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राजस्थान: 36,765 सरकारी स्कूलों में छात्राओं को आत्मरक्षा का पाठ, मार्शल आर्ट्स के साथ मिलेगी कानून की जानकारी

Tue, 15 Sep 2026 12:22 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अमन तिवारी Updated Tue, 15 Sep 2026 12:22 PM IST
सार

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में सत्र 2026-27 के दौरान कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगा। 10 दिन के विशेष शिविर के बाद नियमित अभ्यास सत्र होंगे। छात्राओं को मार्शल आर्ट के साथ पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय कानून और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी भी दी जाएगी।

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Rajasthan to Launch Self-Defence Training for Girls in 36765 Government Schools child safety programme
कराटे (प्रतिकात्मक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान राज्य सरकार सत्र 2026-27 के दौरान 36,765 सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक की बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर रही है। इस पहल के तहत विभाग छात्राओं को मार्शल आर्ट की तकनीकों के साथ उनके कानूनी अधिकारों और बाल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी देगा। 10 दिन के प्रारंभिक प्रशिक्षण शिविर के बाद अधिकारी पूरे शैक्षणिक सत्र में नियमित अभ्यास सत्र आयोजित करेंगे। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, साहस और मानसिक मजबूती का विकास करना है।
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विशेष प्रशिक्षण शिविर, इसके बाद नियमित अभ्यास सत्र
शिक्षा विभाग ने इस कार्यक्रम के संचालन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विद्यालय प्रशासन बालिकाओं के अलग-अलग समूह बनाकर 10 दिन का विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेगा। इसके बाद अक्तूबर 2026, दिसंबर 2026, फरवरी 2027 और अप्रैल 2027 में 15-15 दिन के नियमित अभ्यास सत्र चलाएगा। योजना के अंतर्गत कक्षा 6 से 8 और कक्षा 9 से 12 की छात्राओं के पृथक समूह बनेंगे। स्कूल प्रबंधन समय-सारणी में इस प्रशिक्षण और संवाद सत्रों को प्राथमिकता देगा। महिला शारीरिक शिक्षक इस पूरे कार्यक्रम की कमान संभालेंगी और बालिकाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाएंगी।
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पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम की जानकारी भी
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक छात्राओं को केवल शारीरिक आत्मरक्षा ही नहीं सिखाएंगे, बल्कि पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम-2015 के मुख्य प्रावधानों की जानकारी भी देंगे। इसके साथ ही विभाग बाल सुरक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं और संबंधित आयोगों के कार्यों से छात्राओं को अवगत कराएगा। छात्राएं किसी भी परेशानी, हिंसा या अपराध की स्थिति में शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया समझेंगी। सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए स्कूल नजदीकी थाने के बीट कांस्टेबल और थाना प्रभारी को आमंत्रित करेंगे, जो छात्राओं से सीधा संवाद कर सुरक्षा एवं कानून संबंधी जानकारियां देंगे।
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व्यक्तिगत समस्याएं या असुरक्षा संबंधी अनुभव साझा कर सकेंगी
प्रशिक्षण के दौरान छात्राएं अपनी व्यक्तिगत समस्याएं या असुरक्षा संबंधी अनुभव साझा कर सकेंगी। संकोच करने वाली छात्राएं पर्ची के माध्यम से भी अपनी बात शिक्षकों या अधिकारियों तक पहुंचा सकती हैं। सरकार ने इस योजना के संचालन के लिए प्रत्येक चयनित विद्यालय हेतु 2,500 रुपये की बजट राशि स्वीकृत की है। स्कूल प्रबंधन इस राशि का उपयोग बैनर, स्टेशनरी, फोटोकॉपी और अन्य जरूरी सामग्री खरीदने में करेगा। शिक्षाविद एवं शिक्षक नेता मोहर सिंह सलावद ने इस पहल को बालिकाओं की सुरक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना है।
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