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निकाय चुनाव: जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर-डिप्टी मेयर का चुनाव टला, 10 मतदान केंद्रों पर 16 को पुनर्मतदान
Mon, 14 Sep 2026 08:22 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 14 Sep 2026 08:22 PM IST
सार
राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव की मतगणना के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण चार निकायों के कुछ वार्डों के नतीजे अटक गए। इसके चलते जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम के साथ सुकेत नगरपालिका में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव आगामी आदेश तक स्थगित कर दिए गए हैं। अब जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत के 10 मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर को पुनर्मतदान होगा। इसकी मतगणना 17 सितंबर को की जाएगी।
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10 बूथों पर फिर से होगा मतदान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की मतगणना के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने चार निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव स्थगित कर दिए हैं। इनमें जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम तथा सुकेत नगरपालिका शामिल हैं। इन निकायों में कुछ बूथों के परिणाम ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण जारी नहीं हो सके हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के तहत जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं सुकेत के कुछ मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर को पुनर्मतदान कराने के निर्देश दिए हैं। मतगणना के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी सामने आने के बाद आयोग ने यह फैसला लिया है।
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पूरे नतीजे बिना अध्यक्ष का चुनाव संभव नहीं
आयोग के मुताबिक, जब तक किसी निकाय के सभी चुनाव परिणाम घोषित नहीं हो जाते, तब तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव कराना संभव नहीं है। इसी वजह से जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत नगरपालिका में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव आगामी आदेश तक रोक दिए गए हैं।
10 बूथों पर फिर डाले जाएंगे वोट
आयोग के अनुसार, नगर निगम जयपुर के वार्ड संख्या 09 के बूथ संख्या 111, वार्ड संख्या 18 के बूथ संख्या 235, वार्ड संख्या 25 के बूथ संख्या 343, वार्ड संख्या 34 के बूथ संख्या 477 एवं 484 पर पुनर्मतदान होगा। नगर निगम जोधपुर के वार्ड संख्या 50 के बूथ संख्या 338, नगर निगम कोटा के वार्ड संख्या 87 के बूथ संख्या 99, वार्ड संख्या 44 के बूथ संख्या 448, वार्ड संख्या 11 के बूथ संख्या 576 तथा नगरपालिका सुकेत के वार्ड संख्या 04 के बूथ संख्या 05 पर भी वोटिंग कराई जाएगी।
प्रतिद्वंद्वियों के अंतर से ज्यादा प्रभावित हुए वोट
आयोग को इन मतदान केंद्रों पर मतगणना के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी की शिकायतें मिली थीं। संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों की रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद आयोग ने पाया कि तकनीकी खराबी से प्रभावित मतों की संख्या निकटतम प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के बीच मतों के अंतर से अधिक है। इसके बाद पुनर्मतदान का निर्णय लिया गया।
16 सितंबर को होगी वोटिंग
इन सभी मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक पुनर्मतदान होगा। पुनर्मतदान की मतगणना 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से निर्धारित स्थान पर की जाएगी। अभ्यर्थियों और निर्वाचन अभिकर्ताओं को इसकी सूचना लिखित रूप से दी जाएगी। मतदाताओं के लिए भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
सिर्फ सूची में दर्ज मतदाता ही डाल सकेंगे वोट
पुनर्मतदान में केवल संबंधित मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज मतदाता ही मतदान कर सकेंगे। मूल मतदान के दौरान बाईं हाथ की मध्यमा अंगुली पर लगाई गई स्याही मिटाने के बाद फिर से स्याही लगाई जाएगी। जरूरत होने पर ईवीएम में इस्तेमाल होने वाले मतपत्र और निविदत्त मतपत्र भी नए सिरे से तैयार किए जाएंगे।
पुरानी EVM रहेगी सील, सुरक्षित रखी जाएगी
आयोग ने निर्देश दिए हैं कि पुनर्मतदान के बाद मूल मतदान में इस्तेमाल ईवीएम को सील कर सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाए। संबंधित अधिकारियों को पुनर्मतदान की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बोर्ड गठन पर भी पड़ा सीधा असर
ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण कुछ वार्डों के परिणाम अटकने से अब इन चार निकायों में बोर्ड गठन की प्रक्रिया भी तय कार्यक्रम के मुताबिक आगे नहीं बढ़ पाएगी। यानी जब तक सभी वार्डों का परिणाम साफ नहीं होता, तब तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की तस्वीर भी स्पष्ट नहीं होगी।
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राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के तहत जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं सुकेत के कुछ मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर को पुनर्मतदान कराने के निर्देश दिए हैं। मतगणना के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी सामने आने के बाद आयोग ने यह फैसला लिया है।
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पूरे नतीजे बिना अध्यक्ष का चुनाव संभव नहीं
आयोग के मुताबिक, जब तक किसी निकाय के सभी चुनाव परिणाम घोषित नहीं हो जाते, तब तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव कराना संभव नहीं है। इसी वजह से जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत नगरपालिका में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव आगामी आदेश तक रोक दिए गए हैं।
10 बूथों पर फिर डाले जाएंगे वोट
आयोग के अनुसार, नगर निगम जयपुर के वार्ड संख्या 09 के बूथ संख्या 111, वार्ड संख्या 18 के बूथ संख्या 235, वार्ड संख्या 25 के बूथ संख्या 343, वार्ड संख्या 34 के बूथ संख्या 477 एवं 484 पर पुनर्मतदान होगा। नगर निगम जोधपुर के वार्ड संख्या 50 के बूथ संख्या 338, नगर निगम कोटा के वार्ड संख्या 87 के बूथ संख्या 99, वार्ड संख्या 44 के बूथ संख्या 448, वार्ड संख्या 11 के बूथ संख्या 576 तथा नगरपालिका सुकेत के वार्ड संख्या 04 के बूथ संख्या 05 पर भी वोटिंग कराई जाएगी।
प्रतिद्वंद्वियों के अंतर से ज्यादा प्रभावित हुए वोट
आयोग को इन मतदान केंद्रों पर मतगणना के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी की शिकायतें मिली थीं। संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों की रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद आयोग ने पाया कि तकनीकी खराबी से प्रभावित मतों की संख्या निकटतम प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के बीच मतों के अंतर से अधिक है। इसके बाद पुनर्मतदान का निर्णय लिया गया।
16 सितंबर को होगी वोटिंग
इन सभी मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक पुनर्मतदान होगा। पुनर्मतदान की मतगणना 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से निर्धारित स्थान पर की जाएगी। अभ्यर्थियों और निर्वाचन अभिकर्ताओं को इसकी सूचना लिखित रूप से दी जाएगी। मतदाताओं के लिए भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
सिर्फ सूची में दर्ज मतदाता ही डाल सकेंगे वोट
पुनर्मतदान में केवल संबंधित मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज मतदाता ही मतदान कर सकेंगे। मूल मतदान के दौरान बाईं हाथ की मध्यमा अंगुली पर लगाई गई स्याही मिटाने के बाद फिर से स्याही लगाई जाएगी। जरूरत होने पर ईवीएम में इस्तेमाल होने वाले मतपत्र और निविदत्त मतपत्र भी नए सिरे से तैयार किए जाएंगे।
पुरानी EVM रहेगी सील, सुरक्षित रखी जाएगी
आयोग ने निर्देश दिए हैं कि पुनर्मतदान के बाद मूल मतदान में इस्तेमाल ईवीएम को सील कर सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाए। संबंधित अधिकारियों को पुनर्मतदान की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बोर्ड गठन पर भी पड़ा सीधा असर
ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण कुछ वार्डों के परिणाम अटकने से अब इन चार निकायों में बोर्ड गठन की प्रक्रिया भी तय कार्यक्रम के मुताबिक आगे नहीं बढ़ पाएगी। यानी जब तक सभी वार्डों का परिणाम साफ नहीं होता, तब तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की तस्वीर भी स्पष्ट नहीं होगी।