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Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan Elections 2023: Local Leaders Associated With Amar Ujala Program 'Satta Ka Sangram' In Churu

सत्ता का संग्राम: तारानगर में चुनावी चर्चा, BJP-कांग्रेस दोनों ने किया जीत का दावा, ये बोले नेता

Thu, 23 Nov 2023 11:20 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Thu, 23 Nov 2023 11:20 PM IST
सार

Rajasthan Election 2023: राजस्थान में आगामी विधानसभा को होने वाले चुनावी रण को कवर करने के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ प्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में जाकर चुनावी मुद्दों को जान रहा है। इसी को लेकर आज चुरू जिले के तारानगर में 'सत्ता का संग्राम' हुआ। पढ़िए, चुनावी बहस में लोगों ने क्या कहा?  
 

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Rajasthan Elections 2023: Local Leaders Associated With Amar Ujala Program 'Satta Ka Sangram' In Churu
सत्ता का संग्राम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। विधानसभा चुनाव 2023 से पहले अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' प्रदेश भर के मतदाताओं का मन टटोलने निकला है। इसी सिलसिले में आज हमारा कारवां चुरू जिले के तारानगर विधानसभा पहुंचा है। नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी टक्कर कांग्रेस के नरेंद्र बुडानिया से है। राठौड़ के यहां आने से तारानगर हॉट सीट बनी हुई है।

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कांग्रेस समर्थक बाबू कुरैशी ने कहा कि यहां का चुनाव विकास के मुद्दे पर होगा। नरेंद्र बुडानिया और गहलोत सरकार ने पांच साल में यहां जमकर विकास किया है। ट्रामां सेंटर बनाया गया है, नेचर पार्क, कसतूरबा गांधी महाविद्यायल समेत अन्य विकास कार्य किए गए हैं। नरेंद्र बुडानिया विकास के मुद्दे पर ही चुनाव लड़ रहे हैं। 
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भाजपा समर्थक मोहम्मद रशीद ने कहा कि राजेंद्र राठौड़ ने 30 हजार से ज्यादा वोटों से चुनाव जीत रहे हैं। राठौड़ यहां से विधायक रह चुके हैं। अगर, किसी ने तारानगर में विकास कराया है तो उसका नाम है राजेंद्र राठौड़। कोई जानता नहीं था सीसी रोड किसे कहते हैं। क्षेत्र का चौमुखी विकास उनकी ही देन है। गांधी पार्क, नगर पालिका बिल्डिंग समेत अन्य काम उन्होंने कराए है। तारानगर की जनता की मांग पर ही वे यहां आए हैं। वे गरीब को गणेश मानकर काम करते हैं। 

एक अन्य कांग्रेस समर्थक ने कहा कि राजेंद्र राठौड़ अगर चूरू से जीत जाते तो यहां क्यों आते। वे वहां नहीं जीत रहे थे, इसलिए यहां आए। वे 10 हजार वोटों से चुनाव हार रहे हैं। इसका जवाब देते हुए मोहम्मद रशीद ने कहा राठौड़ साबह चूरू से सात बार चुनाव जीत चुके हैं। अगर, वे विकास नहीं करते तो वहां की जनता वोट बार-बार क्यों जिताती। वे यहां आए क्योंकि राठौड़ तारानगर के महबूब नेता हैं। यहां से जिताकर ही भेजेंगे। 

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