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राजस्थान: सरकारी नौकरी लगवाने का सपना दिखाया, फिर 14 लाख ऐंठे; पीड़ितों को छोड़कर भागी आगरा की दंपती
Wed, 07 Oct 2026 02:17 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Wed, 07 Oct 2026 02:17 PM IST
सार
आगरा के एक दंपती ने सीकर जिले के होटल कर्मचारी और उसके साथियों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 14 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने खुद को दिल्ली पुलिस और डाक विभाग से जुड़ा बताकर विश्वास जीता और बाद में दस्तावेज सत्यापन के बहाने फरार हो गए।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी पति-पत्नी ने राजस्थान के सीकर जिले में खाटूश्यामजी दर्शन के दौरान एक होटल कर्मचारी और उसके साथियों से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 14 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित हंसराज की रिपोर्ट पर खाटूश्यामजी थाना पुलिस ने आरोपी गजेंद्र कुमार और उसकी पत्नी अंशु के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठगी की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी दंपती अब पीड़ितों को गुंडों से जान से मरवाने की धमकी दे रहे हैं।
संपत्ति खरीदने के बहाने बढ़ाया संपर्क
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुटोट निवासी पीड़ित हंसराज नारायणी पैलेस होटल में नौकरी करता है। गत 13 सितंबर की देर रात करीब 1:30 बजे आगरा निवासी गजेंद्र कुमार और उसकी पत्नी अंशु होटल में आकर रुके थे। अगले दिन 14 सितंबर की सुबह दोनों ने हंसराज से कोई प्लॉट या जमीन दिखाने के लिए कहा। हंसराज ने अपने परिचितों से बात कर दोनों को पांच-छह संपत्तियां दिखाईं। रींगस रोड पर एक प्लॉट पसंद आने के बाद सौदा तय हुआ। आरोपियों ने 25 सितंबर को बुकिंग राशि के रूप में 25 प्रतिशत भुगतान करने का वादा किया था। हालांकि, 25 सितंबर को आरोपी ने खाते में तकनीकी खराबी बताकर दिल्ली से रुपये निकालने का बहाना बनाया।
पुलिस और डाकघर में नौकरी का झांसा
इसके बाद गजेंद्र ने हंसराज को कम वेतन वाली नौकरी छोड़कर सरकारी सेवा में आने का लालच दिया। उसने दावा किया कि उसकी पत्नी दिल्ली पुलिस मुख्यालय में कार्यरत है और 5 अक्तूबर को लखनऊ में मेडिकल के बाद उसका चयन उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) पद पर हो जाएगा। उसने अपने पिता के दिल्ली मुख्य डाकघर में कार्यरत होने की बात भी कही। आरोपी ने अदालत के एक निर्णय का हवाला देकर संविदा कर्मचारियों को स्थायी करवाने का भरोसा दिलाया। उसने हंसराज और उसके 10-12 साथियों से प्रति व्यक्ति राशि तय कर कुल 14 लाख रुपये ऐंठ लिए।
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ये भी पढ़ें- राजस्थान: उदयपुर में स्कूल की छत का प्लास्टर गिरा, तीन बच्चे घायल; जर्जर भवन पर लगा ताला
दस्तावेज सत्यापन के बहाने ले जाकर फरार
पीड़ितों को विश्वास में लेने के लिए आरोपी उन्हें सीकर मुख्य डाकघर और शास्त्री नगर डाकघर भी ले गया। इसके बाद वह दस्तावेज सत्यापन के नाम पर पीड़ितों को उदयपुर ले गया। रास्ते में एक होटल पर शौचालय जाने का बहाना बनाकर आरोपी वहां से फरार हो गया। फोन करने पर आरोपी ने पहले पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन दो दिन पहले मामला दर्ज करवाने पर गुंडों से जान से मरवाने की धमकी दे डाली। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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संपत्ति खरीदने के बहाने बढ़ाया संपर्क
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुटोट निवासी पीड़ित हंसराज नारायणी पैलेस होटल में नौकरी करता है। गत 13 सितंबर की देर रात करीब 1:30 बजे आगरा निवासी गजेंद्र कुमार और उसकी पत्नी अंशु होटल में आकर रुके थे। अगले दिन 14 सितंबर की सुबह दोनों ने हंसराज से कोई प्लॉट या जमीन दिखाने के लिए कहा। हंसराज ने अपने परिचितों से बात कर दोनों को पांच-छह संपत्तियां दिखाईं। रींगस रोड पर एक प्लॉट पसंद आने के बाद सौदा तय हुआ। आरोपियों ने 25 सितंबर को बुकिंग राशि के रूप में 25 प्रतिशत भुगतान करने का वादा किया था। हालांकि, 25 सितंबर को आरोपी ने खाते में तकनीकी खराबी बताकर दिल्ली से रुपये निकालने का बहाना बनाया।
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पुलिस और डाकघर में नौकरी का झांसा
इसके बाद गजेंद्र ने हंसराज को कम वेतन वाली नौकरी छोड़कर सरकारी सेवा में आने का लालच दिया। उसने दावा किया कि उसकी पत्नी दिल्ली पुलिस मुख्यालय में कार्यरत है और 5 अक्तूबर को लखनऊ में मेडिकल के बाद उसका चयन उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) पद पर हो जाएगा। उसने अपने पिता के दिल्ली मुख्य डाकघर में कार्यरत होने की बात भी कही। आरोपी ने अदालत के एक निर्णय का हवाला देकर संविदा कर्मचारियों को स्थायी करवाने का भरोसा दिलाया। उसने हंसराज और उसके 10-12 साथियों से प्रति व्यक्ति राशि तय कर कुल 14 लाख रुपये ऐंठ लिए।
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दस्तावेज सत्यापन के बहाने ले जाकर फरार
पीड़ितों को विश्वास में लेने के लिए आरोपी उन्हें सीकर मुख्य डाकघर और शास्त्री नगर डाकघर भी ले गया। इसके बाद वह दस्तावेज सत्यापन के नाम पर पीड़ितों को उदयपुर ले गया। रास्ते में एक होटल पर शौचालय जाने का बहाना बनाकर आरोपी वहां से फरार हो गया। फोन करने पर आरोपी ने पहले पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन दो दिन पहले मामला दर्ज करवाने पर गुंडों से जान से मरवाने की धमकी दे डाली। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।