फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Thieves-robbers offer handcuffs at Joganiya Mata Temple in Chittorgarh

Chaitra Navratri 2022: अनोखा मंदिर जहां चोर-डाकू चढ़ाते हैं हथकड़ियां, इस बार किसी ने चढ़ाई दरवाजा टूटी हुई जेल

Sun, 10 Apr 2022 03:49 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़ Published by: रोमा रागिनी Updated Sun, 10 Apr 2022 03:49 PM IST
सार

कहा जाता है कि मंदिर में चोर और अपराधी जेल से छूटने की मनोकामना मांगते हैं। जब मन्नत पूरी होती है तो वो माता को हथकड़ी चढ़ाकर जाते हैं।

विज्ञापन
Thieves-robbers offer handcuffs at Joganiya Mata Temple in Chittorgarh
राजस्थान की जोगणिया माता मंदिर में अनोखी परंपरा - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

आपने अब तक मंदिर में फूल और प्रसाद चढ़ाने की बात सुनी होगी लेकिन राजस्थान में एक ऐसा मंदिर है, जहां हथकड़ियां चढ़ाई जाती है। सबसे आश्चर्य की बात है कि मंदिर में चोर-डाकू विशेष रूप से पूजा करने आते हैं। चित्तौड़गढ़ जिले की बेगू तहसील में माता जोगणिया का मंदिर है। मंदिर में हथकड़ी चढ़ाने की अनूठी परंपरा है। इस बार चैत्र नवरात्रि पर किसी ने मंदिर में टूटी हुई गेट वाली जेल चढ़ाई है।

विज्ञापन

Thieves-robbers offer handcuffs at Joganiya Mata Temple in Chittorgarh
माता मंदिर में चढ़ी हथकड़ियां - फोटो : Amar Ujala Digital

माता जोगणिया के मंदिर में मान्यता है कि चोर-डाकू माता से जेल से छूटने की मनोकामना मांगते हैं। अगर कोई चोर या अपराधी पुलिस की गिरफ्त से भागने में सफल होता है तो वो माता के मंदिर में हथकड़ी टांगकर अपनी मन्नत पूरी करता है। 

 
मंदिर में हथकड़ी चढ़ाने की परंपरा सालों से चली आ रही है लेकिन पिछले दिनों पहली बार कोई व्यक्ति यहां लोहे से बना जेल के गेट टांग गया है। यह ढ़ांचा जेल जैसा बना हुआ है। इस पर लोहे की जालियां और एक गेट भी लगा हुआ है। यह गेट टूटा हुआ बनाया गया है। लोगों का मानना है कि कोई अपराधी जेल तोड़कर भागने में सफल रहा होगा। जिसके बाद उसने मन्नत के रूप में टूटे हुए जेल का ढांचा बनाकर मां के दरबार में भेंट किया है। 



 
विज्ञापन
विज्ञापन

Thieves-robbers offer handcuffs at Joganiya Mata Temple in Chittorgarh
मंदिर में चढ़ाई गई जेल की गेट - फोटो : Amar Ujala Digital

अपराध नहीं करने का लेते हैं संकल्प 

इस मंदिर में यह भी मान्यता है कि किसी अपराधी की जब मन्नत पूरी होती है तो माता के सामने खड़े होकर भविष्य में अपराध नहीं करने का संकल्प लेते हैं। मंदिर में हथकड़ी चढ़ाने आने वाले लोग गुप्त तरीके से यहां आते हैं और चुपचाप हथकड़ी टांग कर चले जाते हैं। सार्वजनिक रूप से किसी अपराधी को यहां हथकड़ी टांगते हुए किसी ने नहीं देखा है ।

 

विज्ञापन

पशु बलि और शराब चढ़ाने की भी थी परंपरा

घने जंगलों से घिरे स्थान पर पहले मन्नत पूरी होने पर पशु बलि और शराब चढ़ाने की भी परंपरा थी लेकिन प्रमुख जैन साध्वी यश कंवर जी महाराज साहब और जोगणिया माता शक्ति पीठ के अध्यक्ष भंवर लाल जोशी के प्रयासों से यहां साल 1974 से पशु बलि पूरी तरह से प्रतिबंधित है। यह आज भी भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ बूंदी और कोटा जिले के लोगों के आस्था का प्रमुख स्थल है। यहां दोनों नवरात्रि पर नौ दिन तक दर्शनार्थियों का मेला लगा रहता है।


 

Thieves-robbers offer handcuffs at Joganiya Mata Temple in Chittorgarh
जोगणिया माता मंदिर - फोटो : Amar Ujala Digital
चोर-डाकू भी जंगलों की वजह से यहां लेते थे शरण 

ऐसी मान्यता है कि यह मंदिर पहले घने जंगलों से घिरा हुआ था और चोर डाकू जंगलों की वजह से यहां शरण लेते थे । उनकी माता के प्रति अगाध आस्था थी। यही वजह है कि जब वे पकड़े जाते और उन्हें सजा हो जाती, तब सजा काटकर सीधे यहां आकर हथकड़ी चढ़ाते थे। अपनी मुराद पूरी होने पर यह हथकड़ी चढ़ाने की परंपरा यहां बरसों से है मगर इस बार जेल के टूटे गेट का ढांचा चढ़ाने से यह सुर्खियों में आ गया ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed