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Rajasthan: बाड़मेर की यह महिला मरकर भी रहेगी 'जिंदा', चार लोगों को देगी नई जिंदगी, लोग कर रहे तारीफ

Wed, 12 Mar 2025 05:42 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 12 Mar 2025 05:42 PM IST
सार

जोधपुर एम्स में एक ब्रेन डेड मरीज का अंगदान किया गया है। इस महिला के अंगदान से चार लोगों की जिंदगी में सवेरा होने वाला है। मृत महिला शांति देवी बाड़मेर जिले के चौहटन की रहने वाली थी।

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Rajasthan This woman from Barmer will stay alive even after death will give new life to four people
शांति देवी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बाड़मेर जिले की निवासी शांति देवी सोनी के ब्रेन डेड होने के बाद उनके परिवार ने अंगों का दान कर एक अनुकरणीय कार्य किया है। बुधवार सुबह जोधपुर एम्स हॉस्पिटल में अंगदान के बाद शांति देवी की पार्थिव देह दोपहर बाद बाड़मेर जिला मुख्यालय पर स्वर्णकार समाज के लोगों ने फूलों से एंबुलेंस का स्वागत किया और पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। शांति देवी के सम्मान में बाड़मेर स्वर्णकार समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे और "शांति देवी अमर रहे" के नारे लगाए। 

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शांति देवी के दामाद मुकेश सोनी ने बताया कि उनकी सासु मां पिछले एक महीने से ब्रेन हेमरेज से पीड़ित थीं। पहले बाड़मेर और फिर जोधपुर में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया। उन्होंने बताया कि 10 दिन पहले जोधपुर एम्स में शांति देवी को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। इसके बाद 10 दिन तक हमने इस उम्मीद में इंतजार किया, क्या पता उनके शरीर में जान आ जाए। इस साथ ही हमने परिवार और समाज के लोगों से साथ बातचीत कर शांति देवी के अंगों का दान करने का फैसला लिया।
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स्वर्णकार समाज बाड़मेर के अध्यक्ष घेवरचंद सोनी ने बताया कि जिले के चौहटन निवासी शांति देवी (58) पत्नी भेराराम सोनी जो कि पिछले एक महीने से बीमार थे। जोधपुर एम्स में उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया था। उन्होंने बताया कि हमारे समाज में बाड़मेर ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान में पहली बार है कि किसी ने अंगदान किया गया हैं।

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उन्होंने बताया कि शांति देवी का पार्थिव शरीर को बाड़मेर पहुंचने पर समाज के लोगों ने फूलों से एंबुलेंस का स्वागत किया और पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इधर, पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने भी शांति देवी के परिवार के इस फैसले की सराहना की और उन्होंने कहा कि अंगदान का पुनीत कार्य करके मानव समाज को गौरवान्वित किया है तथा मानव सेवा का उत्तम उदाहरण स्थापित किया है। चौधरी ने शांति देवी के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाए वक्त की।

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