'कैसे नजरें फेर लीं, मतलब निकल जाने के बाद...' पायलट की वापसी पर कांग्रेसी विधायकों का छलका दर्द
राजस्थान में एक महीने से जारी सियासी संकट खत्म होने की तरफ बढ़ रहा है। मंगलवार को सचिन पायलट दिल्ली से जयपुर लौट आए। वहीं, अब जैसलमेर के सूर्यागढ़ होटल में ठहरे हुए कांग्रेस के विधायक भी जयपुर पहुंच गए हैं। हालांकि कांग्रेसी विधायकों की नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी इस बात की ओर संकेत दे चुके हैं कि बागियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से पार्टी विधायक परेशान हैं। सीएम ने कहा कि विधायकों का परेशान होना स्वाभाविक है। जिस तरह से यह प्रकरण हुआ और जिस तरह से वे एक महीने तक रहे, यह स्वाभाविक था। मैंने उन्हें समझाया है कि कभी-कभी हमें सहनशील होने की आवश्यकता होती है यदि हमें राष्ट्र, राज्य, लोगों की सेवा करनी है और लोकतंत्र को बचाना है।
जयपुर पहुंचे कांग्रेस विधायक
कांग्रेस व उसके समर्थक विधायक बुधवार दोपहर को जैसलमेर से जयपुर पहुंच गए। कांग्रेस व उसके समर्थक विधायक कई दिन से जैसलमेर के एक होटल में रुके हुए थे। वे एक उड़ान से बुधवार दोपहर यहां पहुंचे। फिलहाल वे यहां एक होटल में रुकेंगे।
परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के अनुसार विधायक उसी होटल में जा रहे हैं जहां वे पहले रुके थे। वहीं पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उल्लेखनीय है कि विधानसभा का सत्र 14 अगस्त से शुरू होगा।
वापसी के दौरान बस में गाना गाते नजर आए विधायक
कांग्रेस विधायक जैसलमेर से जयपुर लौट हैं, इसके लिए उन्हें होटल से हवाई अड्डे तक ले जाने के लिए बस की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद वह विमान से जयपुर पहुंचें हैं। वहीं, इस दौरान सभी विधायक गाना गाते सुने गए।
विधायकों ने इस गाने को गाया......
ला पिला दे साकिया पैमाना पैमाने के बाद
होश की बातें करूंगा, होश में आने के बाद
दिल मेरा लेने की खातिर, मिन्नतें क्या क्या न कीं
कैसे नजरें फेर लीं, मतलब निकल जाने के बाद
वक्त सारी जिन्दगी में, दो ही गुजरे हैं कठिन
इक तेरे आने से पहले, इक तेरे जाने के बाद
सुर्ख रूह होता है इंसां, ठोकरें खाने के बाद
रंग लाती है हिना, पत्थर पे पिस जाने के बाद
#WATCH Rajasthan: Congress MLAs staying at Suryagarh hotel in Jaisalmer sing song on-board a bus. They are enroute airport and will return to Jaipur. pic.twitter.com/wDjLzHGkPr
— ANI (@ANI) August 12, 2020
गहलोत ने कहा- आलाकमान का फैसला सर्वोपरि
सीएम गहलोत ने कहा कि हमारे विधायक ने जिस तरह से हमारा साथ दिया यह किसी भी पार्टी के लिए अपने आप में एक इतिहास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें आलाकमान पर पूरा भरोसा है। आलाकमान ने जो भी फैसला किया है वह उचित और सर्वमान्य है। पायलट की वापसी पर विधायकों की नाराजगी पर मुख्यमंत्री गहलोत ने सबसे कहा कि आलाकमान का आदेश सर्वोपरी होता है। इसके साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि जिस भी विधायक ने इस संकट में पार्टी के प्रति निष्ठा रखी है उस विधायक के किसी भी हित के साथ समझौता नहीं होगा। इन विधायकों की हर बात सुनी जाएगी।
गहलोत का सम्मान है, पर मुझे काम के मुद्दे उठाने का हक है: पायलट
उधर, सचिन पायलट ने कहा, गहलोत मुझसे बड़े हैं। मैं उनका सम्मान करता हूं, लेकिन मुझे काम के मुद्दे उठाने का हक है। उन्होंने कहा, मुद्दा यह नहीं कि मैं किसी का कितना विरोध करता हूं, लेकिन ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करता।
राजनीति में निजी दुश्मनी की जगह नहीं होती। पायलट उस बयान पर टिप्पणी दे रहे थे जिसमें गहलोत ने उन्हें निकम्मा कहा था। पायलट ने कहा, मैंने कभी पार्टी की विचारधारा, पार्टी नेतृत्व के खिलाफ कुछ नहीं बोला। हम 20 साल से कांग्रेस कार्यकर्ता हैं। जो जिम्मेदारी दी हमने पूरी की। मैंने कोई पद नहीं मांगा, बल्कि कार्यकर्ताओं के सम्मान और कामकाज से जुड़े मुद्दे उठाए। जिस तरह राजद्रोह की धारा में नोटिस दिया और फिर उसे वापस लिया गया, वह गलत था।
बहुमत साबित करने में कोई समस्या नहीं: खाचरियावास
राजस्थान सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा है, जो लोग हमें छोड़कर गए थे वे अब लौट आए हैं, अब हमें बहुमत साबित करने में कोई समस्या नहीं है। सभी विधायक 14 अगस्त को होटल फेयरमोंट जाएंगे और वहां से राज्य विधानसभा जाएंगे। हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं।
The people who had left have now returned, we have no issues in proving majority. All the MLAs will go to Hotel Fairmont and go to State Assembly on August 14, from there. We are prepared for every situation: Pratap Singh Khachariyawas, Rajasthan Minister & Congress leader pic.twitter.com/09A0pABkBN
— ANI (@ANI) August 12, 2020