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राजस्थान सरकार ने पंचायती राज संशोधन विधेयक को दी मंजूरी
Fri, 18 Jan 2019 05:56 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Fri, 18 Jan 2019 05:56 AM IST
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राजस्थान सरकार ने पंचायतीराज संस्थाओं तथा नगरीय निकायों में जनप्रतिनिधियों के निर्वाचन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के प्रावधान को समाप्त करने के लिए ‘राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2019‘ व ‘राजस्थान नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2019‘ के प्रारूप को मंजूरी दे दी है।
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ये दोनों विधेयक विधानसभा के वर्तमान सत्र में ही पेश किए जाएंगे। इन संशोधन विधेयकों के पारित होने से पंचायती राज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों में निर्वाचन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान समाप्त हो जाएगा। इससे सभी नागरिकों को इन संस्थाओं में निर्वाचन के लिए समान अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। मंत्रिमण्डल
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वहीं राज्य सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में आरएएस मुख्य परीक्षा की तारीख आगे बढाने का फैसला किया। सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक राजस्थान सरकार आरएएस -2018 मुख्य परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग को अनुशंसा करेगी।
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निवास पर बृहस्पतिवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में प्रशासनिक सेवा परीक्षा-2018 के संबंध में छात्रों की मांग एवं न्यायिक प्रकरणों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार आरएएस -2018 मुख्य परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग से अनुशंसा करेगी।
एक सरकारी बयान के अनुसार मंत्रिमण्डल द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में समयबद्ध परीक्षाओें का आयोजन हो, इस हेतु सभी अड़चनों को समय पर समुचित रूप से निस्तारित किये जाने के प्रभावी प्रयास किये जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि 29 दिसम्बर को मंत्रिमण्डल की पहली ही बैठक में सत्ता के विकेंद्रीकरण में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंचायतीराज संस्थाओं तथा नगरीय निकायों में जनप्रतिनिधियों के निर्वाचन हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता समाप्त करने का निर्णय किया गया था।
कैबिनेट मंत्री परसादी लाल मीणा ने संवाददाताओं को बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में विधानसभा में सरकार का पक्ष रखने पर, राज्यपाल के अभिभाषण और राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों, किसानों की कर्ज माफी संबंधी विधयेकों पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि विधानसभा सत्र में सभी प्रमुख विधयेकों को पेश करने के बारे में निर्णय लिया गया है।