फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Shekhawat said that Sanatan culture is indelible only from sacrificial tradition of India

Jhunjhunu: 'भारत की बलिदानी परंपरा से ही सनातन संस्कृति अमिट, दुनिया मानने लगी वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा'

Tue, 11 Oct 2022 08:46 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुझुनूं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुझुनूं Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 11 Oct 2022 08:46 PM IST
सार

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत मंगलवार को झुझुनूं जिले के दीनवा गांव में आयोजित शहीद राहुल जांगिड़ की प्रतिमा के अनावरण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा, देश की बलिदानी परंपरा से ही हमारी सनातन संस्कृति अब तक अमिट है, आगे भी रहेगी। दुनिया की कई संस्कृतियां समय के साथ धूल-धूसरित होती चली गईं।

विज्ञापन
Shekhawat said that Sanatan culture is indelible only from sacrificial tradition of India
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा, देश की सीमा मां की तरह पवित्र होती है, जिस प्रकार हम मां की रक्षा हम करते हैं। वही जज्बा देश की रक्षा के लिए रखना होता है। शहीद राहुल जांगिड़ के माता-पिता का अभिनंदन करते हुए शेखावत ने कहा, यह उनके दिए संस्कारों का परिणाम था कि राहुल में देश सेवा की भावना उत्पन्न हुई। अन्यथा जिस बीस साल से भी कम उम्र में वे शहीद हुए, वह उम्र खेलने-कूदने की होती है। राहुल ने इस उम्र में हंसते-हंसते देश के लिए अपने आप को कुर्बान कर दिया। शहीद राहुल हम सब के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं।

विज्ञापन


मंत्री ने कहा कि इस देश की आजादी में हजारों लोगों ने अपना सर्वस्व समर्पण किया है। निश्चित रूप से हम सब के लिए वे सम्मान के पात्र हैं। उनके बलिदान से हम प्रेरणा ले सकते हैं। सनातन संस्कृति को बनाए रखने के लिए गांव, गोरी, गोमती, गंगा और गोमाता की रक्षा की सुदीर्घ परंपरा रही है। हमारा पुराना इतिहास हम देख सकते हैं, जहां अनेक माताओं ने अपने बच्चों को इन मानदंडों की रक्षा के लिए कुर्बान कर दिया।
विज्ञापन


केन्द्रीय मंत्री ने कहा, शेखावाटी की धरती पर राव शेखाजी ने सामाजिक समरसता का भाव स्थापित किया। नारी की लज्जा की रक्षा के लिए अपने आप को और अपनी तीन पीढ़ियों को कुर्बान किया। इतिहासकार कर्नल टॉड ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि राजस्थान में इतने शहीद हैं कि हर गांव में शहीद स्मारक बनाया जा सकता है। राजस्थान के गांवों में ऐसे लोग भी है, जिन्होंने अपने पुरुषार्थ से गांव-गांव में पहचान बनाई। उनकी पहचान राजस्थानी गीतों में आज भी जीवंत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शेखावत ने कहा, आजादी की लड़ाई के समय में इस देश के लाखों लोगों ने अपना बलिदान दिया। इस बलिदानी परंपरा के चलते ही हमारी यह सनातन संस्कृति हमेशा के लिए अक्षुण्ण रही। अन्यथा दुनिया में कई संस्कृतियां उत्पन्न हुईं और समय के साथ समाप्त होती चली गईं, लेकिन बलिदान की इस परंपरा ने भारत में सनातन संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखा है। देश का इतिहास हम सब के लिए मात्र प्वाइंट ऑफ रेफरेंस नहीं है, बल्कि प्रेरणा का स्त्रोत है।

अब दुनिया मानने लगी वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा...
शेखावत ने कहा कि भारत अब बदल रहा है। विदेशों में भी देश की छवि मजबूत हो रही है। दुनिया अब भारत की वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा को स्वीकारने लगी है। मंगलवार को गुड़ागौड़जी में आयोजित स्वराज अमृत महोत्सव में शेखावत ने कहा, अंग्रेजों से मुक्ति पाने के लिए लाखों-लाख लोगों ने बलिदान दिया। हजारों लोगों ने यातनाएं सही। हजारों लोग हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर लटक गए। तब जाकर आजादी मिली, लेकिन आज समय बलिदान देने का नहीं, योगदान देने का है। भारत वर्तमान में परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और यह तय है कि आने वाला समय भारत का है और भारत बदलकर रहेगा।


शेखावत ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक के 75 साल में व्यक्ति अपने जीवन के तीन पड़ाव पार कर लेता है। इसी प्रकार देश भी आजादी के 75 साल पूरे कर चुका है। अब आने वाले 25 साल भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन आज जो लोग इस कालखंड में मौजूद हैं, उनके सामने एक प्रश्न है कि क्या वे आगामी 25 साल बाद देश की स्थिति पर गर्व कर पाएंगे? क्या उन्हें लगेगा कि इस देश के बदलाव में उनका भी योगदान है। जब देश बदलाव के दौर से गुजर रहा होता है तो देश के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी होती है कि वह जिस भी क्षेत्र में कार्यरत हो, उसी में अपना श्रेष्ठ योगदान करे। बदलाव का हिस्सा बने और इसकी गति को बढ़ाने में सहभागी बने। प्रत्येक व्यक्ति को यह सोचना होगा कि कहीं मैं इस बदलाव में बाधक तो नहीं बन रहा।

भारत की छवि बदल रही...
शेखावत ने कहा कि विश्व में भारत की छवि बदल रही है। एक समय था, जब विदेशों में भारत की पहचान गरीब लोगों और जादू टोने वाले देश के रूप में होती है, लेकिन आज माहौल बदल गया है। पहले कई देश ऐसे भी थे, जो अपने यहां भारतीयों को उनके धार्मिक चिन्ह शरीर पर धारण नहीं करने देते थे। आज उसी देश में विश्व का सबसे बड़ा मंदिर बन चुका है।



मंत्री ने कहा कि देश अब भारत की वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा को स्वीकारने लगा है। उन्होंने अपनी हाल ही ऑस्ट्रेलिया यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के प्रधानमंत्री ने भी इस बात अपनी सहमति जताई कि ग्लोबल विलेज की अवधारणा भारत की देन है और कभी यह साकार होगी तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस ग्लोबल विलेज के मुखिया होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed