मां के साथ छत पर सोई बच्ची की गर्दन दबोचकर कूदा तेंदुआ
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राजस्थान के राजसमंद में तेंदुए के हमले का एक अजीब वाक्या सामने आया है। यहां छित्तर का बादल गांव में मां बाप के साथ छत पर सोई बच्ची को एक तेंदुआ उठाकर ले गया। छत से छलांग लगाते समय बच्ची तेंदुए के जबडे से छूटी तो नीचे गिरकर उसकी मौत हो गई।
इसके बाद तेंदुआ उसके शव को वहीं छोड़कर फरार हो गया। घटना के बाद से ग्रामीणों में जबरदस्त दहशत है। हाल फिलहाल यह चौथी घटना है जिसें तेंदुआ लोगों के घरों तक पहुंच गया।
जानकारी के अनुसार केलवाड़ा पुलिस थाने में आने वाले गांव छित्तर का बादल में बुधवार रात रंजीत सिंह की 12 साल की बेटी रवीना परिजनों के साथ घर की छत पर सोई हुई थी। इसी दौरान एक तेंदुआ चुपचाप उनकी छत पर पहुंचा और रवीना को जबड़े में दबोचकर चल दिया। छत पर होने के कारण तेंदुए ने वहीं से छलांग लगा दी, इसी बीच रवीना उसके जबड़े से छूटकर सीधे नीचे जा गिरी।
घरवालों को पता ही नहीं लगा चुपचाप बच्ची को ले गया तेंदुआ
घरवालों को इस घटना का कुछ पता नहीं चल सका। सुबह चार बजे रवीना की मां की आंख खुल तो उन्होंने महसूस हुआ कि वह छत पर नहीं है। उन्होंने अपने पति को उठाकर इसकी जानकारी दी। परिजनों ने तुरंत उसकी तलाश शुरू की तो उसका शव घर के बाहर पड़ा मिला। उसके शरीर पर किसी जानवर के दांतों के निशान थे।
आसपास भी किसी बड़े जानवर के पंजों के निशान थे, जिससे ग्रामीणों ने अंदाजा लगाया कि यह किसी तेंदुए का काम है, क्योंकि वह ही इतनी फुर्ती के साथ छत पर चढ़कर किसी बच्चे को उठा सकता है।
बच्ची के पोस्टमार्टम के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। ग्रामीणों का आरोप था कि वन विभाग लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं पर कोई रोकथाम नहीं लगा पा रहा है। वहीं हादसे के बाद पुलिस और वन विभाग ने तेंदुए की तलाश में ऑपरेशन चलाया लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग लगातार क्षेत्र में तेंदुए की हलचल और उपस्थिति को नजरअंदाज कर रहा है।