फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan: Three years after the death of a jail inmate, murder case registered

राजस्थान: जेल बंदी की मौत के तीन साल बाद हत्या का मुकदमा दर्ज, पुलिस की मार से हुई थी मौत 

Sun, 30 Jan 2022 02:04 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Sun, 30 Jan 2022 02:04 PM IST
सार

बारां जिले के मांगरोल निवासी मोहम्मद रमजान की जेल हिरासत में  29 अप्रैल 2019 को मौत हो गई थी।

विज्ञापन
Rajasthan: Three years after the death of a jail inmate, murder case registered
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

राजस्थान के बारां जिला जेल में सजायाफ्ता मोहम्मद रमजान की मौत मामले में तीन साल बाद हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। अदालत ने इस मामले में दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, बारां जिले के मांगरोल निवासी मोहम्मद रमजान की जेल हिरासत में  29 अप्रैल 2019 को मौत हो गई थी। इसके बाद जांच में सामने आया कि उनकी मौत पुलिस की मार के कारण हुई थी।

विज्ञापन


क्या है पूरा मामला 
मोहम्मद रमजान बारां जिला कारागार में सजायाफ्ता थे। इस बीच उनकी हालत काफी बिगड़ गई, जिसके बाद उपचार के लिए उन्हें कोटा कारागार स्थानांतरित किया गया। वहां पर उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने रमजान के साथ मारपीट की, जिससे उनकी गर्दन की हड्डी टूट गई और 29 अप्रैल 2019 को उसकी मौत हो गई थी। मोहम्मद रमजान की मौत के बाद सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश महासचिव महबूब अंसारी ने मामले में अदालत में मुकदमा दायर किया था। तीन साल बाद अदालत ने सुनवाई कर मामले में दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed