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Sirohi News: बिना वर्क ऑर्डर पेड़ कटाई का ठेका देने पर दो वन अधिकारी निलंबित, 10 लाख की वसूली का आरोप
Thu, 02 Jan 2025 06:29 PM IST
सिरोही ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: सिरोही ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jan 2025 06:29 PM IST
सार
सिरोही में बिना वर्क ऑर्डर के अवैध रूप से पेड़ काटने का ठेका देने के आरोप में सहायक वनपाल मीना विश्नोई और वनपाल किशन सिंह राणावत को निलंबित कर दिया गया है। पीड़ित ठेकेदार अता मोहम्मद ने 10 लाख रुपये लेकर भी परेशान करने का आरोप लगाया है।
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सिरोही। सिरोही में बिना वर्क ऑर्डर के अवैध तरीके से पेड़ काटने का ठेका देने के मामले में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिना वर्क ऑर्डर के अवैध तरीके से पेड़ काटने का ठेका देने के मामले में आरोपी सहायक वनपाल मीना विश्नोई और वनपाल किशन सिंह राणावत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। ये कार्रवाई वन विभाग सिरोही मंडल अधिकारी कस्तूरी प्रशांत सूले की ओर से की गई। आरोप है कि इन अधिकारियों द्वारा इस कार्य के लिए पीड़ित ठेकेदार से 10 लाख रुपये लिए गए हैं। फिलहाल इस कार्य ने विभागीय साख को भी बट्टा लगा दिया है।
इस मामले में पीड़ित ठेकेदार अता मोहम्मद की ओर से अधिकारियों पर 10 लाख रुपये लेने के बाद भी परेशान करने का भी आरोप लगाया गया है। उन्होंने बताया कि सिरोही जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर वन खंड राजल डाबेला में जलेरी माता मंदिर के पास 50 हेक्टेयर वन भूमि स्थित है। इस वन भूमि पर पौधरोपण करवाने के लिए सफाई कार्य करवाया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में मौके पर काफी तादात में विलायती बबूल के पेड़ भी मौजूद थे। आरोप है कि वन विभाग की ओर से इस जगह की सफाई के लिए विलायती बबूल के पेड़ काटने का ठेका 10 लाख रुपये में ठेकेदार अता मोहम्मद को दे दिया गया। इस कार्य की एवज में ठेकेदार की ओर से पांच लाख का अग्रिम भुगतान सहायक वनपाल मीना को दे दिया गया था। बाकी कटाई होने के बाद देना तया हुआ था। दी गई राशि में से चार लाख रुपये देने का वीडियो भी उसके पास उपलब्ध है।
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पांच लाख रुपये अग्रिम देने का बाद भी की गई कारवाई
इस मामले में एसीबी को भेजे ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पांच लाख रुपये सहायक वनपाल को अग्रिम भुगतान देने के बाद उसके द्वारा पेड़ काटने की तीन मशीनें और 25 ट्रैक्टर लगाकर इन विलायती बबूलों की कटाई शुरू करवाई गई थी। इसके बाद भी गत चार दिसंबर को लकड़ी ले जा रहे ट्रक को सिरोही वन मंडल था कि अधिकारी द्वारा पकड़ लिया गया। इस दौरान उसने बताया कि 5 लाख रुपए अग्रिम भुगतान देकर उसने पेड़ काटने का ठेका लिया है। जिसका ऑर्डर वनपाल किशनसिंह राणावत के पास है, जो उसे नहीं मिला है। इस पर मंडल वन अधिकारी ने ट्रक को खाली कराकर छोड़ दिया था।
कार्रवाई के बाद वनपाल ने कहा कि बिना डर के पेड़ काटकर ले जाओ
पीड़ित ठेकेदार का आरोप है कि इस कार्रवाई के बाद उसके द्वारा वनपाल से मुलाकात कर इन विलायती बबूलों की कटाई का ऑर्डर भी मांगा गया था। इस पर उन्होंने मंडल वन अधिकारी से उनकी बात होने की जानकारी देते हुए बिना किसी डर के पेड़ काटकर ले जाने के कहा था। वनपाल से हुई बात के बाद उसने दोबारा से काम शरू कर दिया था। 8 दिसंबर को सिरोही से करीब 35 किलोमीटर दूर बावरी स्वरूपगंज के पास वन विभाग ने दोबारा उसके 2 ट्रक पकड़ लिए और 9 दिसंबर को चालान कर दिया। ठेकेदार का कहना है कि अगर पेड़ों की कटाई अवैध थी तो वन विभाग को यह बात पहले ही बता देनी चाहिए थी। वह पेड़ों की कटाई का काम बंद कर देता। अब वन विभाग उनके ट्रकों को नहीं छोड़कर परेशान कर रहा है। ठेकेदार ने बताया कि वन विभाग कार्यालय के कई चक्कर लगाने के बाद बुधवार को इन ट्रकों को कोर्ट से छुड़ाने के लिए कहा गया। इससे परेशान होकर उसके द्वारा एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई गई।
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इस मामले में पीड़ित ठेकेदार अता मोहम्मद की ओर से अधिकारियों पर 10 लाख रुपये लेने के बाद भी परेशान करने का भी आरोप लगाया गया है। उन्होंने बताया कि सिरोही जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर वन खंड राजल डाबेला में जलेरी माता मंदिर के पास 50 हेक्टेयर वन भूमि स्थित है। इस वन भूमि पर पौधरोपण करवाने के लिए सफाई कार्य करवाया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में मौके पर काफी तादात में विलायती बबूल के पेड़ भी मौजूद थे। आरोप है कि वन विभाग की ओर से इस जगह की सफाई के लिए विलायती बबूल के पेड़ काटने का ठेका 10 लाख रुपये में ठेकेदार अता मोहम्मद को दे दिया गया। इस कार्य की एवज में ठेकेदार की ओर से पांच लाख का अग्रिम भुगतान सहायक वनपाल मीना को दे दिया गया था। बाकी कटाई होने के बाद देना तया हुआ था। दी गई राशि में से चार लाख रुपये देने का वीडियो भी उसके पास उपलब्ध है।
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पांच लाख रुपये अग्रिम देने का बाद भी की गई कारवाई
इस मामले में एसीबी को भेजे ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पांच लाख रुपये सहायक वनपाल को अग्रिम भुगतान देने के बाद उसके द्वारा पेड़ काटने की तीन मशीनें और 25 ट्रैक्टर लगाकर इन विलायती बबूलों की कटाई शुरू करवाई गई थी। इसके बाद भी गत चार दिसंबर को लकड़ी ले जा रहे ट्रक को सिरोही वन मंडल था कि अधिकारी द्वारा पकड़ लिया गया। इस दौरान उसने बताया कि 5 लाख रुपए अग्रिम भुगतान देकर उसने पेड़ काटने का ठेका लिया है। जिसका ऑर्डर वनपाल किशनसिंह राणावत के पास है, जो उसे नहीं मिला है। इस पर मंडल वन अधिकारी ने ट्रक को खाली कराकर छोड़ दिया था।
कार्रवाई के बाद वनपाल ने कहा कि बिना डर के पेड़ काटकर ले जाओ
पीड़ित ठेकेदार का आरोप है कि इस कार्रवाई के बाद उसके द्वारा वनपाल से मुलाकात कर इन विलायती बबूलों की कटाई का ऑर्डर भी मांगा गया था। इस पर उन्होंने मंडल वन अधिकारी से उनकी बात होने की जानकारी देते हुए बिना किसी डर के पेड़ काटकर ले जाने के कहा था। वनपाल से हुई बात के बाद उसने दोबारा से काम शरू कर दिया था। 8 दिसंबर को सिरोही से करीब 35 किलोमीटर दूर बावरी स्वरूपगंज के पास वन विभाग ने दोबारा उसके 2 ट्रक पकड़ लिए और 9 दिसंबर को चालान कर दिया। ठेकेदार का कहना है कि अगर पेड़ों की कटाई अवैध थी तो वन विभाग को यह बात पहले ही बता देनी चाहिए थी। वह पेड़ों की कटाई का काम बंद कर देता। अब वन विभाग उनके ट्रकों को नहीं छोड़कर परेशान कर रहा है। ठेकेदार ने बताया कि वन विभाग कार्यालय के कई चक्कर लगाने के बाद बुधवार को इन ट्रकों को कोर्ट से छुड़ाने के लिए कहा गया। इससे परेशान होकर उसके द्वारा एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई गई।