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पुनर्वासितों को मकान बनने तक सरकार देगी किराया
जयपुर/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 26 Oct 2012 05:53 PM IST
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अमानीशाह नाले के बहाव क्षेत्र से पुनर्वासित किए जाने वाले परिवारों को उनका अपना मकान बनाने तक राज्य सरकार छह महीनों तक 1500 रूपये देगी। यह राशि प्रति परिवार हर महीने दी जाएगी। साथ ही प्रभावित का आवेदन स्वीकृत होने के बाद 15 दिनों में लॉटरी से मकान व भूखण्ड आवंटित किए जाएंगे। पुनर्वास योजना के मुताबिक जिन परिवारों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे उन्हें अपना मकान बनाने के लिए राज्य सरकार 55 हजार रुपए अनुदान के तौर पर देगी। योजना के लिए नोडल एजेंसी जेडीए होगा।
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इसके अलावा अफोरडेबल हाउसिंग पॉलिसी के तहत पुनर्वासित होने वाले परिवारों को 325 वर्ग फुट एरिया में आवास दिए जाएंगे, इसकी लागत 850 रुपए प्रतिवर्ग फुट से ली जाएगी। इसमें सरकार 55 हजार रुपए अनुदान देगी, और शेष रकम बीस त्रैमासिक किश्तों में देनी होगी। पुनर्वासित किए जाने वाले परिवारों को नए आवासों तक घरेलू सामान को परिवहन करने में सहयोग के लिए संबंधित निकाय द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रक व अन्य वाहन निशुल्क मुहैया करवाया जाएगा।
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प्रभावित का आवेदन प्राप्त होने के बाद सात दिवस की अवधि में संबंधित अधिकारी उसका सत्यापन करवाएगा। इसमें फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी और दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा। सत्यापन के बाद आवेदन पुनर्वास प्रकोष्ठ को भिजवाया जाएगा। आवेदन स्वीकृत होने के बाद संबंधित जोन अधिकारी आवेदन प्राप्त होने के बाद 15 दिनों में लॉटरी से मकान व भूखण्ड आवंटित करेगा।
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नाले के बहाव क्षेत्र में आने वाले प्रकरणों में आवासों एवं अतिक्रमणों के चिन्हीकरण की कार्रवाई संबंधित निकाय करेगी। चिह्निकरण के दौरान जिन परिवारों के स्वयं के रिहायशी मकान नाले के प्रवाह क्षेत्र में हैं तथा जिन्हें हटाया जाना है, उस परिवार के मुखिया या अन्य व्यस्क सदस्य द्वारा प्रपत्र एक में पुनर्वास के लिए आवेदन प्रस्तुत करना होगा। निकाय के नोटिस जारी होने के 30 दिनों की अवधि में आवेदन प्रस्तुत करना होगा।