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Rajasthan:राजस्थान की 2 लाख ढाणियों में नहीं बिजली, ऊर्जा राज्यमंत्री बोले-केंद्र को भेजा विद्युतीकरण प्रस्ताव

Thu, 16 Mar 2023 03:09 PM IST
नीरज शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: नीरज शर्मा Updated Thu, 16 Mar 2023 03:09 PM IST
सार

राजस्थान की 2 लाख ढाणियों में बिजली नहीं है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने खुद इस तथ्य को राजस्थान विधानसभा सदन में बताया है। साथ ही कहा-केंद्र सरकार को इसके विद्युतीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है।
 

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Rajasthan: No electricity in 2 lakhs dhani in Rajasthan, Energy minister bhati said proposal sent to GOI
राजस्थान की 2 लाख ढाणियों में बिजली नहीं,केंद्र को भेजा विद्युतीकरण प्रस्ताव। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

ऊर्जा राज्यमंत्री  भंवर सिंह भाटी ने गुरूवार को विधानसभा में कहा कि राज्य की विशेष भौगालिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश की अविद्युतीकृत ढ़ाणियों को केन्द्र की आरडीएसएस योजना में शामिल कर इनका विद्युतीकरण करने का प्रस्ताव केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय को भिजवाया है।
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भाटी ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने एक दिन पहले ही दिल्ली में केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह से मुलाकात भी की है। राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी ने विधानसभा सदन में बताया कि मार्च 2022 में दीनदयाल उपाध्याय और सौभाग्य योजना बंद होने के बाद प्रदेश में करीब 2 लाख ऐसी ढाणियां हैं जो अविद्युतीकृत हैं। इन ढाणियों का विद्युतीकरण केन्द्र की आरडीएसएस योजना के माध्यम से कराने के लिए राज्य सरकार ने केन्द्रीय  ऊर्जा मंत्रालय को पत्र भी लिखा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में तो मांग के आधार पर घरेलू कनेक्शन देने का प्रावधान है। लेकिन दूरस्थ ढ़ाणियों में कनेक्शन प्रदान करने के लिए केन्द्र सरकार की ओर से योजनाएं लाई जाती रही हैं। उन्होंने आशा जताई कि केन्द्र सरकार की ओर से इस संबंध में स्वीकृति दिए जाने पर प्रदेश में सभी अविद्युतीकृत ढाणियों का विद्युतीकरण किया सकेगा। ऊर्जा राज्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा सदस्यों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि पिछले 10 सालों से केन्द्र सरकार की राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना और सौभाग्य योजना के माध्यम से प्रदेश में ढ़ाणियों का विद्युतीकरण किया गया है। जिसमें राज्य सरकार का भी सहयोग रहता है। 
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विधायक जगदीश चंद्र के मूल प्रश्न का दिया लिखित जवाब

इससे पहले विधायक जगदीश चन्द्र के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में ऊर्जा राज्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की की ढा़णियों में स्थायी निवास कर रहे लोगों के घरों में बिजली कनेक्शन देने के लिए वर्तमान में केन्द्र या राज्य सरकार की कोई अनुदानित योजना संचालित नहीं है। हालांकि वर्तमान में किसी भी आवेदक के संबंधित एईएन ऑफिस में आवेदन करने पर घरेलू बिजली कनेक्शन कनेक्शन ’विद्युत आपूर्ति के लिए नियम और शर्ते-2021’ के उपबन्धों 4 और 6  के अनुसार आवश्यक डिमांड राशि जमा करवाने के बाद जारी किए जाने का प्रावधान है। यह एक कंटीन्यू प्रोसेस है।


अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम ने अविद्युतीकृत ढाणियों के 1 लाख 95 हजार परिवारों के आवास

भाटी ने बताया कि अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम ने अविद्युतीकृत ढा़णियों के लगभग 1 लाख 95 हजार परिवारों के आवासों को विद्युतीकृत करने के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर जनवरी, 2023 में भारत सरकार के उपक्रम आरईसी को स्वीकृति के लिए भेजी है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट के स्वीकृत होने पर स्वीकृति अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से राजस्थान को अतिरिक्त कोयले की मांग

ऊर्जा राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी ने एक दिन पहले नई दिल्ली के श्रम शक्ति भवन में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से मुलाकात कर राजस्थान को अतिरिक्त कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग रखी थी। साथ ही पूर्व में आवंटित कोयले की उचित डिस्ट्रिब्यूशन व्यवस्था करने को भी कहा गया। प्रदेश की अविद्युतीकृत ढाणियों का विद्युतकरण करने के लिए केंद्र की आरडीएसएस योजना में नवीन मद या नवीन योजना में शामिल करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम को छत्तीसगढ़ के पारसा ईस्ट और कांता बासन कोल ब्लॉक की शेष 91 हेक्टेयर द्वितीय चरण वन भूमि खनन के लिए तत्काल उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया। भाटी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के समक्ष मांग रखी कि छत्तीसगढ़ में एसीबी की वॉशरी साइडिंग पर पड़े लगभग 4 लाख टन कोयले को छुड़वाया जाए, ताकि ताकि राजस्थान में बिजली की बढ़ती हुई मांग को पूरा करने में यह कोयला समय पर काम आ सके।बैठक में राजस्थान ऊर्जा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेट्री भास्कर ए. सावंत और आवासीय आयुक्त धीरज श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
 
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