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सुरंग बनाकर बैंक में सेंधमारी की साजिश नाकाम, गिरफ्त में आए चार बदमाश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 17 Mar 2017 01:57 PM IST
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alwar police
- फोटो : Demo pic
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अलवर जिले में 27 फरवरी को तिजारा तहसील के शेखपुर कस्बे में पंजाब नेशनल बैंक में सेंधमारी के लिए सुरंग बनाकर चोरी का प्रयास करने वाले गिरोह के चार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सुरंग बनाकर बैंक में घुसे चारों बदमाश लाखों रुपए के नोटों से भरी सेफ को तोड़ने में कामयाब नहीं हो सके थे। इस संबंध में बैंक के मैनेजर ने तिजारा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
पुलिस अधीक्षक अलवर राहुल प्रकाश ने बताया कि ताजलका निवासी आरोपी जसवन्त यादव, शेखपुर निवासी ईनाम मेव, जोजाका निवासी खिल्लू मेव तथा ताजलका निवासी युसुफ मेव है। पूछताछ में सामने आया कि नोटबन्दी के दौरान हुई आर्थिक तंगी से उबरने के लिए बदमाशों को रुपयों की जरुरत थी। तब उन्होंने दिसंबर 2016 में वारदात की साजिश रची।
गिरोह में शामिल जसवन्त यादव की पंजाब नेशनल बैंक के पास मोबाइल की दुकान है। वहीं, आरोपी इनाम की बैंक के सामने ही टायर पंचर की दुकान है। साथ ही, ईनाम ने ही बैंक के पीछे की दीवार वाला खेत भी बंटाई पर ले रखा है। इससे किसी को शक भी नहीं होगा।
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पुलिस अधीक्षक अलवर राहुल प्रकाश ने बताया कि ताजलका निवासी आरोपी जसवन्त यादव, शेखपुर निवासी ईनाम मेव, जोजाका निवासी खिल्लू मेव तथा ताजलका निवासी युसुफ मेव है। पूछताछ में सामने आया कि नोटबन्दी के दौरान हुई आर्थिक तंगी से उबरने के लिए बदमाशों को रुपयों की जरुरत थी। तब उन्होंने दिसंबर 2016 में वारदात की साजिश रची।
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गिरोह में शामिल जसवन्त यादव की पंजाब नेशनल बैंक के पास मोबाइल की दुकान है। वहीं, आरोपी इनाम की बैंक के सामने ही टायर पंचर की दुकान है। साथ ही, ईनाम ने ही बैंक के पीछे की दीवार वाला खेत भी बंटाई पर ले रखा है। इससे किसी को शक भी नहीं होगा।
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आरोपी ईनाम ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए दी सूचना
aaropi arrest
- फोटो : Demo pic
19 दिसम्बर की रात को आरोपियों ने पीएनबी की दीवार को तोड़ने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए। तब आरोपियों ने तोड़ी हुई दिवार को ढकने के लिये कपास की छड़िया लगा दी। वारदात में अन्य साथियों से सहयोग नहीं मिलने पर चारों आरोपियों ने 25 व 26 फरवरी, 2017 की रात को बैंक की दीवार व फर्श तोड़कर सुरंग बनाई।
वे बैंक के स्ट्रांग रूम के अन्दर तक चले गए। वहां लाखों रुपयों से भरी सेफ को तोड़ने में सफल नहीं हुए। अगले दिन सुबह 4 बजे आरोपी ईनाम ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए सूचना दी कि कुछ बदमाश बैंक की दीवार तोड़ रहे थे। जो कि हल्ला होने पर बोलेरो में बैठकर भाग निकले है।
इसके बाद पुलिस ने तहकीकाम शुरु की तो वारदात का खुलासा किया। पहले भी दिसम्बर, 2016 में इस गिरोह ने बैंक में सेंधमारी का प्रयास किया था। लेकिन सफल नहीं हुए थे।
वे बैंक के स्ट्रांग रूम के अन्दर तक चले गए। वहां लाखों रुपयों से भरी सेफ को तोड़ने में सफल नहीं हुए। अगले दिन सुबह 4 बजे आरोपी ईनाम ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए सूचना दी कि कुछ बदमाश बैंक की दीवार तोड़ रहे थे। जो कि हल्ला होने पर बोलेरो में बैठकर भाग निकले है।
इसके बाद पुलिस ने तहकीकाम शुरु की तो वारदात का खुलासा किया। पहले भी दिसम्बर, 2016 में इस गिरोह ने बैंक में सेंधमारी का प्रयास किया था। लेकिन सफल नहीं हुए थे।