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Rajsamand News: चारागाह की जमीन पर फेल्सपार का अवैध खनन, खोद-खोद कर निकला दिया पहाड़ का पैंदा
Tue, 28 May 2024 06:10 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजसमंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजसमंद
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Tue, 28 May 2024 06:10 PM IST
सार
केलवा चौपाटी NH8 फोरलाइन किनारे चारागाह की जमीन पर खान महकमे की सांठगांठ के चलते खुलेआम सफेद का काला कारोबार चल रहा है।
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चारागाह की जमीन पर खनन।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजसमंद जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूरी पर केलवा चौपाटी NH8 फोरलाइन किनारे चारागाह की जमीन पर खनन माफिया बेस कीमती खनिज फेल्सफार का खनन करके लाखों रुपये कमा रहे हैं। फेल्सपार से सेरेमिक टाइल्स बनाई जाती है। जिम्मेदार विभाग नहीं करते हैं खनन माफियाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई सिर्फ नोटिस देकर इतिश्री कर देते हैं।
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अवैध खनन रोकथाम के लिए प्रदेश में सरकार गठन के साथ कवायदे शुरू हो गई थीं, मगर खान महकमे की सांठगांठ के चलते खुलेआम सफेद का काला कारोबार चल रहा है और काला धन संग्रहित हो रहा है। कुछ ऐसे ही हालात राजसमंद जिले से महज 10 किलोमीटर दूरी पर केलवा चौपाटी NH8 फोरलाइन किनारे हो रहा है और पास में ही पर्यावरण विकास संस्थान का कार्यालय भी हैं, जहां पर न सिर्फ चरागाह के पहाड़ का पैंदा निकाल दिया, बल्कि अब उसी पहाड़ी पर स्थित मंदिर भी खतरे में है। मंदिर के महंत ने अवैध खनन का विरोध किया, तो लोगों ने महंत को भी डरा-धमका दिया, जिसके ऑडियो सोशल मीडिया पर है। पत्थर के काले कारोबार में खुलेआम काले धन का लेनदेन हो रहा है, मगर पंचायत, पुलिस व खान महकमा भी मौन साधे हुए हैं। कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।
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यह खुलासा राजस्व व खान महकमे की मौका पर्चा रिपोर्ट से हुआ है। विभागीय रिपोर्ट ने ही अवैध खनन को रोकने के लिए जिला प्रशासन के अलर्ट मोड पर रहने के दावे की पोल खोल दी। खनन माफिया के आगे पंचायत, पुलिस से लेकर खान महकमे तक के नतमस्तक होने का खुलासा कर दिया।
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पहाड़ी काटने की वजह से अब दीनदयाल हनुमान मंदिर भी खतरे में पड़ गया है, जहां पहाड़ को करीब 80 से 100 फीट तक खोद डाला और क्वार्ट्स व फेल्सपार चुरा ले गए। इस तरह खान महकमे को लाखों रुपये के राजस्व की चपत लगाई है। फिलहाल मौके पर एक पखवाड़े से खनन बंद है, लेकिन कथित तौर पर चोरी छीपे अब भी खनन किया जा रहा है। केलवा चौपाटी के पास हिम्मतपुरा जौलाई मार्ग पर पहाड़ी को छलनी किया गया है, जो हाईवे से गुजरते वक्त भी खुलेआम दिख रहा है। खास बात ये है कि अवैध खनन का विरोध करने वाले मंदिर के पुजारी और महंत को भी कतिपय खनन माफिया द्वारा डराने व धमकाने के आरोप है। इसी वजह से महंत अब मंदिर छोड़कर चले गए हैं।
मौका रिपोर्ट में अवैध खनन की पुष्टि
खान और राजस्व महकमे द्वारा 13 मई 2024 को मौका पर्चा रिपोर्ट तैयार की गई। इसके अनुसार हनुमानजी मंदिर के पास पहाड़ी पर अवैध खनन की शिकायत पर पटवारी अरविंद शर्मा के साथ संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचे, जहां हाइवे के लेफ्ट साइड में हनुमान मंदिर के पीछे अवैध खनन पिट पाया गया, जहां से फेल्सपार का अवैध खनन कर ले जाना पाया गया। निरीक्षण के वक्त मौके पर कोई व्यक्ति, मशीन व वाहन नहीं मिला और न ही उस वक्त मौके पर खनन करते हुए मिले। केलवा के आराजी नंबर 45 रकबा 9.5101 हैक्टेयर किस्म चरागाह है। मौके पर करीब 40 मीटर लंबा, 15 मीटर चौड़ा और 5 मीटर गहराई से खुदाई की गई है। इस तरह करीब 3 हजार स्क्वायर मीटर खनन बताया गया है, जिससे खान विभाग को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है और प्रकृति व पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। यहां करीब 2 हजार से अवैध खनन किया जा रहा था। इस तरह चरागाह पर अवैध खनन पाया गया है, जिस पर कार्रवाई ग्राम पंचायत केलवा द्वारा ही की जाएगी। इसमें खान एवं भू विज्ञान विभाग के दिलीप, पटवारी अरविंद शर्मा व अन्य कार्मिक मौजूद थे।
साथ ही खान विभाग ने हनुमान मंदिर के पास पहाड़ी को खोदकर फेल्सपार चुराने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए पत्र लिख दिया है, मगर अभी पंचायत द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया गया है।
उठ रहे सवाल कहां गया लाखों का फेल्सपार
हनुमानजी मंदिर की पहाड़ी से करीब 3 हजार स्वायर मीटर पर हुए खनन से लाखों रुपए का फेल्सपार कहां गया और किसने खरीदा, यह यक्ष सवाल हर किसी के जेहन में है। अवैध खनन के बाद यह फेल्सपार किसने खरीदा, यह बड़ा सवाल है। अवैध खनन करने व राजस्व नुकसान को लेकर केलवा थाने में पहले से प्रकरण विचाराधीन है। इसके अलावा अवैध खनन को लेकर पहले भी जिला कलक्टर तक को कई बार शिकायतें पहुंची और सतर्कता समिति तक में मामले दर्ज हुए, लेकिन हर जगह लीपापोती की कार्रवाई होकर रह गई। इसी कारण पूरा पहाड़ खुद गया, लेकिन ग्राम पंचायत केलवा से लेकर पटवारी, पुलिस, खान विभाग मौन रहा और शिकायत के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
चरागाह पर हुआ है अवैध खनन
खान विभाग की टीम के साथ हनुमानजी मंदिर के पास मौका निरीक्षण किया गया, तो चरागाह पर अवैध खनन पाया गया है, जिसकी भौतिक रिपोर्ट खान विभाग द्वारा तैयार की गई है। चरागाह के संरक्षण व संवर्द्धन का कार्य ग्राम पंचायत केलवा के अधीन है।