पंचायत चुनाव की लॉटरी फिर टली: डोटासरा बोले- चुनाव से कब तक भागेगी भाजपा?
राजस्थान में पंचायत चुनाव की आरक्षण लॉटरी फिर टली। 17-18 सितंबर को प्रस्तावित लॉटरी निकाय चुनाव के चलते स्थगित हुई। डोटासरा ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए पूछा- चुनाव से कब तक भागेगी?
विस्तार
राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, प्रधान, सरपंच और पंचों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया एक बार फिर स्थगित हो गई है। 17 और 18 सितंबर को प्रस्तावित लॉटरी को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने मंगलवार को जारी आदेश के जरिए टाल दिया। लॉटरी स्थगित होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि नगरीय निकाय चुनाव में झटका लगने के बाद भाजपा अब पंचायत चुनाव से बचने के रास्ते तलाश रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर भाजपा चुनाव से कब तक भागेगी?
डोटासरा ने कहा कि एक तरफ भाजपा ‘एक राज्य, एक चुनाव’ की बात करती है, लेकिन दूसरी तरफ पंचायत चुनाव की प्रक्रिया तक आगे नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों में जनता के आक्रोश से घबराकर सरकार चुनाव की प्रक्रिया टाल रही है।
डोटासरा के मुताबिक, चुनाव की तारीख या प्रक्रिया टालने से जनता का सामना करने से बचा नहीं जा सकता। उन्होंने दावा किया कि नगरीय निकाय चुनाव के बाद पंचायत चुनाव में भी जनता भाजपा को जवाब देने के लिए तैयार है।
कलेक्टरों के अनुरोध पर टली लॉटरी
सरकार की ओर से लॉटरी स्थगित करने की वजह अलग बताई गई है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के आदेश के मुताबिक, अलग-अलग जिला कलेक्टरों ने लॉटरी प्रक्रिया स्थगित करने का अनुरोध किया था।
कलेक्टरों का कहना था कि 17 और 18 सितंबर को नगरीय निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। पंचायतों की आरक्षण लॉटरी भी जिला कलेक्टरों की मौजूदगी में होनी है। ऐसे में दोनों प्रक्रियाएं एक साथ होने से प्रशासनिक स्तर पर परेशानी हो सकती है।
इसी के चलते फिलहाल पंचायत चुनाव की आरक्षण लॉटरी स्थगित कर दी गई है। अब नगरीय निकायों की चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत चुनाव की लॉटरी के लिए नई तारीख तय की जाएगी।
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पहले भी टल चुकी है लॉटरी
पंचायत चुनाव की आरक्षण लॉटरी पहले भी स्थगित हो चुकी है। इससे पहले अगस्त में प्रस्तावित लॉटरी को टाल दिया गया था। उस समय सरपंच और वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जानी थी।
अब सितंबर में प्रस्तावित लॉटरी भी स्थगित होने से पंचायत चुनाव की तैयारियों का अगला चरण आगे खिसक गया है। नई तारीख घोषित होने के बाद जिला परिषद, पंचायत समिति, प्रधान, सरपंच और पंचों के आरक्षण की तस्वीर साफ होगी।
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राजनीतिक दलों की नजर पंचायत चुनाव पर है। निकाय चुनाव के नतीजों ने भी गांवों और स्थानीय स्तर के राजनीतिक समीकरणों को लेकर पार्टियों की रणनीति को प्रभावित किया है।
कांग्रेस लॉटरी स्थगित होने को सरकार की चुनावी रणनीति से जोड़ रही है, जबकि सरकारी आदेश में इसकी वजह जिला कलेक्टरों का अनुरोध और निकाय चुनाव की समान तारीखों पर चल रही प्रक्रिया बताई गई है। ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि पंचायत चुनाव की आरक्षण लॉटरी की नई तारीख कब घोषित होती है।