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विरोध: गहलोत बोले- गुजरात सरकार की साबरमती आश्रम पुनर्विकास योजना चौंकाने वाली, ऐसा करना राष्ट्रपिता का अपमान
Mon, 09 Aug 2021 05:58 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 09 Aug 2021 05:58 PM IST
सार
राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम की गरिमा को नष्ट करना राष्ट्रपिता का अपमान होगा। ऐसा लगता है कि गांधी जी से जुड़ी हर चीज को बदलने के लिए राजनीतिक मकसद से यह फैसला लिया गया है।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत।
- फोटो : ANI
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विस्तार
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को साबरमती आश्रम पुनर्विकास परियोजना का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आश्रम को तोड़कर संग्रहालय बनाने का गुजरात सरकार का फैसला चौंकाने वाला है। अहमदाबाद में स्थित साबरमती आश्रम महात्मा गांधी से जुड़ा है, जिन्होंने 1917 से 1930 तक अपने जीवन के 13 साल यहां बिताए थे। दरअसल, गुजरात सरकार ने 1200 करोड़ रुपए के गांधी आश्रम स्मारक और विकास परियोजना के तहत साबरमती आश्रम के पुनर्विकास का प्रस्ताव रखा है।
गहलोत ने कहा, 'लोग यह देखने के लिए पवित्र स्थल पर जाते हैं कि कैसे महात्मा गांधी ने एक सादा जीवन जिया और फिर भी समाज के हर वर्ग को साथ लेकर एक विशाल स्वतंत्रता आंदोलन चलाया।' गहलोत ने ट्विटर पर साझा एक बयान में कहा कि गुजरात सरकार का साबरमती आश्रम को गिराकर संग्रहालय बनाने का निर्णय चौंकाने वाला और अनुचित है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से परियोजना पर पुनर्विचार करने का आग्रह भी किया।
गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को मामले में हस्तक्षेप करते हुए फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और ऐतिहासिक आश्रम की रक्षा करनी चाहिए। आश्रम सद्भाव और बंधुत्व के विचारों के लिए जाना जाता है और देश-विदेश के लोग वहां कोई विश्व स्तरीय इमारत नहीं देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटक इस जगह की सादगी और आदर्शों की प्रशंसा करते हैं, इसलिए इसे आश्रम कहा जाता है। यहां संग्रहालय की कोई जरूरत नहीं है।
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मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आश्रम की गरिमा को नष्ट करना राष्ट्रपिता का अपमान होगा। ऐसा लगता है कि गांधी जी से जुड़ी हर चीज को बदलने के लिए राजनीतिक मकसद से यह फैसला लिया गया है। देश की समृद्ध विरासत, संस्कृति और परंपराओं को नष्ट करने की कोशिश करने वालों को आने वाली पीढ़ियां माफ नहीं करेंगी।
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गहलोत ने कहा, 'लोग यह देखने के लिए पवित्र स्थल पर जाते हैं कि कैसे महात्मा गांधी ने एक सादा जीवन जिया और फिर भी समाज के हर वर्ग को साथ लेकर एक विशाल स्वतंत्रता आंदोलन चलाया।' गहलोत ने ट्विटर पर साझा एक बयान में कहा कि गुजरात सरकार का साबरमती आश्रम को गिराकर संग्रहालय बनाने का निर्णय चौंकाने वाला और अनुचित है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से परियोजना पर पुनर्विचार करने का आग्रह भी किया।
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गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को मामले में हस्तक्षेप करते हुए फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और ऐतिहासिक आश्रम की रक्षा करनी चाहिए। आश्रम सद्भाव और बंधुत्व के विचारों के लिए जाना जाता है और देश-विदेश के लोग वहां कोई विश्व स्तरीय इमारत नहीं देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटक इस जगह की सादगी और आदर्शों की प्रशंसा करते हैं, इसलिए इसे आश्रम कहा जाता है। यहां संग्रहालय की कोई जरूरत नहीं है।
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मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आश्रम की गरिमा को नष्ट करना राष्ट्रपिता का अपमान होगा। ऐसा लगता है कि गांधी जी से जुड़ी हर चीज को बदलने के लिए राजनीतिक मकसद से यह फैसला लिया गया है। देश की समृद्ध विरासत, संस्कृति और परंपराओं को नष्ट करने की कोशिश करने वालों को आने वाली पीढ़ियां माफ नहीं करेंगी।
Destroying the sanity and dignity of Sabarmati Ashram is a disrespect to our father of the Nation. Prime Minister Sh. @narendramodi ji must intervene and reconsider the decision and protect the historical Ashram. pic.twitter.com/leeeXMnCJD
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) August 9, 2021