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सत्ता का सेमीफाइनल: अजमेर में पानी की समस्या बड़ी, क्या नेताओं के पास है समाधान?
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 16 Nov 2018 04:03 PM IST
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सत्ता का सेमीफाइनल में क्या कहती है अजमेर की जनता?
- फोटो : Amar Ujala
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राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज है, नेताओं का प्रचार जोड़ पकड़ चुका है। यहां 7 दिसंबर को एक ही चरण में 230 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। अमर उजाला डॉट कॉम आपको बता रहा है राज्य के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा अजमेर। संवाददाता अभिलाषा पाठक ने लोगों से बात कर यहां की नब्ज टटोलने की कोशिश कर रही हैं।
आखिर अजमेर की जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी कि जनता के मन में क्या है। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि अजमेर में कैसे हैं जमीनी हालात और किसे जिताने के मूड में है यहां की जनता।
इस चर्चा में हमारे साथ भाजपा से मीडिया प्रभारी अनीश मोयल, कांग्रेस से जिलाध्यक्ष विजय जैन और उपाध्यक्ष बलराम ने हिस्सा लिया।
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जब हमने जनता से बात की तो सड़कों को लेकर नाराजगी सामने आई। एक शख्स ने कहा कि बीते 27 साल में उन्होंने कोई काम होते नहीं देखा। सड़कों से लेकर नाले तक खराब हालात में हैं।
चुनावी रथ का अगला पड़ाव पुष्कर होगा। राजस्थान में 7 दिसंबर को मतदान होना है। नतीजे 11 दिसबंर को आएंगे।
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आखिर अजमेर की जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी कि जनता के मन में क्या है। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि अजमेर में कैसे हैं जमीनी हालात और किसे जिताने के मूड में है यहां की जनता।
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इस चर्चा में हमारे साथ भाजपा से मीडिया प्रभारी अनीश मोयल, कांग्रेस से जिलाध्यक्ष विजय जैन और उपाध्यक्ष बलराम ने हिस्सा लिया।
पानी की समस्या सबसे बड़ी
पानी को लेकर अजमेर की जनता में खास तौर पर महिलाओं में खासी नाराजगी दिखाई दी। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया, "पानी की काफी दिक्कत है। टैंकर से पानी मंगाना पड़ता है जिसके लिए 500 रुपये तक देने पड़ते हैं। दफ्तरों का रुख करने पर भी बात नहीं सुनी जाती।" इस पर भाजपा के एक प्रतिनिधि ने पानी की समस्या की बात तो मानी लेकिन इसकी प्राकृतिक आपदा बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की। उन्होंने पानी की समस्या के समधान के लिए पहले की कांग्रेस सरकार पर कम धन आवंटित करने का आरोप भी लगाया। कांग्रेस के नुमाइंदे ने जवाब दिया कि जो पानी अजमेर को मिलना चाहिए था, वो जयपुर की तरफ डायवर्ट कर दिया गया।
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एंटी इनकंबेंसी का पड़ेगा फर्क?
अजमेर में लंबे वक्त से भाजपा का दबदबा रहा है। ऐसे में क्या एंटी इनकंबेंसी का नुकसान पार्टी को उठाना पड़ेगा। इस सवाल के जवाब में भाजपा के मीडिया प्रभारी अनीश मोयल ने कहा कि सूची जल्दी जारी करने की वजह से उन्हें लीड मिल गई है और चुनावी मैदान में उन्हें इसका फायदा मिलेगा। इस पर कांग्रेस प्रतिनिधि ने कहा कि 15 साल से अजमेर उत्तर पर वासुदेव देवनानी काबिज हैं लेकिन विकास का कोई काम नहीं हुआ।जब हमने जनता से बात की तो सड़कों को लेकर नाराजगी सामने आई। एक शख्स ने कहा कि बीते 27 साल में उन्होंने कोई काम होते नहीं देखा। सड़कों से लेकर नाले तक खराब हालात में हैं।
चुनावी रथ का अगला पड़ाव पुष्कर होगा। राजस्थान में 7 दिसंबर को मतदान होना है। नतीजे 11 दिसबंर को आएंगे।