Budget 2023: खोदा पहाड़, निकली मरी चुहिया, उपनेता प्रतिपक्ष राठौड़ बोले- केंद्र के दम पर CM ने पेश किया बजट
राजस्थान विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सीएम अशोक गहलोत की ओर से पेश 2023-24 के बजट को खोदा पहाड़ निकली मरी हुई चुहिया बताया है। राठौड़ ने कहा-केंद्र सरकार के पैसों के दम पर बजट पेश किया गया है। जिसका पूरा आधार सिर्फ कर्जा है।
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विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष और बीजेपी के सीनियर नेता राजेंद्र राठौड़ ने सीएम गहलोत की ओर से पेश किए गए साल 2023-24 के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- राजस्थान का कर्जा करीब 6 हजार करोड़ रुपए को पार कर रहा है। सरकार के पास पैसा नहीं है। लेकिन बजट के माध्यम से चुनाव की वैतरणी पार करने के लिए ताबड़तोड़ घोषणाएं कर डालीं। किसान को बिजली मिल ही नहीं रही है। इसलिए बिजली की राहत का उन पर प्रभाव क्या पड़ेगा ? नेशनलाइज्ड बैंक के किसान जिनकी संख्या आज भी 9 लाख के करीब है, वो उनकी ओर से कर्जामाफी का इंतजार कर रहे हैं, उसका प्रावधान नहीं किया।
कुल बजट कपोल कल्पित भावनाओं के आधार पर है
राठौड़ ने कहा- कुल बजट कपोल कल्पित भावनाओं पर है। केंद्र सरकार ने पिछली बार राजस्थान को 49 हजार 211 करोड़ केंद्रीय करों में हिस्सा देने के लिए कहा था, वो बढ़ाकर 57230 करोड़ हो गया है। केंद्र सरकार के पैसों के दम पर ही ये बजट सीएम ने पेश किया है। यह बजट खोदा पहाड़ और निकला मरी हुई चुहिया है। इसलिए ये बजट कपोल कल्पित बातों पर आधारित है, जो अधिकारियों ने पढ़कर इन्हें दी और सीएम ने पढ़कर सुना दी।
राहुल गांधी की यात्रा के समय 500 रुपए में गैस सिलेंडर देने की घोषणा की
राजेंद्र राठौड़ ने कहा-बजट वैसे ही लीक हुआ, जैसे पहले प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक किया था। पूरे राजस्थान में 130 करोड़ रुपए दो दिन में खर्च करके अखबारों में विज्ञापन और होर्डिंग्स के माध्यम से बजट में बचत और राहत की बात कही गई। बचत की बात उस समय खत्म हो गई थी, जब राहुल गांधी की यात्रा के समय उन्होंने 500 रुपए का सिलेंडर देने की घोषणा की और बजटीय प्रावधान अब किया। बजट के लिए सीएम गम्भीर होते, तो पिछले बजट का पठन शुरू नहीं करते।
संविधान के अनुसार वो बजट पढ़ नहीं सकते थे
राठौड़ बोले - इस पूरे मामले में आर्टिकल 202 में प्रावधान है, राज्यपाल से समन जारी हुआ और 11 बजे का समय तय हुआ। ये तो हमारे प्रदेशाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष की सहृदयता थी जो उन्होंने अनुमति दे दी, वरना संविधान के अनुसार वो बजट पढ़ नहीं सकते थे। बजट का पूरा आधार सिर्फ और सिर्फ कर्जा है। रिजर्व बैंक ने चेतावनी दी थी कि 39.8 प्रतिशत जीडीपी का कर्जा होने पर हाई फिजिकल स्ट्रेस में राजस्थान आ गया है।