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MP News: शाजापुर के बोलाई में हनुमान जी की प्रतिमा का तिरंगामय श्रृंगार, यहां से धीमी गति में गुजरती हैं ट्रेन
Wed, 17 Aug 2022 04:00 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Wed, 17 Aug 2022 04:00 PM IST
सार
लोगों का कहना है कि तेज गति से चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों की गति भी बाबा के मंदिर के सामने धीमी पड़ जाती है। हनुमान जयंती और विशेष दिनों के अलावा मंदिर में सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ जुटती है। पूरे सप्ताह यहां पर श्रद्धालु का जमावड़ा रहता है।
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इस तरह किया गया हनुमान जी का श्रृंगार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश भर में चल रहे आजादी के अमृत महोत्सव का उत्साह शाजापुर के श्री सिद्ध वीर हनुमान मंदिर में भी देखने को मिला। बोलाई के श्री सिद्धवीर हनुमान मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा का श्रृंगार तिरंगा की तरह किया गया। राष्ट्रभक्ति और देश प्रेम की भावना से ओतप्रोत वातावरण में श्रद्धालु श्री सिद्ध वीर हनुमान के दर्शन कर अपने आप को धन्य मान रहे हैं। बता दें कि यह मंदिर जिलेवासियों के साथ ही प्रदेश और अन्य राज्यों के लोगों की भी आस्था का केंद्र है। यहां हर दिन सैकड़ों लोग दर्शन के लिए आते हैं। मंगलवार और शनिवार को तो यहां मेले जैसा माहौल रहता है।
मंदिर के सामने से गुजरते वक्त कम हो जाती है ट्रेन की स्पीड
बोलाई गांव में स्थित इस मंदिर के सामने से गुजरते समय हर ट्रेन की स्पीड धीमी हो जाती है। इसके पीछे का कारण मंदिर से जुड़ी आस्था को बताया जाता है। क्षेत्र के लोग का कहना है कि कई साल पहले यहां एक ट्रेन हादसा हुआ था, इस दौरान सभी यात्री सुरक्षित बच गए थे। उसके बाद से यह स्थान रेलवे के अधिकारी और कर्मचारियों के लिए विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है। कहा जाता है कि जितनी बार यहां ट्रेन नहीं रूकी किसी न किसी तरह वह हादसे का शिकार हो गई।
लोगों का कहना है कि तेज गति से चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों की गति भी बाबा के मंदिर के सामने धीमी पड़ जाती है। इस चमत्कारी स्थान की प्रदेश के अलावा देश के कई हिस्सों में ख्याति है। हनुमान जयंती और संकटमोचन के विशेष दिनों के अलावा मंदिर में सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ जुटती है। पूरे सप्ताह यहां पर श्रद्धालु का जमावड़ा रहता है।
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मंदिर के सामने से गुजरते वक्त कम हो जाती है ट्रेन की स्पीड
बोलाई गांव में स्थित इस मंदिर के सामने से गुजरते समय हर ट्रेन की स्पीड धीमी हो जाती है। इसके पीछे का कारण मंदिर से जुड़ी आस्था को बताया जाता है। क्षेत्र के लोग का कहना है कि कई साल पहले यहां एक ट्रेन हादसा हुआ था, इस दौरान सभी यात्री सुरक्षित बच गए थे। उसके बाद से यह स्थान रेलवे के अधिकारी और कर्मचारियों के लिए विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है। कहा जाता है कि जितनी बार यहां ट्रेन नहीं रूकी किसी न किसी तरह वह हादसे का शिकार हो गई।
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लोगों का कहना है कि तेज गति से चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों की गति भी बाबा के मंदिर के सामने धीमी पड़ जाती है। इस चमत्कारी स्थान की प्रदेश के अलावा देश के कई हिस्सों में ख्याति है। हनुमान जयंती और संकटमोचन के विशेष दिनों के अलावा मंदिर में सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ जुटती है। पूरे सप्ताह यहां पर श्रद्धालु का जमावड़ा रहता है।
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