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सुबह सुबह खुले में शौच को निकले तो प्रशासन ने माला पहनाकर किया 'सम्मानित'

Mon, 26 Sep 2016 06:06 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 26 Sep 2016 06:06 PM IST
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Rajasthan: shaming open defecators by garlanding them
- फोटो : hindustan times

स्वच्छता पर देशभर में अभियान चलाने वाले प्रधानमंत्री मोदी की मुहिम अब रंग लाने लगी है। स्‍थानीय स्तर पर जहां लोग इसके प्रति जागरूक हो रहे हैं वहीं प्रशासनिक अमला भी अपने स्तर पर इसको लेकर लगातार अभियान चला रहा है। 

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ऐसा ही एक अभियान चल रहा है राजस्‍थान के सीकर जिले के नीम का थाना क्षेत्र में। जहां सुबह सवेरे खुले में शौच के लिए निकलने वाले लोगों का प्रशासन अलग अंदाज में समझाने का प्रयास कर रहा है। लोग जैसे ही बर्तन लेकर खुले में शौच के लिए निकलते हैं टीम के सदस्य उसके गले में माला पहनाकर उसका 'सम्मान' करते हैं।
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हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार जिले के नगर निगम के जूनियर इंजीनियर मनीष सिंह ने बताया कि रविवार को एक घंटे के अभियान में उन्होंने 60 से ज्यादा लोगों को खुले में शौच करते पकड़ा। इसके बाद सभी के गले में माला पहनाकर उन्हें सम्मानित किया गया। इसके बाद हाथ जोड़कर लोगों से खुले में शौच न जाने की अपील की गई।

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शौचालयों के मामले में देशभर में पिछड़ा है राजस्‍थान

Rajasthan: shaming open defecators by garlanding them

हालांकि ये सम्मान ऐसा था कि जिसे लेकर लोग मुस्कुराए तो जरूर लेकिन खुश कोई नहीं दिखा। सिंह ने बताया कि इस अभियान का मकसद उन लोगों को शर्मिंदा करना था जो घरों में या सावर्जनिक शौचालय होने के बाद भी खुले में शौच के लिए जाते हैं और बीमारियां फैलाते हैं। 

यह अभियान राज्य स्तर पर चलाया जा रहा है जो आगामी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती तक चलेगा। 

दूसरी ओर एक तथ्य ये भी है कि अभी भी राज्य में काफी लोगों के पास पक्के शौचालय नहीं हैं। नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस द्वारा जारी आंकडों के अनुसार ग्रामीण इलाकों के 73 फीसदी और शहरी इलाकों के 14.2 घरों में अभी भी पक्के शौचालय की व्यवस्‍था नहीं है। यहां तक की मात्र 4.7 फीसदी गांवों में ही सामुदायिक शौचालय की व्यवस्‍था है जो कि भारत के कुल औसत 13.1 फीसदी के मुकाबले काफी कम है।

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