{"_id":"65c10c527e4e6aa1bd08f159","slug":"rajasthan-court-serious-over-non-arrival-of-government-witness-doctor-in-bhatti-case-bhilwara-2024-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: भट्टी कांड में सरकारी गवाह चिकित्सक के नहीं पहुंचने पर कोर्ट गंभीर, अरेस्ट वारंट से तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: भट्टी कांड में सरकारी गवाह चिकित्सक के नहीं पहुंचने पर कोर्ट गंभीर, अरेस्ट वारंट से तलब
Mon, 05 Feb 2024 09:57 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 05 Feb 2024 09:57 PM IST
सार
भट्टी हत्याकांड में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद कोयले की भट्टी में जलाकर हत्या की गई थी। न्यायाधीश अनिल कुमार के समक्ष कोटड़ी थाना के भट्टी कांड केस में गवाह सचिन राठी रिलायंस जियो प्रभारी, जयपुर के बयान दर्ज हुए हैं।
विज्ञापन
भट्टी कांड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शाहपुरा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित कोयला भट्टी कांड की कोर्ट में सुनवाई के दौरान सोमवार को सरकारी गवाह चिकित्सक के न पहुंचने को कोर्ट ने गंभीर माना है। कोर्ट ने अगली पेशी पर चिकित्सक को गिरफ्तार कर पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में एक बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर शव को कोयले की भट्टी में जला दिया गया था।
विज्ञापन
मामले में भीलवाड़ा के पॉक्सो कोर्ट-2 में स्पेशल ऑफिसर केस के तहत सुनवाई हो रही है। प्रदेश में हुए इस जघन्य हत्याकांड में एक नाबालिग लड़की की दुष्कर्म के बाद कोयले की भट्टी में जलाकर हत्या करने के मामले में आमजन को झकझोर दिया था। सोमवार को भीलवाड़ा जिला मुख्यालय पर न्यायालय पॉक्सो कोर्ट-2 के न्यायाधीश अनिल कुमार के समक्ष कोटड़ी थाना के भट्टी कांड केस में गवाह सचिन राठी रिलायंस जियो प्रभारी, जयपुर के बयान दर्ज हुए हैं। अन्य सरकारी गवाह डॉ. मुरारीलाल जाटव तामिल के बावजूद भी कोर्ट में बयान के लिए उपस्थित नहीं हुआ। डा. जाटव दंत चिकित्सक होकर मेडिकल बोर्ड का मेंबर है।
विज्ञापन
इस प्रकरण में अंतिम गवाह के रूप में अपेक्षित डॉ. जाटव (सरकारी गवाह) के आज न आने पर विशिष्ट लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत ने पॉक्सो कोर्ट-2 के न्यायाधीश अनिल कुमार कोर्ट से अनुरोध किया कि प्रकरण गंभीर एवं अति संवेदनशील प्रकृति का है। ऐसे में सरकारी गवाह डॉक्टर मुरारीलाल जाटव बावजूद तामिल भी अदालत में बयान हेतु समय 3.30 बजे तक हाजिर नहीं हुआ है।
विज्ञापन
कोर्ट स्पेशल पीपी ने निवेदन किया कि गवाह जानबूझ कर प्रकरण को विलंब कर रहा है। इसलिए गवाह को जरिए गिरफ्तारी वारंट तलब किया जाए। पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार ने स्पेशल पीपी का अनुरोध स्वीकार करते हुए मामले की गंभीरता के मध्य गवाह को डॉ. जाटव को अगली तारीख पेशी पर अरेस्ट वारंट से तलब किया व गवाह के जमानत मुचलके जब्त किए हैं। सरकारी गवाह डॉ. मुरारीलाल जाटव को 350 सीआरपीसी का नोटिस अदालत ने पृथक से जारी किया है। इस जघन्य अपराध की नियमित सुनवाई हो रही है। ऐसे में इस प्रकरण में जल्द फैसला आने की उम्मीद है।