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'जनमत से नहीं अनुकंपा से प्रधानमंत्री बने थे नेहरू'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Updated Thu, 15 Nov 2018 08:19 AM IST
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भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी
- फोटो : Twitter
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कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर के बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है। थरूर ने कहा था कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की वजह से एक चायवाला देश का प्रधानमंत्री बन गया। उनके इस बयान पर भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए जयपुर में कहा कि नेहरू पहली बार अनुकंपा से प्रधानमंत्री बने थे जबकि मोदी जनसमर्थन से स्पष्ट बहुमत पाने वाले पीएम हैं।
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भाजपा प्रवक्ता ने कहा, 'नेहरू जी जब पहली बार प्रधानमंत्री बने तो अनुकंपा से बने थे।' मंगलवार को एक कार्यक्रम में शशि थरूर ने कहा था, 'हमारे यहां एक चायवाला प्रधानमंत्री है तो यह इस वजह से संभव हुआ है क्योंकि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने ऐसा संस्थागत ढांचा खड़ा किया कि कोई भी भारतीय इस उच्चतम पद की आकांक्षा रखकर यहां तक पहुंच सके।'
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त्रिवेदी ने कहा, 'भारत के राजनीतिक इतिहास में केवल दो प्रधानमंत्री ऐसे हुए हैं जो पीएम बनने से बरसों पहले जन आकांक्षा के केंद्र बने और जनता ने कहा कि इन्हें पीएम होना चाहिए। इनमें से एक अटल बिहारी वाजपेयी तो दूसरे नरेंद्र मोदी हैं। बाकी सभी कुर्सी पर आकर नेता बने थे। पीएम बनने से पहले उन्हें उनकी पार्टी में भी कोई नेता तक नहीं मानता था। विनम्रता के साथ इसमें नेहरू जी भी शामिल हैं।'
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सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा, 'मोदी देश के अकेले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने जमसमर्थन से पहली बार स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। नेहरू जी जब पहली बार पीएम बने थे तो अनुंकपा से बने थे। कांग्रेस का जनसमर्थन सरदार वल्लभ भाई पटेल के पक्ष में था। इंदिरा गांधी जब प्रधानमंत्री बनी थीं तो जनसमर्थन से नहीं बल्कि सिंडिकेट से बनी थीं।' उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता थरूर और मल्लिकार्जुन खड़गे को अपनी मार्कसिस्ट मानसिकता से बाहर आना चाहिए।
त्रिवेदी ने जाकिर नाइक के दरिए कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस को जाकिर नाइक में शांति का मसीहा नजर आता है। कांग्रेस को हाफिज में साहब नजर आता है। कांग्रेस को ओसामा में जी नजर आता है। ऐसे दुर्दान्त आतंकवादियों में भी कांग्रेस को श्रेष्ठता नजर आती है। संघ पर कांग्रेस द्वारा प्रतिबंध लगाने पर उन्होंने कहा कि संघ को लेकर कांग्रेस के अंदर खौफ और मतिभ्रम इस कदर छाया है कि वो कभी हकीकत नहीं देख पाते, आज नेहरू जी का जन्मदिन है। नेहरू जी ने संघ पर प्रतिबंध लगाया था, परन्तु देश के लिए जब बात आई तो 1962 युद्ध के समय संघ ने इस कदर सरकार का सहयोग किया जिसकी नेहरू जी प्रशंसा की थी।