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Sirohi News: रामरंग धाम डकैती मामले में 6 आरोपी दोषमुक्त, न्यायाधीश ने पुलिस अनुसंधान पर सवाल उठाए
Thu, 19 Dec 2024 10:41 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Thu, 19 Dec 2024 10:41 PM IST
सार
सिरोही सेशन न्यायालय ने 2016 के रामरंग धाम आश्रम डकैती और हत्या मामले में 6 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। न्यायाधीश रूपा गुप्ता ने पुलिस निरीक्षक मीठूलाल की निम्न स्तर की जांच पर तल्ख टिप्पणी करते हुए डीजीपी को उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई और विशेष प्रशिक्षण कराने के निर्देश दिए।
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न्यायालय सिरोही।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सिरोही सेशन न्यायाधीश सिरोही रूपा गुप्ता की कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में 8 साल पूर्व रामरंग धाम आश्रम खांबल में डकैती को लेकर हुए हमले के मामले में 6 आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। मामले में सेशन न्यायाधीश द्वारा तत्कालीन थानाधिकारी एवं जांच अधिकारी के खिलाफ तल्ख टिप्पणी करते हुए डीजीपी को विभागीय कारवाई करवाने एवं उनका विशेष प्रशिक्षण करवाने के आदेश दिए गए हैं।
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गौरतलब है कि सिरोही सेशन न्यायाधीश सिरोही रूपा गुप्ता द्वारा साल 2016 में श्री रामरंग धाम आश्रम खांबल में महंत और उनके भाविकों पर डकैती के उद्देश्य से किए हमले में एक ही हत्या होने के मामले में निम्न स्तर का अनुसंधान करने पर 6 लोगों को दोषमुक्त करार दिया। इस मामले में न्यायालय ने माना कि हत्या, डकैती जैसे मामले में भी अनुसंधान करने वाले तत्कालीन थानाधिकारी ने निम्न स्तर का अनुसंधान किया। जयपुर डीजीपी को जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करवाने एवं विशेष प्रशिक्षण करवाने के आदेश दिए गए हैं।
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इसमें रामरंग धाम आश्रम खांबल में महंत सूरदास व उनके भाविकों पर डकैती के प्रयोजन से मध्य रात्रि में हुए हमले में भाविक अहमदाबाद निवासी कन्हैयालाल प्रजापत की हत्या की गई थी। उस दौरान महंत सूरदास व मंगलसिंह आदि भाविक घायल हो गए थे। इस मामले में 8 अगस्त 2016 को परिवादी मंगलसिंह ने सिरोही कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
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अनुसंधान कैसे किया जाए इसके प्रशिक्षण की आवश्यकता
न्यायालय की टिप्पणी में सेशन न्यायाधीश सिरोही ने माना कि हत्या जैसे जधन्य अपराध में अनुसंधान अधिकारी पुलिस निरीक्षक मीठूलाल ने निम्न स्तर का अनुसंधान किया। इसी मामले में सेशन न्यायाधीश सिरोही रूपा गुप्ता ने सुनवाई करते हुए पुलिस की ओर से पकड़े 6 लोगों को ठोस साक्ष्य नहीं होने और अनुसंधान में खामियां होने पर उन्हें दोषमुक्त करार दिया। सेशन न्यायाधीश सिरोही रूपा गुप्ता के आदेश में कहा- हत्या व डकैती जैसे मामले में पुलिस निरीक्षक को विशेषण प्रशिक्षण दिया जाए। हत्या जैसे जधन्य अपराध में अनुसंधान अधिकारी पुलिस निरीक्षक मिठुलाल ने बहुत निम्न स्तर का अनुसंधान किया है। इससे आरोपियों के विरुद्ध आरोप साबित करने के लिए साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस निरीक्षक वर्तमान में पीटीएस खेरवाड़ा में कार्यरत होकर पुलिसकर्मियों व अधिकारियों को प्रशिक्षण देता है। इस पुलिस निरीक्षक को अनुसंधान किस प्रकार किया जाता है। उन्हें ऐसे मामले में विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता है।
प्रकरण में किया निम्न स्तर का अनुसंधान
न्यायाधीश रूपा गुला के अनुसार अनुसंधान अधिकारी ने बेहद ही निम्न स्तर का अनुसंधान कर प्रकरण में बहुत कमियां रखी। आरोपियों के विरुद्ध ऐसी कोई लैस मात्र भी ठोस साक्ष्य नहीं थी, जिससे उन्हे न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध किया जा सके। लोक अभियोजक, सिरोही डॉ. लक्ष्मणसिंह बाला के अनुसार अनुसंधान में अनुसंधान अधिकारी ने घटनास्थल से चांस प्रिंट लिए थे। लेकिन, उनका आरोपियों के चांस प्रिंट से मिलान नहीं करवाया। घटनास्थल से खाई हुई सेव बरामद की गई। इस पर पाए गए सलाइवा व आरोपियों के सलाइवा से मिलान के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला में नहीं भेजे गए। आरोपियों के पास मोबाइल होने की उनकी घटनास्थल पर उपस्थिति बाबत लोकेशन को ट्रेस नहीं किया गया। इस मामले में न्यायालय ने माना कि निम्न स्तर की जांच होने से आरोपियों के विरुद्ध आरोप साबित करने के सबूत नहीं मिले हैं।