{"_id":"65ccbda0a13955d6ae00c277","slug":"sirohi-four-people-hit-by-a-speeding-car-died-during-treatment-2024-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirohi: तेज रफ्तार कार की चपेट में आने वाले चार लोगों की इलाज के दौरान मौत, आबूरोड-चेक पोस्ट एरिया का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirohi: तेज रफ्तार कार की चपेट में आने वाले चार लोगों की इलाज के दौरान मौत, आबूरोड-चेक पोस्ट एरिया का मामला
Wed, 14 Feb 2024 06:48 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 14 Feb 2024 06:48 PM IST
सार
सिरोही जिले के आबूरोड में दो दिन पहले अनियंत्रित एवं तेज रफ्तार कार के कहर का मामला सामने आया था। वहीं, हादसे में घायल चार लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामला आबूरोड रीको थाना के पुराना चेकपोस्ट क्षेत्र का है।
विज्ञापन
रीको आबूरोड पुलिस थाना
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सिरोही में आबूरोड शहर के पुराना चेकपोस्ट क्षेत्र में गत सोमवार शाम को अनियंत्रित एवं तेज रफ्तार कार की टक्कर से घायल 12 लोगों में से चार की इलाज के दौरान मौत हो गई। शेष घायलों का इलाज जारी है। इसके बावजूद न तो आबूरोड जिला परिवहन विभाग की ओर से और न ही पुलिस प्रशासन इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोकने के प्रति कतई गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
घटना के बाद प्रशासन द्वारा सड़क पर लिए गए स्थाई एवं अस्थाई अतिक्रमणों को हटवा दिया गया है। पुलिस के अनुसार, इस दुर्घटना में घायल चतराफली, सियावा निवासी समराम पुत्र मनाराम गरासिया, सियावा निवासी शंकर पुत्र हरचंद गरासिया, छापरी निवासी अर्जुन पुत्र बसूरा गरासिया एवं खापा निवासी गेनाराम पुत्र निंबाराम गरासिया की इलाज के दौरान मौत हो गई।
विज्ञापन
मामले में गौरतलब पहलू यह है कि शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में बीते लंबे समय से यातायात नियमों की अवहेलना कर वाहन चलाने वाले लोगों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है। गुजरात की ओर आवाजाही करने वाले अधिकांश वाहन चालक शराब का सेवन कर धड़ल्ले से गुजर जाते हैं। लेकिन न तो परिवहन विभाग ओर न ही पुलिसकर्मी इन्हें रोकने टोकने की जरूरत समझते हैं। कमोबेश यही स्थिति रेवदर एवं भाखर अंचल मार्गों की है। इसके बाद भी जिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता पूरी कर लेते हैं।
विज्ञापन