फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan Commission and Corporations Deputy Chairman Angry Rahul Gandhi

Rajasthan: आयोग और निगमों के उपाध्यक्ष इस बात से नाराज, राहुल गांधी से मुलाकात कर दे सकते हैं सामूहिक इस्तीफा

Fri, 04 Nov 2022 10:27 AM IST
Ashish Kulshrestha आशीष कुलश्रेष्ठ
Updated Fri, 04 Nov 2022 10:27 AM IST
सार

फरवरी 2022 में प्रदेश में 17 उपाध्यक्षों को नियुक्ति की गई थी। नियुक्ति के साथ उपाध्यक्षों से वादा किया गया था कि उन्हें राज्यमंत्री और उप मंत्री का दर्जा दिया जाएगा। लेकिन, लंबे समय बाद भी यह नहीं किया गया है।  
 

विज्ञापन
Rajasthan Commission and Corporations Deputy Chairman Angry Rahul Gandhi
अशोक गहलोत और राहुल गांधी। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निरंतर प्रयासों के बावजूद 2023 में कांग्रेस की सत्ता वापसी में कोई न कोई रोड़ा अटक रहा है। कभी सचिन पायलट का विवाद गहरा जाता है तो कभी मंत्री अधिकारियों पर निशाना साधते नजर आते हैं। बताया जा रहा है कि अब गुप्त रूप से राज्य स्तरीय आयोग बोर्ड और निगमों में बनाए गए उपाध्यक्षों ने एक बैठक की है। जिसमें तय किया गया कि सभी उपाध्यक्ष भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे और सामूहिक रूप से अपना इस्तीफा उन्हें सौंपेंगे। 

विज्ञापन


दरअसल, फरवरी 2022 में प्रदेश में 17 उपाध्यक्षों को नियुक्ति की गई थी। नियुक्ति के साथ उपाध्यक्षों से वादा किया गया था कि उन्हें राज्यमंत्री और उप मंत्री का दर्जा दिया जाएगा। लेकिन, लंबे समय बाद भी यह नहीं किया गया है।  
विज्ञापन


बता दें कि राज्य स्तरीय बोर्ड आयोग और निगमों में नियुक्त किए गए उपाध्यक्षों को कई अहम जिम्मेदारियां दी गईं थी। उनका काम था कि वह सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाएं और जमीनी स्तर पर इन योजनाओं का क्रियान्वयन भी करें। इसके अलावा जिला प्रशासन के अधिकारी जनता के काम को किस तरह से कर रहे हैं इसकी खबर भी रखें। कहा जा रहा है कि जिम्मेदारियां देने के अलावा इन उपाध्यक्षों का कोई काम नहीं किया गया है।   
विज्ञापन
विज्ञापन


बताया जा रहा है कि नियुक्ति के आठ महीने बाद भी उपाध्यक्षों को राज्यमंत्री का दर्जा कर दूर अब तक इन्हें आइडी कार्ड भी नहीं मिले हैं। सरकार कॉर्पोरेट फंड बनाकर इन्हें 75 हजार रुपये महीना सैलरी दे रही है। इसमें वाहन चार्ज, हाउस रेंट अलाउंस, टेलीफोन और ब्रॉडबैंड का खर्च भी शामिल है। हालांकि, राजस्थान खादी ग्राम उद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष पंकज मेहता न तो सैलरी ले रहे हैं और न ही उन्हें कोई अन्य सुविधा चाहिए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने उपाध्यक्ष बनाकर ही उन्हें सब कुछ दे दिया है। जबकि बाकी उपाध्यक्ष बनने से खुश हैं, लेकिन अन्य सुविधाओं के अभाव में उनकी पीड़ा आठ महीने बाद बाहर आ रही है।


पिछली सरकार में दिया गया था दर्जा
उपाध्यक्षों की यह मांग इसलिए भी जोड़ पकड़ रही है, क्योंकि पिछली सरकार में उपाध्यक्षों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था। कहा यह भी जा रहा है कि मांग पूरी नहीं होने के कारण यह उपाध्यक्ष अपने काम पर भी ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। अब उपाध्याय एसोसिएशन की गुप्त बैठक में सभी ने मिलकर अपनी बात कही, जिसके बाद राहुल गांधी से मुलाकात करने का फैसला किया गया है। बताया जा रहा है कि सभी उपाध्यक्ष जल्द ही भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होंगे और राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपेंगे। खास बात यह भी है कि राज्य मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रमेश बोराणा जोधपुर के रहने वाले हैं, ऐसे में उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा मिला हुआ है। जिससे उन्हें सारी सुविधाएं भी मिल रही हैं। इस बात को लेकर अन्य उपाध्यक्षों में भी काफी नाराजगी है। ऐसे में राजस्थान में एक बार फिर सियासी हलचल देखने को मिल सकती है।   

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed