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राजस्थान: नौकरशाही में बड़ा फेरबदल, 239 स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले
Tue, 26 Apr 2022 04:23 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, जयपुर
पीटीआई, जयपुर
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 26 Apr 2022 04:23 AM IST
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राजस्थान सचिवालय।
- फोटो : फाइल फोटो
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राजस्थान सरकार ने नौकरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए सोमवार को राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के 239 अधिकारियों का तबादला कर दिया। राज्य के कार्मिक विभाग ने सोमवार रात इस संबंध में आदेश जारी किया। जिन आरएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है, उनमें कजोड़मल डूंडिया, लेखराज तोसावड़ा, पुखराज सेन व मुकुल शर्मा का नाम भी शामिल है।
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अलवर मंदिर विध्वंस मामले में बैकफुट पर राजस्थान सरकार
अतिक्रमण हटाने के नाम पर अलवर में 300 वर्ष पुराने मंदिर के विध्वंस मामले में राजस्थान सरकार बैकफुट पर आ गई है। सोमवार देर रात सरकार ने राजगढ़ के एसडीएम केशव कुमार मीणा सहित तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया। निलंबित अधिकारियों में राजगढ़ नगर पालिका बोर्ड के अध्यक्ष सतीश दुहरिया और नगर पंचायत के कार्यकारी अधिकारी बनवारी लाल मीणा भी शामिल हैं।
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अलवर जिले के राजगढ़ के सराय मोहल्ला में पिछले सप्ताह रास्ता चौड़ा करने के लिए 86 दुकानों और घरों सहित 300 साल पुराने शिव मंदिर को बुलडोजर से तोड़ा गया था। भाजपा ने घेरना शुरू किया, तो शुरुआत में राजस्थान में सत्तासीन कांग्रेस ने दावा किया मंदिर भाजपा ने तुड़वाया है, क्योंकि स्थानीय निकाय में भाजपा का शासन है। वहीं, भाजपा ने इस मामले में दावा किया कि मास्टर प्लान के तहत स्थानीय निकाय की तरफ से होने वाली कार्रवाई में मंदिर और घरों को तोड़ना शामिल नहीं था, यह राज्य सरकार के निर्देश पर स्थानीय एसडीएम व अन्य अधिकारियों ने किया है।
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जनहित याचिका दायर
इसी सिलसिले में सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, अलवर जिला कलेक्टर, एसडीएम, नगर पालिका व अन्य को अवैध तरीके से मंदिर तोड़ने का जिम्मेदार बताया गया है। याचिका में कहा गया कि शिव मंदिर को असंवैधानिक तरीके से तोड़कर हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है।
वहीं, विपक्षी भाजपा एक समुदाय के लिए तुष्टीकरण की राजनीति करने के लिए राज्य सरकार पर निशाना साध रही है, जबकि कांग्रेस ने दावा किया कि राजगढ़ नगरपालिका में भाजपा बोर्ड द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान का निर्णय लिया गया था। कार्मिक विभाग के आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने तथा कार्यभार ग्रहण करने की रिपोर्ट देने को कहा गया है।