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Rajasthan: पाकिस्तान से जोधपुर पहुंचे हिंदुओं के दो जत्थे, कहा- वहां हो रहा उत्पीड़न, भारत में बसना चाहते हैं

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Sat, 15 Oct 2022 11:13 PM IST
सार

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के टांडो अल्लाहयार जिले के रहने वाले 100 से अधिक हिंदू भारत आए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में उनके साथ भेदभाव और उत्पीड़न हो रहा था। अब वह भारत में ही बसना चाहते हैं।

सांकेतिक तस्वीर।
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाएं आए दिन सामने आती रहतीं हैं। चार दिन में पाकिस्तान के सिंध प्रांत से हिंदुओं के दो जत्थे राजस्थान के जोधपुर जिले में आए हैं। उन्होंने पाकिस्तान की सरकार पर हिंदुओं के उत्पीड़न और उनके साथ भेदभाव करने के आरोप लगाए। पाक सिंध प्रांत के टांडो अल्लाहयार जिसे से आए सभी हिंदुओं ने भारत में ही रहने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा, वहां हमारे साथ उत्पीड़न हो रहा है इसलिए हम वापस पाकिस्तान नहीं जाना चाहते। 



मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान के सिंध प्रांत के टांडो अल्लाहयार जिले के रहने वाले 100 से अधिक लोग भारत आए हैं। इनमें से ज्यादातर लोग भील समुदाय के हैं। यह लोग यहां दो जत्थे में आए थे। पहला जत्था 12 अक्टूबर और दूसरा जत्था 14 अक्टूबर को भारत आया था। दोनों जत्थे में आए लोगों को अटारी-वाघा चेकपोस्ट से भारत में प्रवेश दिया गया। इसके बाद यह लोग जोधपुर पहुंचे। 


पाकिस्तान से आए हिंदुओं ने बताया कि पिछले दिनों उनके उनके इलाके में बाढ़ आ गई थी। बाढ़ के बाद जारी राहत और बचाव कार्यों में उनके साथ उत्पीड़न और भेदभाव किया जा रहा था। पाकिस्तानी सरकार उनकी मदद नहीं कर रही थी। बाढ़ के कारण उनका सब कुछ बर्बाद हो गया। उनके पास न तो रहने का ठिकाना बचा था और न ही खाने-पीने के लिए पर्याप्त रुपये। पाक सरकार द्वारा भी उनकी कोई मदद नहीं की जा रही थी। ऐसे में पाकिस्तान में रहना उनके लिए मुश्किल हो गया था। पाकिस्तान को छोड़ने के अलावा उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। ऐसे में उन्होंने भारत आने का फैसला किया।  

पाकिस्तान से जोधपुर आए हिंदु प्रवासियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। एएसपी (सीआईडी) रामेश्वर लाल मेघवाल ने मीडिया से बात करते हुआ कहा कि मामले में जो भी उचित होगा वह किया जाएगा। अगर, वह लोग वापस नहीं जाना चाहते तो उनके यहां रहने के लिए जो औपचारिकताएं होंगी उन्हें पूरा करने के लिए कहा जाएगा। 

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