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अनोखा संयोग: जान गंवाने वाले दो दोस्तों का 'पुनर्जन्म'? नसबंदी खुलवाकर माताओं ने बेटों को दिया जन्म

Wed, 07 Oct 2026 08:44 PM IST
नागौर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़ Published by: नागौर ब्यूरो Updated Wed, 07 Oct 2026 08:44 PM IST
सार

चित्तौड़गढ़ के निलिया महादेव झरने में हादसे में जान गंवाने वाले दो दोस्तों की माताओं ने नसबंदी खुलवाने के बाद दोबारा मातृत्व सुख पाया। दोनों ने 12 घंटे के अंतराल पर पुत्रों को जन्म दिया। अंतिम संस्कार के समय में भी 12 घंटे का अंतर होने के कारण परिजन इसे पुनर्जन्म का संयोग मान रहे हैं।

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Uncanny Coincidence Two Friends Reborn Mothers Reverse Tubectomy to Give Birth to Baby Boys
नसबंदी खुलवाकर माताओं ने दिया बेटों को जन्म - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मोकलपुर और सातलावास के निवासियों को एक अनोखे प्राकृतिक संयोग ने अचंभित कर दिया है। चित्तौड़गढ़ स्थित निलिया महादेव झरने में डूबकर जान गंवाने वाले दो युवा दोस्तों के परिवारों में एक वर्ष, दो महीने और 21 दिन बाद दो नवजात शिशुओं की किलकारियां गूंजी हैं। दोनों माताओं ने महज 12 घंटे के अंतराल पर दो पुत्रों को जन्म दिया है। स्थानीय निवासी और परिजन इस सुखद घटनाक्रम को दोनों मृत दोस्तों का पुनर्जन्म मानकर खुशियां मना रहे हैं।
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नसबंदी खुलवाकर माताओं ने पाया मातृत्व सुख
दोनों दिवंगत युवकों नरेंद्र बेड़ा और नरेंद्र मुंवाल की माताओं ने पूर्व में परिवार नियोजन के तहत नसबंदी करवा ली थी। 14 जुलाई 2025 को चित्तौड़गढ़ के निलिया महादेव झरने में पिकनिक मनाने के दौरान नरेंद्र बेड़ा, नरेंद्र मुंवाल और उनके साथी प्रदीप विश्नोई की पानी में डूबने से मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद दोनों माताओं ने नसबंदी खुलवाने का फैसला किया। चिकित्सीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों महिलाओं ने पुनः गर्भधारण किया और एक वर्ष, दो महीने तथा 21 दिन बाद बालकों को जन्म दिया।
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अंतिम संस्कार और जन्म के समय में भी अनूठा संयोग
इस घटनाक्रम में एक अद्भुत समय संयोग भी सामने आया है। हादसे वाले दिन ही नरेंद्र बेड़ा का शव मिल गया था और परिजनों ने उसी दिन उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। दूसरी ओर, नरेंद्र मुंवाल का शव 12 घंटे बाद मिला, जिसके कारण परिजनों ने अगले दिन उसका अंतिम संस्कार किया। अब ठीक इसी क्रम में नरेंद्र बेड़ा की मां ने पहले बेटे को जन्म दिया और उसके ठीक 12 घंटे बाद नरेंद्र मुंवाल की मां ने दूसरे बालक को जन्म दिया। इस अनोखे संयोग ने दोनों परिवारों में खुशी की लहर दौड़ा दी है। स्थानीय लोग और परिजन इसे दोनों दिवंगत दोस्तों के पुनर्जन्म से जोड़कर देख रहे हैं।
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