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वकीलों से परेशान था, कूद गया ट्रेन के सामने
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 30 Jul 2014 12:32 PM IST
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एक 50 साल के चतुर्थ श्रेणी कोर्ट कर्मचारी ने ट्रेन के सामने कूद कर खुदकुशी कर ली। मामला राजस्थान के दौसा के बांदीकुई इलाके का है। ये सनसनी फैलाने वाली घटना सोमवार रात की है।
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उसके कपड़ों से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने अपनी मौत के लिए दो वकीलों को जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक रामनारायण बैरवा ने सोमवार रात करीब साढ़े 10 बजे बांदीकुई रेलवे स्टेशन के समीप ट्रेन के सामने कूद कर अपनी जान दे दी। बैरवा, एडिशनल चीफ जुडीशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में तैनात था। यह जानकारी जीआरपी एसएचओ मालेराम ने दी।
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ऑफिसर ने बताया कि,"स्टेशन मास्टर ने पुलिस को सूचना दी और एक टीम तुरंत पहां पहुंची। उसका शरीर ट्रेन से क्षत-विक्षत हो गया था। उसके कपड़ों से एक सुसाइड नोट मिला था।"
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उन्होंने बताया कि,"इस सुसाइड नोट में इंद्रजीत और राजेंद्र नाम के दो वकीलों का जिक्र है। लिखा गया है कि ये वकील उसका उत्पीड़न कर रहे थे। वह इनके कारण डिप्रेशन में था।"
पोस्टमार्टम के बाद शरीर परिवारवालों के हवाले कर दिया गया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच की जा रही है कि वकीलों का इस केस से क्या और कैसा ताल्लुक है।