बीजेपी का दबदबा या कांग्रेस की चुनौती?: संभागवार नतीजों में दिखी राजस्थान की अलग-अलग तस्वीर
राजस्थान निकाय चुनाव के संभागवार नतीजों में भाजपा का दबदबा दिखा, जबकि जयपुर और कोटा समेत कुछ संभागों में कांग्रेस ने मुकाबला बनाए रखा।
विस्तार
राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में अध्यक्ष, सभापति और महापौर पदों के नतीजों ने राज्य की सियासी तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। 301 निकायों में हुए चुनाव में भाजपा ने 197 निकायों में जीत दर्ज कर स्पष्ट बढ़त बनाई, जबकि कांग्रेस 94 निकायों में अध्यक्ष पद हासिल कर सकी। सात निकायों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी। वहीं आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी और भाकपा (माले) को एक-एक निकाय में जीत मिली।
संभागवार तस्वीर देखें तो भाजपा ने सभी सात संभागों में कांग्रेस से ज्यादा निकायों में अध्यक्ष पद जीते। हालांकि हर संभाग में मुकाबला एक जैसा नहीं रहा। जोधपुर में भाजपा का दबदबा सबसे ज्यादा दिखाई दिया, जबकि जयपुर और कोटा संभाग में कांग्रेस ने भाजपा को अपेक्षाकृत कड़ी टक्कर दी।
जयपुर संभाग: भाजपा 48, कांग्रेस 39
जयपुर संभाग में कुल 88 नगरीय निकाय शामिल हैं। यहां भाजपा ने 48 निकायों में अध्यक्ष पद जीता, जबकि कांग्रेस को 39 निकायों में सफलता मिली। एक निकाय में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहा।
कुल निकायों के लिहाज से भाजपा की हिस्सेदारी 54.5 प्रतिशत और कांग्रेस की 44.3 प्रतिशत रही। यह ऐसा संभाग रहा जहां दोनों प्रमुख दलों के बीच मुकाबला राज्य के दूसरे संभागों की तुलना में सबसे ज्यादा करीबी रहा।
शामिल जिले: अलवर, दौसा, जयपुर, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और सीकर।
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अजमेर संभाग: भाजपा की बड़ी बढ़त
अजमेर संभाग के 52 नगरीय निकायों में भाजपा ने 36 अध्यक्ष पदों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को 14 निकायों में सफलता मिली, जबकि एक-एक निकाय निर्दलीय और आरएलपी के खाते में गया। यहां भाजपा की हिस्सेदारी 69.2 प्रतिशत रही, जबकि कांग्रेस 26.9 प्रतिशत निकायों तक सीमित रही। संभाग के नतीजों में भाजपा और कांग्रेस के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई दिया।
शामिल जिले: अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, नागौर और टोंक।
जोधपुर संभाग: भाजपा का सबसे मजबूत प्रदर्शन
जोधपुर संभाग भाजपा के लिए सबसे मजबूत रहा। यहां कुल 40 नगरीय निकायों में से भाजपा ने 35 में अध्यक्ष पद हासिल किया। कांग्रेस को केवल पांच निकायों में सफलता मिली।
भाजपा ने 87.5 प्रतिशत निकायों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस की हिस्सेदारी 12.5 प्रतिशत रही। यानी संभाग के अधिकांश निकायों में भाजपा का कब्जा रहा।
शामिल जिले: बालोतरा, बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, पाली, फलोदी और सिरोही।
बीकानेर संभाग: भाजपा आगे, कांग्रेस को 10 निकाय
बीकानेर संभाग के 35 निकायों में भाजपा ने 22 अध्यक्ष पद जीते। कांग्रेस को 10 निकायों में सफलता मिली। दो निकाय निर्दलीयों के खाते में गए, जबकि एक निकाय में भाकपा (माले) ने जीत दर्ज की।
भाजपा की हिस्सेदारी 62.9 प्रतिशत और कांग्रेस की 28.6 प्रतिशत रही। इस संभाग में भी भाजपा को स्पष्ट बढ़त मिली, हालांकि कुछ निकायों में निर्दलीय और अन्य दलों ने मुकाबले को प्रभावित किया।
शामिल जिले: बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़।
भरतपुर संभाग: भाजपा ने 23 निकाय जीते
भरतपुर संभाग के 32 नगरीय निकायों में भाजपा ने 23 अध्यक्ष पदों पर कब्जा किया। कांग्रेस को सात निकायों में सफलता मिली, जबकि दो निकाय निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गए।
भाजपा की हिस्सेदारी 71.9 प्रतिशत रही, जबकि कांग्रेस 21.9 प्रतिशत निकायों में जीत दर्ज कर सकी। संभाग के नतीजों में भाजपा को कांग्रेस पर स्पष्ट बढ़त मिली।
शामिल जिले: भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर।
उदयपुर संभाग: भाजपा 18, कांग्रेस 9
उदयपुर संभाग के 28 निकायों में भाजपा ने 18 अध्यक्ष पद जीते। कांग्रेस को नौ निकायों में सफलता मिली, जबकि एक निकाय निर्दलीय के खाते में गया।
भाजपा ने 64.3 प्रतिशत निकायों में जीत दर्ज की। कांग्रेस की हिस्सेदारी 32.1 प्रतिशत रही। आदिवासी अंचल वाले इस संभाग में भी अध्यक्ष पदों के स्तर पर भाजपा कांग्रेस से आगे रही।
शामिल जिले: बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर और उदयपुर।
कोटा संभाग: भाजपा 15, कांग्रेस 10
कोटा संभाग के 26 निकायों में भाजपा ने 15 अध्यक्ष पद जीते, जबकि कांग्रेस को 10 निकायों में सफलता मिली। एक निकाय आम आदमी पार्टी के खाते में गया।
भाजपा की हिस्सेदारी 57.7 प्रतिशत रही, जबकि कांग्रेस ने 38.5 प्रतिशत निकायों में जीत दर्ज की। सातों संभागों में जयपुर के बाद कोटा ऐसा संभाग रहा जहां दोनों प्रमुख दलों के बीच मुकाबला अपेक्षाकृत करीबी रहा।
शामिल जिले: बारां, बूंदी, झालावाड़ और कोटा।
राज्यभर की तस्वीर
संभागवार परिणामों से साफ है कि अध्यक्ष पदों के चुनाव में भाजपा ने सभी सात संभागों में कांग्रेस से अधिक निकायों पर जीत दर्ज की। जोधपुर संभाग में भाजपा का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा, जहां उसने 40 में से 35 निकाय जीते। इसके विपरीत जयपुर संभाग में भाजपा और कांग्रेस के बीच अंतर सबसे कम रहा।
राज्यस्तर पर 301 निकायों में भाजपा के 197 अध्यक्ष बने, जबकि कांग्रेस को 94 निकायों में सफलता मिली। निर्दलीयों ने सात, जबकि आप, भाकपा (माले) और आरएलपी ने एक-एक निकाय में अध्यक्ष पद हासिल किया।
इन परिणामों में एक महत्वपूर्ण बात यह भी रही कि जहां भाजपा ने अधिकांश संभागों में स्पष्ट बढ़त बनाई, वहीं जयपुर और कोटा जैसे संभागों में कांग्रेस ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करते हुए भाजपा को कड़ी चुनौती दी।
1.राज्यस्तरीय परिणाम
|
पार्टी |
जीती गई सीटें |
प्रतिशत |
कुल निकाय |
|---|---|---|---|
|
भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
197 |
65.4% |
301 |
|
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) |
94 |
31.2% |
301 |
|
निर्दलीय (IND) |
7 |
2.3% |
301 |
|
आम आदमी पार्टी (AAP) |
1 |
0.3% |
301 |
|
भाकपा (माले) (CPM) |
1 |
0.3% |
301 |
|
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) |
1 |
0.3% |
301 |
2. संभागवार पार्टी-प्रदर्शन
|
संभाग |
BJP |
INC |
IND |
AAP |
CPM |
RLP |
कुल |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
|
जयपुर |
48 |
39 |
1 |
0 |
0 |
0 |
88 |
|
अजमेर |
36 |
14 |
1 |
0 |
0 |
1 |
52 |
|
जोधपुर |
35 |
5 |
0 |
0 |
0 |
0 |
40 |
|
बीकानेर |
22 |
10 |
2 |
0 |
1 |
0 |
35 |
|
भरतपुर |
23 |
7 |
2 |
0 |
0 |
0 |
32 |
|
उदयपुर |
18 |
9 |
1 |
0 |
0 |
0 |
28 |
|
कोटा |
15 |
10 |
0 |
1 |
0 |
0 |
26 |
3. संभागवार विवरण
जयपुर संभाग
शामिल जिले: अलवर, दौसा, जयपुर, झुंझुनू, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर
कुल 88 नगर निकायों में से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 48 निकायों (54.5%) पर जीत दर्ज कर सबसे अधिक कब्ज़ा जमाया।
|
पार्टी |
सीटें |
प्रतिशत |
कुल निकाय |
|---|---|---|---|
|
भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
48 |
54.5% |
88 |
|
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) |
39 |
44.3% |
88 |
|
निर्दलीय (IND) |
1 |
1.1% |
88 |
अजमेर संभाग
शामिल जिले: अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, नागौर, टोंक
कुल 52 नगर निकायों में से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 36 निकायों (69.2%) पर जीत दर्ज कर सबसे अधिक कब्जा जमाया।
|
पार्टी |
सीटें |
प्रतिशत |
कुल निकाय |
|---|---|---|---|
|
भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
36 |
69.2% |
52 |
|
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) |
14 |
26.9% |
52 |
|
निर्दलीय (IND) |
1 |
1.9% |
52 |
|
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) |
1 |
1.9% |
52 |
जोधपुर संभाग
शामिल जिले: बालोतरा, बाढ़मेर, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, पाली, फलौदी, सिरोही
कुल 40 नगर निकायों में से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 35 निकायों (87.5%) पर जीत दर्ज कर सबसे अधिक कब्जा जमाया।
|
पार्टी |
सीटें |
प्रतिशत |
कुल निकाय |
|---|---|---|---|
|
भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
35 |
87.5% |
40 |
|
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) |
5 |
12.5% |
40 |
बीकानेर संभाग
शामिल जिले: बीकानेर, चूरू, गंगानगर, हनुमानगढ़
कुल 35 नगर निकायों में से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 22 निकायों (62.9%) पर जीत दर्ज कर सबसे अधिक कब्जा जमाया।
|
पार्टी |
सीटें |
प्रतिशत |
कुल निकाय |
|---|---|---|---|
|
भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
22 |
62.9% |
35 |
|
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) |
10 |
28.6% |
35 |
|
निर्दलीय (IND) |
2 |
5.7% |
35 |
|
भाकपा (माले) (CPM) |
1 |
2.9% |
35 |
भरतपुर संभाग
शामिल जिले: भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर
कुल 32 नगर निकायों में से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 23 निकायों (71.9%) पर जीत दर्ज कर सबसे अधिक कब्जा जमाया।
|
पार्टी |
सीटें |
प्रतिशत |
कुल निकाय |
|---|---|---|---|
|
भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
23 |
71.9% |
32 |
|
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) |
7 |
21.9% |
32 |
|
निर्दलीय (IND) |
2 |
6.3% |
32 |
उदयपुर संभाग
शामिल जिले: बांसवाड़ा, चित्तोड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर, उदयपुर
कुल 28 नगर निकायों में से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 18 निकायों (64.3%) पर जीत दर्ज कर सबसे अधिक कब्जा जमाया।
|
पार्टी |
सीटें |
प्रतिशत |
कुल निकाय |
|---|---|---|---|
|
भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
18 |
64.3% |
28 |
|
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) |
9 |
32.1% |
28 |
|
निर्दलीय (IND) |
1 |
3.6% |
28 |
कोटा संभाग
शामिल जिले: बारां, बूंदी, झालावाड़, कोटा
कुल 26 नगर निकायों में से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 15 निकायों (57.7%) पर जीत दर्ज कर सबसे अधिक कब्जा जमाया।
|
पार्टी |
सीटें |
प्रतिशत |
कुल निकाय |
|---|---|---|---|
|
भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
15 |
57.7% |
26 |
|
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) |
10 |
38.5% |
26 |
|
आम आदमी पार्टी (AAP) |
1 |
3.8% |
26 |