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Sawai Madhopur : टेरिटोरियल फाइट में टाइगर टी-2309 की मौत, पोस्टमार्टम के बाद जांच के लिए विसरा भेजा
Mon, 23 Dec 2024 04:22 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Mon, 23 Dec 2024 04:22 PM IST
सार
रणथंभौर नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। आमा घाटी वन क्षेत्र में विचरण करने वाले युवा टाइगर टी-2309 की मौत हो गई है। मात्र साढ़े तीन साल के इस टाइगर की असमय मृत्यु ने वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आज सुबह गश्त के दौरान वनकर्मियों ने टाइगर का शव देखा और तुरंत अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद मुख्य वन संरक्षक अनूप के आर और डीएफओ रामानंद भाकर सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शव को राजबाग नाका चौकी लाकर मेडिकल बोर्ड की उपस्थिति में पोस्टमार्टम किया गया।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में टाइगर के शरीर पर टेरिटोरियल फाइट के घाव मिले हैं। मुख्य वन संरक्षक अनूप के.आर. ने बताया कि आमा घाटी वन क्षेत्र में टाइगर टी-2309 की टेरिटरी में टाइगर टी-120 गणेश भी विचरण करता है, हो सकता है कि दोनों के बीच हुए आपसी संघर्ष में टी-2309 की मौत हो गई हो।
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टी-2309 रणथंभौर की बाघिन टी-105 नूरी की संतान था। यह युवा टाइगर रणथंभौर के पर्यावरण तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। पोस्टमार्टम के बाद टाइगर के शव का विधिवत अंतिम संस्कार कर दिया गया। साथ ही विसरा को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
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इस घटना ने वन विभाग द्वारा बाघों की ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वन्यजीव प्रेमियों का मानना है कि ऐसी घटनाएं वन विभाग की निगरानी व्यवस्था में कमी को उजागर करती हैं।