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Rajasthan: छात्रसंघ चुनाव नहीं होंगे, कुलपतियों-अधिकारियों के साथ बैठक, सरकार ने लिया फैसला, छात्र नेता निराशा
Sun, 13 Aug 2023 07:16 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sun, 13 Aug 2023 07:16 PM IST
सार
सरकार के इस फैसले से छात्र संघ चुनाव में दावेदारी कर रहे छात्र नेताओं में भारी नाराजगी हो गई है। यूनिवर्सिटी के बाहर छात्र नेताओं ने सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन का पुतला दहन किया।
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चुनाव की तैयारी कर रहे छात्र नेताओं में नाराजगी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान सरकार ने 2023- 24 के शैक्षणिक सत्र में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने का फैसला लिया है। राजस्थान की यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में इस साल चुनाव नहीं होंगे। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से शनिवार को सभी कुलपतियों और उच्चाधिकारियों की बैठक में यह फैसला लिया गया है।
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छात्र संघ चुनाव नहीं करवाए जाने का फैसला लेने के बाद सभी विश्वविद्यालयों को इस फैसले की जानकारी के लिए पत्र भेज दिया गया है । जिसमें कहा गया है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के इंप्लीमेंटेशन की चुनौती, विश्वविद्यालयों की विभिन्न परीक्षाओं के परिणाम में हो रही देरी और मौजूदा चालू सत्र के लिए प्रवेश में देरी से 180 दिन का टीचिंग कार्य कराना चुनौतीपूर्ण होने सहित विभिन्न कारणों से यह फैसला लिया गया है।
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उच्च शिक्षा विभाग ने छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने के संबंध में लिखा पत्र
इसके अलावा सालों से लगातार हो रहे चुनाव में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों की पालना करवाने की चुनौतियों को भी कारण बताया जा रहा है। राज्य में इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं, उससे पहले छात्रसंघ के चुनाव कराने के मूड में सरकार नजर नहीं आ रही है। क्योंकि उससे अनावश्यक रूप से परफॉर्मेंस का प्रेशर पड़ता है। सरकार का पूरा फोकस जनहित की ज्यादा से ज्यादा योजनाओं के इम्पलीमेंटेंशन पर फिलहाल है।
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बैठक में चर्चा का विषय धनबल और बाहुबल का प्रयोग भी रहा। जिससे स्टूडेंट्स की पढ़ाई बाधित होने और हंगामे और चुनावी शोर के कारण पढ़ाई का माहौल बिगाड़ने को भी कारण माना गया। साथ ही एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट में छात्रों का रजिस्ट्रेशन, सेमेस्टर व्यवस्था लागू करने, इंस्टीट्यूशन डेवलपमेंट प्लान, नेक की ओर से शिक्षा की गुणवत्ता के मूददे भी सामने आए। ऐसे में चुनाव करना संभव नहीं है। बैठक में कुलपतियों ने स्टूडेंट्स के छात्र संघ चुनाव में धनबल और बाहुबल का खुलकर प्रयोग करने और लिंगदोह समिति की सिफारिश का उल्लंघन होने की स्थिति स्पष्ट की। इस संबंध में उच्च शिक्षा सचिव ने शासन चुनाव नहीं करवाने के संबंध में यह पत्र लिखा है।
छात्र संघ चुनाव में दावेदारी कर रहे छात्र नेताओं में नाराजगी
सरकार के इस फैसले से छात्र संघ चुनाव में दावेदारी कर रहे छात्र नेताओं में भारी नाराजगी हो गई है। यूनिवर्सिटी के बाहर छात्र नेताओं ने बीती रात सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन का पुतला दहन किया। चुनाव की मांग को लेकर राजस्थान यूनिवर्सिटी के बाहर छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को भी हुआ था। सड़क जाम करने पर पुलिस की ओर से उन्हें खदेड़ दिया गया था।