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Hindi News ›   Rajasthan ›   Tigress T-119 Ghost of Ranthambore shifted to Ramgarh Vishdhari Tiger Reserve

Sawai Madhopur: रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के लिए खुशखबरी, रणथम्भौर की बाघिन टी-119 घोस्ट को किया गया शिफ्ट

Mon, 07 Aug 2023 08:29 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Mon, 07 Aug 2023 08:29 PM IST
सार

रणथम्भौर की बाघिन टी-119 घोस्ट लंबे समय से अपने लिए सुरक्षित टेरेटरी तलाश रही थी। शिफ्टिंग के लिए स्टाफ को अलर्ट मोड पर रखा गया था। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के प्रयासों से केंद्रीय वन मंत्रालय ने दी स्वीकृति।

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Tigress T-119 Ghost of Ranthambore shifted to Ramgarh Vishdhari Tiger Reserve
बाधिन को पिंजरे से बाहर निकालते वन्यकर्मी। - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

सवाईमाधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व से मशहूर बाघिन टी-119 घोस्ट को बूंदी के रामगढ़ विषधारी रिज़र्व में लाकर शिफ्ट कर दिया गया है। वर्ष 2019 में जन्मी बाघिन टी-119 को रणथंभौर में घोस्ट के नाम से जाना जाता है। 

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लगभग चार साल की इस बाघिन टी-119 घोस्ट का जन्म गधरा वन क्षेत्र में हुआ था। ट्रैंक्यूलाइज करने वाली टीम ने रणथम्भौर के मानसरोवर और मोर डूंगरी इलाके में इस बाघिन की तलाश की और ढूंढ निकाला। यह बाघिन लंबे समय से अपने लिए सुरक्षित टेरेटरी तलाश रही थी। शिफ्टिंग के लिए स्टाफ को अलर्ट मोड पर रखा गया था। ट्रेंकुलाइज करने के बाद पहले 48 घंटे इसे एनक्लोजर में रखा गया। इसके के बाद स्वास्थ्य सही पाए जाने पर रामगढ़ विषधारी के जंगल में ले जाकर रिलीज कर दिया गया।
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के प्रयास हुए सफल
लोकसभा अध्यक्ष और कोटा-बूंदी सांसद ओम बिरला के प्रयासों से ही बाघिनों को टाइगर रिजर्व में रिलीज किया जा रहा है। टाइगर की सुरक्षा और उसको बड़ी टेरेटरी देने के लिए अन्य जंगलों में बसाने में सरकार कामयाब हो रही है। देश के 52वें और राजस्थान के चौथे रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व बूंदी में एक बौर बड़ी खुशखबरी मिलने से वन्य जीव प्रेमियों, बूंदी के लोगों, गाइड्स और टूरिस्ट्स में  खुशी का माहौल है। 
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पिछले दिनों शावकों के जन्म के बाद बाघिन रिलीज किया जाना आवश्यक था
केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय ने लोकसभा स्पीकर बिरला के प्रयासों के चलते दो बाघिन को रणथंभौर से रामगढ़ विषधारी में रिलीज करने की स्वीकृति जारी की थी। पिछले दिनों शावकों के जन्म के बाद बाघिन रिलीज किया जाना आवश्यक था। इस बारे में वन और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से स्पीकर बिरला की चर्चा भी हुई थी। पिछले 4-5 दिनों से रणथम्भौर की फोरेस्टर और रेंजर टीम, विभागीय अधिकारी, एक दर्जन से अधिक कर्मचारी, डॉक्टर और ट्रैंक्यूलाइज करने वाली टीम चिन्हित बाघिन पर नजर बनाए हुए थे। उसे ट्रैंक्यूलाइज करने के बाद घने जंगल से पकड़कर एनक्लोजर में रखा गया। फिर शिफ्टिंग की गई।


टी-102  बाघिन के तीन शावकों ने बढ़ाई रौनक 
कोटा ज़िले के मुकुंदरा हिल्स से पहले बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के आबाद होने से यहां टीम को अलर्ट रखा गया है। मादा टाइगर को यहां लाए जाने से चहल पहल बढ़ गई है। इससे एक साल पहले रणथंभौर से टी-102 बाघिन को ट्रैंक्यूलाइज कर रामगढ़ विषधारी के जंगल में छोड़ा गया था। ये बाघिन रामगढ़ में अपने तीन शावकों के साथ फिलहाल घूम रही है।  एक बार वह कैमरे में अपने शावकों के साथ दिखाई दे चुकी है, जबकि टाइगर टी-115 तो अपने आप ही रणथंभौर से निकलकर रामगढ़ विषधारी में पहुंच चुका है। इसलिए रामगढ़ में बाघों की संख्या पांच हो चुकी है।

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