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जयपुर के हॉटस्पॉट वाले इलाके में तैनात जवान ने बताया, कैसे जान हथेली पर रखकर निभा रहे फर्ज
Sat, 02 May 2020 11:11 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sat, 02 May 2020 11:11 AM IST
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जयपुर पुलिस
- फोटो : Twitter
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राजस्थान की राजधानी जयपुर कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित है। राज्य के कोरोना संक्रमण के आधे से ज्यादा मामले राजधानी में ही सामने आए है। जयपुर का रामगंज इलाका कोविड-19 का हॉटस्पॉट बना हुआ है। यहां ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने बताया कि कैसे वह जान हथेली पर लेकर लॉकडाउन लागू करा रहे हैं और लोगों को वायरस से बचाने में लगे हुए हैं।
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जयपुर के रामगंज इलाके में तैनात 42 वर्षीय हेड कांस्टेबल ने बताया कि वह अपने साथ केवल 200 मिली की सैनिटाइजर की बोतल और एक लीटर पानी की बोतल लेकर जाते हैं। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर ग्लव्स, मास्क और टोपी लगाते हुए जाना पड़ता है। मन में केवल यही ख्याल रहता है कि ड्यूटी तो करनी है, डर कर क्या होगा। हेड कांस्टेबल पिछले एक महीने से जयपुर के सबसे बड़े हॉटस्पॉट वाले इलाके रामगंज में तैनात हैं।
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हेड कांस्टेबल ने कहा, 'मेरी ड्यूटी रामगंज में है, मैं वहां अपनी पानी की बोतल भी जमीन पर रखने से डरता हूं। साथ ही ड्यूटी के दौरान पानी की छोटी घूंट लेता हूं।' उन्होंने बताया कि सभी दुकानें बंद हैं, इसलिए वह पानी की दूसरी बोतल भी नहीं खरीद पाते हैं।
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उन्होंने कहा, 'मैं वहां के निवासियों से भी पानी नहीं लेता हूं, क्योंकि हो सकता है उसमें वायरस हो।' कांस्टेबल ने बताया कि वह पिछले 26 साल से राजस्थान पुलिस में हैं और उन्होंने ऐसे हालात कभी नहीं देखें।
कांस्टेबल ने बताया कि वह पिछले 10 दिनों से रात की शिफ्ट में काम कर रहे हैं, इस दौरान वह रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक काम करते हैं। उन्होंने बताया कि हमें सात दिन में एक दिन छुट्टी मिलती है, लेकिन उन्हें 30 दिनों में केवल एक दिन की छुट्टी मिली है। उन्हें उम्मीद है कि इस सप्ताह शायद एक छुट्टी मिल जाए।
रामगंज पुलिस स्टेशन के एक पुलिसकर्मी के कोरोना संक्रमित होने के बाद वह एक गेस्ट हाउस में शिफ्ट हो गए। उन्होंने कहा, 'इस घटना के बाद पुलिस बल में हडकंप मच गया। इससे पहले, मैं पुलिस लाइंस में बैरक में रह रहा था। हम सभी ने एक-दूसरे की प्लेटों से खाना खाया, पानी की बोतलें साझा कीं, एक ही कुर्सी और बेड पर बैठे। लेकिन अब, मैं वहां बिल्कुल भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा हूं। अब हम अपनी खुद की जेब से एक कमरे के लिए 200 रुपये का भुगतान करते हैं और वहीं रह रहे हैं।'
जयपुर उन 13 शहरी केंद्रों में शामिल है, जहां देश में कोविड-19 मामलों की आधी से अधिक संख्या है। पिछले चार हफ्तों से हेड कांस्टेबल रामगंज में एक पिकेट पर होमगार्ड के साथ तैनात है, जहां मार्च के अंत से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा हुआ है। इस क्षेत्र में लगभग 1,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।