियंका गांधी बाड्रा शिविर में शामिल तो हुईं, लेकिन उन्होंने कोई भाषण नहीं दिया। वह केवल विचार-विमर्श की भूमिका तक ही सीमित रहीं। इससे साफ नजर आता है कि पार्टी में उनकी भूमिका क्या होगी। ऐसे में उनके अध्यक्ष बनाए जाने की मांग भी कोई महत्व नहीं रह जाता है। इसे भी राहुल गांधी की सर्व स्वीकार्यता पर मुहर माना जा रहा है। ऐसे में साफ है कि राहुल निर्विरोध कांग्रेस अध्यक्ष बन सकते हैं। 

प्रशांत किशोर की प्लानिंग पर राहुल लेंगे एक्शन
चिंतिन शिवर में संगठन में बदलाव को लेकर रखे गए प्रस्तावों में कई बिंदु ऐसे थे जो पिछले महीने प्रशांत किशोर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को सुझाए थे। हालांकि, पीके और कांग्रेस की बात नहीं बन पाई और उन्होंने किनारा कर लिया। अब उन सुझावों को संगठन में लागू करने की जिम्मेदारी राहुल गांधी ने अपने हाथ में ले ली है। कुछ प्रस्तावों पर चिंतिन शिवर में ही मुहर लगा दी गई और कुछ पर जल्द ही राहुल गांधी लगा सकते हैं। 

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जनता के बीच जाएगी कांग्रेस। - फोटो : अमर उजाला

जनता से संबध मजबूत करने कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा
2014 के लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस किसी भी चुनाव में बड़ी जीत दर्ज नहीं कर पाई। आज हालत यह है कि कांग्रेस की सिर्फ दो राज्यों छत्तीसगढ़ और राजस्थान में ही सरकार बची है। आठ साल से कांग्रेस को लगातार मिल रही हार का कारण जनता से पार्टी का संबंध टूटना माना गया। इस बात को खुद राहुल गांधी ने स्वीकार किया। ऐसे में पार्टी ने फैसला किया कि वह दो अक्टूबर गांधी जयंती से 'राष्ट्रीय कन्याकुमारी टू कश्मीर भारत जोड़ो यात्रा' निकालेगी। जिसमें कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ नेता भी हिस्सा लेंगे।

अंग्रेजों भारत छोड़ो के बाद भारत जोड़ो का नारा 
चिंतन शिविर में कांग्रेस ने भारत जोड़ो का नया नारा दिया। इस नारे को पांडाल में बैठे पार्टी के सभी नेताओं ने पूरे जोर-शोर से लगाया। इसे लेकर कांग्रेस ने कहा, भाजपा देश को धर्म ओर जातियों में बांटने का काम कर रही है। हम इस नारे के साथ देश को जोड़ने का काम कर रहे हैं।

शिविर में क्या क्या फैसले लिए गए? 
कार्य समिति की बैठक में एक परिवार के एक ही सदस्य को टिकट देने के प्रस्ताव पर मुहर पास हो गया है। इसके अलावा पांच साल संगठन में सक्रिय रहने के बाद ही परिवार के किसी दूसरे नेता को टिकट दिया जाएगा। अब कोई भी नेता पार्टी में पांच साल तक ही पद पर रह सकेगा। तीन साल संगठन के लिए काम करने के बाद उसे फिर से पद दिया जाएगा। पैराशूट उम्मीदवारों को भी टिकट देने पर रोक लगाई गई है। 

इन्हें जल्द ही लागू किया जाएगा

  • कांग्रेस संगठन को ब्लॉक, मंडल, शहर, जिला और प्रदेश स्तर पर पुनर्गठित करना। 
  • नीचे से ऊपर तक 50 फीसदी पद 50 साल से कम उम्र के नेताओं को देना। 
  • कांग्रेस कार्यसमिति में भी 50 फीसदी पद पर 50 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को लाना। 
  • कांग्रेस अध्यक्ष के लिए एक सलाहकार समिति बनाना।
  • शीर्ष स्तर पर संगठन में तीन नए विभागों का गठन। 
  • पदाधिकारियों के कामकाज का समय पर मूल्यांकन करना।
  • पार्टी के लिए अच्छा काम करने वालों को इनाम और न करने वालों की छुट्टी करना।

दोनों गुट के नेता दिखे एक साथ 
राहुल गांधी को लेकर कांग्रेस में दो गुट माने जाते हैं। विरोधी गुट के रूप में जी-23 नेताओं के नाम शामिल हैं, लेकिन चिंतन शिविर में यह सभी नेता एक साथ दिखे। राहुल गांधी गुट के माने जाने वाले मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन सरकार, केसी वेणुगोपाल, अजय माकन, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, दिग्विजय सिंह, अंबिका सोनी मोहन प्रकाश, अविनाश पांडे शिविर में सक्रिय दिखे। वहीं उनकी मुखालफत करने वाले जी-23 के नेता गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी और मुकुल वासनिक सहित नेता भी अहम भूमिका में दिखाई दिए। 

राहुल गांधी बनेंगे अध्यक्ष 
सितंबर में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव होने हैं, लेकिन चिंतन शिविर के बाद लगभग यह तय हो गया है कि वे ही इस पर पर विराजमान होंगे। राहुल ही संगठन और परिवार की पहली पसंद हैं। ऐसे अध्यक्ष पद क चुनाव महज एक औपचारिकता माना जा रहा है। 

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