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राजस्थान चुनावः कैसे विधानसभा तक पहुंची पहली महिला नेता
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 01 Nov 2018 02:50 PM IST
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yashoda devi
राजस्थान में चुनावी बिगुल बज चुका है। सभी दल जोरशोर से प्रचार में लगे हैं। खास बात ये है कि सभी राजनीतिक दलों की नजर इस बार महिला मतदाताओं पर ज्यादा टिकी है। भले ही वसुंधरा राजे सूबे की पहली महिला मुख्यमंत्री हों पर विधानसभा में महिलाओं का प्रतिशत काफी कम रहा है।
आइए बात करते हैं राजस्थान की उस महिला की जो पहली बार विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचीं। देश की स्वतंत्रता के बाद राजस्थान में 1952 में पहली बार हुए चुनावों में एक भी महिला ने जीत दर्ज नहीं की, लेकिन इसके बाद हुए उपचुनाव में बांसवाड़ा विधानसभा की सामान्य सीट से यशोदा देवी जीत दर्ज करके पहली महिला विधायक बन गईं।
इस चुनाव में पूरे सूबे में सिर्फ चार महिलाओं ने चुनाव लड़ा था। इनमें जयपुर शहर विधानसभा क्षेत्र ए से समाजवादी पार्टी की वीरेन्द्रा बाई, फागी सीट से केएलपी पार्टी की चिरंजी देवी, उदयपुर शहर निर्वाचन क्षेत्र से शांता देवी (निर्दलीय) और सोजत मुख्य विधानसभा से जनसंघ की रानीदेवी ने चुनाव लड़ा था। नतीजा ये रहा कि एक भी महिला उम्मीदवार जीत नहीं दर्ज कर सकी।
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दरअसल 1953 में एसएसपी पार्टी के भेलजी का चुनाव अवैध घोषित होने के कारण उपचुनाव करवाया गया। यशोदा देवी प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के टिकट से चुनाव में उतरीं थीं। यशोदा देवी ने 63.75 फीसदी मत पाकर कांग्रेस के नटवरलाल को मात दी थी और राजस्थान की प्रथम महिला बनने का गौरव प्राप्त हुआ। राजस्थान विधानसभा में जो दूसरी महिला पहुंचीं वह कमला बेनीवाल थीं। कमला 1954 के उप चुनाव में जीतकर विधायक बनी थीं।
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आइए बात करते हैं राजस्थान की उस महिला की जो पहली बार विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचीं। देश की स्वतंत्रता के बाद राजस्थान में 1952 में पहली बार हुए चुनावों में एक भी महिला ने जीत दर्ज नहीं की, लेकिन इसके बाद हुए उपचुनाव में बांसवाड़ा विधानसभा की सामान्य सीट से यशोदा देवी जीत दर्ज करके पहली महिला विधायक बन गईं।
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इस चुनाव में पूरे सूबे में सिर्फ चार महिलाओं ने चुनाव लड़ा था। इनमें जयपुर शहर विधानसभा क्षेत्र ए से समाजवादी पार्टी की वीरेन्द्रा बाई, फागी सीट से केएलपी पार्टी की चिरंजी देवी, उदयपुर शहर निर्वाचन क्षेत्र से शांता देवी (निर्दलीय) और सोजत मुख्य विधानसभा से जनसंघ की रानीदेवी ने चुनाव लड़ा था। नतीजा ये रहा कि एक भी महिला उम्मीदवार जीत नहीं दर्ज कर सकी।
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दरअसल 1953 में एसएसपी पार्टी के भेलजी का चुनाव अवैध घोषित होने के कारण उपचुनाव करवाया गया। यशोदा देवी प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के टिकट से चुनाव में उतरीं थीं। यशोदा देवी ने 63.75 फीसदी मत पाकर कांग्रेस के नटवरलाल को मात दी थी और राजस्थान की प्रथम महिला बनने का गौरव प्राप्त हुआ। राजस्थान विधानसभा में जो दूसरी महिला पहुंचीं वह कमला बेनीवाल थीं। कमला 1954 के उप चुनाव में जीतकर विधायक बनी थीं।