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Rajasthan: मक्का में मक्केश्वर महादेव, शंकराचार्य निश्चलानंद बोले-15 देश हिंदू राष्ट्र बनने को तैयार
Sun, 18 Sep 2022 10:35 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sun, 18 Sep 2022 10:35 PM IST
सार
Rajasthan: हिंदू राष्ट्र संगोष्ठी में शंकराचार्य स्वामी निश्चालानंद सरस्वती ने कहा, नेपाल और मॉरीशस सहित दुनिया के 15 देश हिंदू राष्ट्र बनने की तैयारी में हैं। वह सिर्फ भारत के रुख का इंतजार कर रहे हैं।
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जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Rajasthan: राजस्थान के नागौर जिले में रविवार को हिंदू राष्ट्र संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चालानंद सरस्वती ने बड़ा दावा कर दिया। उत्तर प्रदेश की ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग को लेकर उन्होंने कहा, ज्ञानवापी ही क्या बात है, हम तो मक्का तक पहुंच गए हैं। वहां मक्केश्वर महादेव हैं। भारत हिंदू राष्ट्र है, अगर सरकार इसे हिंदू राष्ट्र घोषित करती है तो दुनिया के 15 देश हिंदू राष्ट्र बनने की तैयारी में हैं।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शंकराचार्य स्वामी निश्चालानंद सरस्वती ने कहा, नेपाल और मॉरीशस सहित दुनिया के 15 देश हिंदू राष्ट्र बनने की तैयारी में हैं। वह सिर्फ भारत के रुख का इंतजार कर रहे हैं।
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बता दें कि पुरी पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती शनिवार को नागौर पहुंचे थे। वह पुरी के श्रीगोवर्धनमठ के 145 वें शंकराचार्य हैं। 9 फरवरी 1992 को उन्हें इस पद पर आसीन किया था। इससे पहले मठ के 144 वें शंकराचार्य जगतगुरु स्वामी निरंजनदेव तीर्थ महाराज थे। उन्होंने स्वामी निश्चलानंद सरस्वती को अपना उत्तराधिकारी बनाया था।
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जानिए क्या है ज्ञानवापी विवाद?
1991 में वाराणसी कोर्ट में काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी केस में पहला मुकदमा दाखिल किया गया था। जिसे 1993 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूजास्थल कानून का हवाला देकर स्टे लगा दी और यथास्थिति कायम रखने के आदेश जारी कर दिए। 2018 में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले बाद 2019 में वाराणसी कोर्ट में इस मामले में फिर से सुनवाई शुरू हुई। 2021 में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट से ज्ञानवापी मस्जिद के पुरातात्विक सर्वेक्षण की मंजूरी दे दी।
16 मई को इसका सर्वे पूरा हुआ। इस दौरान हिंदू पक्ष की ओर से दावा किया कि कुएं में शिवलिंग मिला है। वहीं, मुस्लिम पक्ष ने इस तरह की सभी बातों से इनकार किया। मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में पूजा स्थल कानून का हवाला देकर हिंदू पक्ष की याचिका खारिज करने की मांग की। 12 सितंबर को कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी। साथ ही आदेश में कहा कि इस मामले में सुनवाई जारी रहेगी।