Rajasthan: बसपा से आए विधायकों के मतपत्र अलग रखने और परिणाम पर रोक लगाने की मांग, हाईकोर्ट का दखल से इनकार
हाईकोर्ट में याचिका लगाकर बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायकों के मतपत्र को अलग रखने की मांग की गई थी। कहा गया कि जब तक मामला का निस्तारण नहीं हो जाता, परिणाम जारी नहीं किए जाए।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने बसपा विधायकों के दल बदल से जुड़े मामले में दायर प्रार्थना पत्र में दखल से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ऐसे में फिलहाल कोर्ट दखल नहीं देगा।
बता दें कि हेमंत नाहटा की ओर से प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 24 अगस्त 2020 को विधानसभा स्पीकर को दल बदल के मामले में तीन महीने में फैसला लेने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद भी स्पीकर की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव के लिए बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायकों के मतपत्र को अलग रखा जाए। जब तक याचिका का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक चुनाव का परिणाम घोषित नहीं किया जाए। याचिका पर जस्टिस पंकज भंडारी और जस्टिस उमाशंकर व्यास की अवकाश कालीन विशेष खंडपीठ ने दखल देने से इनकार कर दिया।