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महिला से रेप-हत्या: पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे भाजपाई, पूनिया बोले- कुर्सी बचाने में जनता को भूले गहलोत

Mon, 10 Apr 2023 12:38 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Mon, 10 Apr 2023 12:38 PM IST
सार

डॉ. सतीश पूनियां ने पचपदरा पहुंचकर पीड़ित परिवार के लोगों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। बोले-मुख्यमंत्री गहलोत को अपनी कुर्सी बचानी आती है पर महिलाओं, बहन-बेटियों के प्रति अपराध रोकने में फेल हैं।

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Satish Poonia reached Pachpadra and met the family members of the victim in the rape-murder case
पचपदरा पहुंचे बीजेपी कार्यकर्ता। - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

डॉ. पूनियां ने कहा कि दलित महिला के साथ दुष्कर्म और फिर हत्या की घटना झकझोर देने वाली है, यह प्रदेश की विफल कानून व्यवस्था का परिणाम है कि आज प्रदेश की मातृशक्ति असुरक्षित है और अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं, राज्य सरकार से पुरजोर मांग है कि अपराधियों पर कठोर कार्रवाई हो। पचपदरा पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंचे डॉ. पूनिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कुर्सी बचाने के चक्कर में प्रदेश की जनता को भूल गए हैं। महिला अपराध में राजस्थान देश में एक नंबर पर है।

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गृहमंत्री भी पूरी तरह से विफल
गहलोत सरकार के आने बाद से राजस्थान में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और खासकर महिलाओं के प्रति अपराध के मामले प्रदेश में चरम पर पहुंच गए हैं। कांग्रेस सरकार में लापरवाह और नाकाम पुलिसिंग व्यवस्था है और उसका नेतृत्व करने वाले गृहमंत्री भी पूरी तरह से विफल हैं। मुख्यमंत्री गहलोत को अपनी कुर्सी बचानी आती है पर महिलाओं, बहन-बेटियों के प्रति अपराध रोकने में फेल हैं। पूरी पुलिस व्यवस्था को निर्बल कर दिया है।
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ध्वस्त कानून व्यवस्था
ध्वस्त कानून व्यवस्था की वजह से बढ़े अपराधों से पूरा राजस्थान त्रस्त है। पानी सिर के ऊपर से गुजर चुका है। अब कांग्रेस के गुजर जाने का समय आ गया है। 2023 में प्रदेश की जनता कांग्रेस को हमेशा के लिए सत्ता से विदा कर देगी।
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प्रदेशभर में पुलिस का मनोबल कमजोर
कांग्रेस शासन में राजस्थान में लगातार दुष्कर्म और हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसी घटनाएं सरकार और समाज के लिए चुनौती हैं। साढ़े चार वर्षों में नौ लाख से अधिक मुकदमे दर्ज हुए और महिला अपराध के एक लाख 25 हजार अधिक मामले हैं। कांग्रेस सरकार ने प्रदेशभर में पुलिस का मनोबल कमजोर किया है, तीन प्रतिशत ही पुलिसिंग पर खर्च होता है, नफरी से लेकर अन्य संसधानों की कमी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने राजस्थान के पुलिस महकमें को मजबूत करने या उसमें नवाचार करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

पुलिस के पास कोई प्लान नहीं
साइबर क्राइम से लेकर धरातल पर होने वाले अपराधों को रोकने के लिए पुलिस के पास कोई प्लान नहीं है, इन घटनाओं को रोकने में राज्य सरकार गंभीर नहीं है। थानागाजी की घटना से लेकर पचपदरा की घटना तक का यदि सीक्वेंस देखेंगे तो लगता है कि राज्य सरकार का इन घटनाओं को रोकने के लिए कोई गंभीर कदम नहीं है। उन्होंने कहा कि पचपदरा की घटना में हम पीड़ितों से मिलने के लिए आए हैं। सरकार ने समझौता तो करवा दिया, लेकिन पीड़ित परिवार का दर्द जानने और सम्बल देने कोई नहीं आया।


प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी के निर्देशानुसार बालोतरा में दलित महिला दुष्कर्म कर हत्या के मामले में प्रदेश स्तरीय जांच कमेटी के सदस्य और विधानसभा उपनेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां और कमेटी के सदस्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, सांसद पीपी चौधरी, जोधपुर मेयर वनीता सेठ साथ ही प्रदेश उपाध्यक्ष प्रसन्न मेहता, विधायक हमीर सिंह भायल, पूर्व मंत्री अमराराम चैधरी, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु शर्मा, किसान मोर्चा राष्ट्रीय मंत्री शैलाराम सारण, जिला अध्यक्ष स्वरूप सिंह खारा, पूर्व जिलाध्यक्ष आदूराम मेघवाल इत्यादि मौजूद रहे। पचपदरा पहुंचकर पीड़ित परिवार के लोगों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।

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