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Rajasthan Election: दौसा में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू; जानें क्या कर सकेंगे, क्या नहीं

Wed, 11 Oct 2023 09:25 AM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Wed, 11 Oct 2023 09:25 AM IST
सार

Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्थान में चुनावी बिगुल बज गया है। इसे लेकर पूरे प्रदेश में चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने की कवायद तेज हो गई है। इसी के मद्देनजर दौसा जिले में निषेधाज्ञा लागू की गई है। जानें इस दौरान क्या कर सकेंगे और क्या नहीं।

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Rajasthan Election: Section 144 imposed to maintain law and order in Dausa; Know what you can do and what not
दौसा जिलाधिकारी कमर चौधरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान में भारत निर्वाचन आयोग द्वार नौ अक्टूबर 2023 घोषित कार्यक्रम अनुसार विधानसभा आम चुनाव 2023 के लिए निर्वाचन की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। दौसा जिले में चुनाव शांतिपूर्वक स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुव्यस्थित ढंग से संपन्न कराया जाना आवश्यक है। साथ ही दौसा जिले के सभी क्षेत्र और सभी वर्गों के मतदाता बिना किसी आतंक और भय के अपने संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग कर सकें, इसके लिए असामाजिक, अवांछित और बाधक तत्वों की गतिविधियों को नियंत्रित करने तथा कानून व्यवस्था एवं लोक शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक उपाय किए जाना नितांत आवश्यक है।

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जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने जिले की परिस्थितियों और प्रयोजन तथा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला दौसा की राजस्व सीमाओं के भीतर निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किए है।
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किसी भी प्रकार के हथियार पर लगी रोक
जिला मजिस्ट्रेट कमर चौधरी ने उक्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला दौसा की राजस्व सीमाओं के भीतर संपूर्ण क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ, रासायनिक पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र जैसे- रिवाल्वर, पिस्तौल, बंदूक, एम.एल. गन और बी.एल. गन आदि तथा अन्य हथियार जैसे गंडासा, फर्सी, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, छुरी, बर्छी, गुप्ती, कटार, धारिया, बाघनख (शेर-पंजा) जो किसी धातु के शस्त्र के रूप में बना हो आदि तथा विधि द्वारा प्रतिबंधित हथियार और मोटे घातक हथियार- लाठी आदि सार्वजनिक स्थानों पर लेकर न तो घूमेगा और न ही प्रदर्शन करेगा।
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यह आदेश ड्यूटी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस, चुनाव ड्यूटी में तैनात अर्धसैनिक बल, होमगार्ड और चुनाव ड्यूटी में मतदान दलों में तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। सिक्ख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परंपरा के अनुसार निर्धारित कृपाण रखने की छूट होगी। यह आदेश शस्त्र अनुज्ञापत्र नवीनीकरण हेतु आदेशानुसार शस्त्र निरीक्षण करवाने अथवा शस्त्र पुलिस थाना में जमा कराने हेतु ले जाने पर लागू नहीं होगा। दिव्यांग, बीमार और वृद्ध व्यक्ति जो बिना लाठी के सहारे नहीं चल सकते है। लाठी, बैशाखी का उपयोग चलने में सहारा लेने के लिए कर सकेंगे।

राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन के वह सदस्य जो प्रतियोगिता की तैयारी और भाग लेने जा रहे हैं, उन पर यह आदेश लागू नहीं होगा। उन्होंने बताया कि दौसा जिले से बाहर का कोई भी व्यक्ति दौसा जिले की सीमा में उपरोक्त तरह के हथियारों को अपने साथ नहीं लाएगा। न ही सार्वजनिक स्थानों पर प्रयोग या प्रदर्शन करेगा। कोई भी व्यक्ति संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के बिना किसी भी सार्वजनिक स्थल पर कोई भी जुलूस, सभा, धरना, भाषण आदि का आयोजन नहीं करेगा और न ही संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्र का प्रयोग नहीं किया जाएगा।

ध्वनि प्रसारण यंत्र का प्रयोग ऐसे कर सकेंगे
ध्वनि प्रसारण यंत्र के लिए अनुमति संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट द्वारा प्रातः 6.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक प्रसारण यंत्र के उपयोग के लिए दी जा सकेगी। ऐसे आयोजनों में कोई इस प्रकार का कृत्य नहीं करेगा जिससे यातायात व्यवस्था, जन व्यवस्था और जनशांति भंग हो। यह प्रतिबंध बारात और शव यात्र पर लागू नहीं होगा। कोई भी व्यक्ति सांप्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले तथा उत्तेजनात्मक नारे नहीं लगाएगा। न ही ऐसा कोई भाषण और उद्बोधन देगा। न ही ऐसे किसी पंफलेट, पोस्टर या अन्य प्रकार की चुनाव सामग्री छापेगा या छपवाएगा, वितरण करेगा या करवाएगा और न ही किसी एम्प्लीफायर, रेडियो, टेप रिकार्डर, लाउडस्पीकर, ऑडियो-वीडियो कैसेट या अन्य किसी इलैक्ट्रानिक उपकरणों के माध्यम से इस प्रकार का प्रचार-प्रसार करेगा अथवा करवाएगा। न ही ऐसे कार्यों के लिए किसी को दुष्प्रेरित करेगा।

किसी भी माध्यम से दुष्प्रचार नहीं कर सकेंगे
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि कोई भी व्यक्ति या संस्था इंटरनेट तथा सोशल मीडिया यथा फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप व यूट्यूब आदि के माध्यम से किसी प्रकार का धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति किसी के समर्थन या विरोध में सार्वजनिक एवं राजकीय संपत्तियों पर किसी तरह का नारा, लेखन या प्रति-चित्रण नहीं करेगा, न ही करवाएगा। और न ही किसी तरह के पोस्टर, होर्डिंग आदि लगाएगा, और न ही सार्वजनिक संपत्तियों का विरूपण करेगा या करवाएगा। किसी भी निजी संपत्ति का उक्त प्रयोजनार्थ उपयोग उसके स्वामी की लिखित पूर्वानुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।

सार्वजनिक स्थान पर नशापान वर्जित
कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मदिरा का सेवन नहीं करेगा, न ही अन्य किसी को सेवन करवाएगा अथवा न ही मदिरा सेवन के लिए दुष्प्रेरित करेगा। अधिकृत विक्रेताओं के अलावा कोई भी व्यक्ति निजी उपयोग के अलावा अन्य उपयोग हेतु सार्वजनिक स्थलों में मदिरा लेकर आवागमन नहीं करेगा और न ही इसके लिए किसी को दुष्प्रेरित करेगा। सूखा दिवस पर मदिरा विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी व्यक्ति चुनाव प्रचार या प्रसार हेतु वाहनों से यातायात बाधित नहीं करेगा, न ही करवाएगा।

इन पर रहेगी पूर्णत: रोक
संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट की लिखित पूर्व अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति ध्वनि प्रसारण यंत्र लगे किसी भी प्रकार के वाहन का प्रयोग नहीं करेगा, न ही करवाएगा। किसी भी मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, गिरिजाघरों या अन्य धार्मिक स्थानों का निर्वाचन प्रचार मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति मतदान दिवस के दिन मतदान केंद्र से और मतगणना दिवस पर मतगणना केंद्र से दो सौ मीटर की परिधि के अंदर किसी भी तरह के मोबाइल फोन, सेल फोन र वायरलेस का उपयोग नहीं करेगा, न ही लेकर चलेगा। यह प्रतिबंध चुनाव ड्यूटी में लगे पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। मतदान के दिवस मतदाताओं को वाहनों से मतदान केंद्रों तक ले जाने और वहां से वापस लाने पर पूर्णतः रोक रहेगी।


जिला निर्वाचन अधिकारी एवं मजिस्ट्रेट कमर चौधरी ने बताया कि विद्यमान परिस्थितियों में इस आदेश की व्यक्तिशः पालना कराया जाना संभव नहीं है। अतः एक पक्षीय आदेश जारी किया जाकर सर्व साधारण को दौसा जिले के मुख्य-मुख्य स्थानों यथा उपखंड कार्यालय, तहसील कार्यालय, पंचायत समिति कार्यालय, ग्राम पंचायत मुख्यालय इत्यादि पर इस आदेश को चस्पा कर और समाचार पत्रों के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर नागरिकों को सूचित किया जाए। यह आदेश नौ अक्टूबर 2023 सांय छह बजे से लागू होकर पांच दिसंबर 2023 तक प्रभावी रहेगा। इस निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन किए जाने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंडित करवाया जाएगा।

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