{"_id":"683ffa59545c9a74b305dc01","slug":"ban-on-transfer-sale-and-registration-of-properties-of-adarsh-co-operative-society-action-by-joint-secretary-finance-sirohi-news-c-1-1-noi1344-3023129-2025-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirohi: आदर्श को-ऑपरेटिव सोसायटी की संपत्तियों के हस्तांतरण व बेचान पर लगी रोक, संयुक्त सचिव वित्त की कारवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirohi: आदर्श को-ऑपरेटिव सोसायटी की संपत्तियों के हस्तांतरण व बेचान पर लगी रोक, संयुक्त सचिव वित्त की कारवाई
Wed, 04 Jun 2025 02:01 PM IST
सिरोही ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: सिरोही ब्यूरो
Updated Wed, 04 Jun 2025 02:01 PM IST
सार
संयुक्त सचिव वित्त डॉ. खुशाल यादव ने आदर्श को-ऑपरेटिव सोसायटी घोटाले को लेकर आदेश जारी कर सोसायटी की संपत्तियों के हस्तांतरण, बेचान और पंजीयन पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन
राजस्थान
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
आदर्श को-ऑपरेटिव सोसायटी घोटाले को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। इसके तहत संयुक्त सचिव वित्त डॉ. खुशाल यादव ने आदेश जारी कर सोसायटी की संपत्तियों के हस्तांतरण, बेचान और पंजीयन पर रोक लगा दी है। यह रोक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अनुमति के बिना लागू रहेगी। आदेश में सिरोही, जोधपुर और उदयपुर के कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
दरअसल सिरोही के बहुचर्चित आदर्श को-ऑपरेटिव सोसायटी घोटाले में यह सामने आया था कि सोसायटी से जुड़े सदस्यों की संपत्तियों का म्यूटेशन लिक्विडेटर के नाम पर खोल दिया गया था, जबकि इन संपत्तियों पर ईडी की पाबंदी पहले से लागू थी। इस पर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने ईडी के डायरेक्टर, मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों को पत्र लिखकर शिकायत की थी और कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Rajasthan News: कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर 4 व 5 जून को सरकारी व निजी अस्पतालों में मॉकड्रिल
विज्ञापन
लोढ़ा ने शिकायत में कहा था कि ईडी की रोक के बावजूद सिरोही में राजस्व अधिकारियों ने लिक्विडेटर के नाम पर म्यूटेशन खोल दिया, जिससे 22 बीघा जमीन की औने-पौने दाम में नीलामी की आशंका है। उन्होंने इस मामले में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए।
शिकायत के बाद वित्त विभाग ने यह स्पष्ट आदेश जारी किया कि ईडी की पूर्व अनुमति के बिना सोसायटी अथवा उससे जुड़े किसी व्यक्ति की जब्तशुदा अचल संपत्तियों का किसी भी रूप में हस्तांतरण, बिक्री या रजिस्ट्री नहीं की जा सकेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित जिलों के कलेक्टरों को आदेश की पालना के निर्देश दिए गए हैं।