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Jaisalmer: सरपंच, वीडीओ और कर्मचारी हड़ताल पर, सरकारी ऑफिस सून, फरियादी 18 दिनों से धक्के खाने को मजबूर
Fri, 28 Apr 2023 03:31 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 28 Apr 2023 03:31 PM IST
सार
सरपंच संघ, विकास अधिकारी संघ और मंत्रालयिक कर्मचारी संघ अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिससे विभिन्न प्रकार के सरकारी कामकाज नहीं हो रहे हैं। फरियादी सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कार्यालय सूने पड़े हैं।
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सरकारी ऑफिस सून
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान सरकार भले ही महंगाई राहत शिविर लगाकर अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल से आमजन के रोजमर्रा के सरकारी काम बाधित हैं। सरपंच संघ, ग्राम विकास अधिकारी और मंत्रालयिक कर्मचारी संघ विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर विरोध जता रहे हैं। कर्मचारियों की हड़ताल से सरकारी दफ्तरों में कामकाज ठप है। रोजाना फरियादी निराश लौट रहे हैं।
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प्रशासन शहरों के संग और गांवों के संग अभियान के शिविरों में भी कार्मिकों के अभाव में काम बाधित हो रहे हैं। कलेक्टर कार्यालय सहित कई विभागों के मंत्रालयिक कर्मचारी अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश पर हैं। मंत्रालयिक कर्मचारियों की हड़ताल से कलेक्टर कार्यालय सहित उपखंड अधिकारी, पंचायत समितियों, शिक्षा विभाग जैसे कार्यालयों में कर्मचारी विरोध प्रदर्शन में जुटे हैं। ऐसे में लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी भटकना पड़ रहा है।
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17 अप्रैल से जयपुर में चल रहा हैं महापड़ाव...
वहीं, मंत्रालयिक कर्मचारियों का 17 अप्रैल से जयपुर में महापड़ाव चल रहा है। मंत्रालयिक कर्मचारियों की हड़ताल से आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के चलते पट्टे और रजिस्ट्री के पंजीयन अटके हुए हैं। इसके साथ ही लोगों को मूल, जाति, जन्म-मृत्यु सहित अन्य कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जिला परिषद में मंत्रालयिक कार्मिकों की हड़ताल से ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज योजनाएं बाधित हैं। मास्टररोल जारी नहीं होने से गांवों में मनरेगा के तहत कार्य बाधित हो रहे हैं।
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एक हजार मंत्रालयिक कर्मचारी, 200 सरपंच और 100 वीडीओ हड़ताल पर...
जिले में विभिन्न विभागों में कार्यरत करीब एक हजार मंत्रालयिक कर्मचारी, 200 सरपंच और 100 ग्राम विकास अधिकारियों के हड़ताल पर होने से आमजन के सभी सरकारी काम अटक गए है। हड़ताल के चलते कर्मचारियों के सामूहिक हड़ताल पर होने से विभागीय कामकाज ठप पड़ा हुआ है। नए आदेश तैयार करने सहित कई तरह के काम नहीं होने के कारण अधिकारियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यह कर्मचारियों की हैं प्रमुख मांगें...
राजस्थान में बाबू संवर्ग के कर्मचारी ग्रेड पे 3600 किया जाए, सचिवालय के समान वेतन भत्ते दिए जाएं, पदोन्नति में एकबारगी शिथिलन दिया जाए, दूसरी पदोन्नति पर ग्रेड पे 4200 किया जाए, शिड्यूल पांच में हुई कटौती को वापस किया जाए, पंचायत राज में जिला स्थानांतरण नीति को खोला जाए तथा कर्मचारियों की 6, 12, 18 व 24 साल की सेवा होने पर सेलेक्शन ग्रेड करने की मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं।