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Rajasthan: आयोग और निगमों के उपाध्यक्ष इस बात से नाराज, राहुल गांधी से मुलाकात कर दे सकते हैं सामूहिक इस्तीफा
सार
फरवरी 2022 में प्रदेश में 17 उपाध्यक्षों को नियुक्ति की गई थी। नियुक्ति के साथ उपाध्यक्षों से वादा किया गया था कि उन्हें राज्यमंत्री और उप मंत्री का दर्जा दिया जाएगा। लेकिन, लंबे समय बाद भी यह नहीं किया गया है।
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अशोक गहलोत और राहुल गांधी।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निरंतर प्रयासों के बावजूद 2023 में कांग्रेस की सत्ता वापसी में कोई न कोई रोड़ा अटक रहा है। कभी सचिन पायलट का विवाद गहरा जाता है तो कभी मंत्री अधिकारियों पर निशाना साधते नजर आते हैं। बताया जा रहा है कि अब गुप्त रूप से राज्य स्तरीय आयोग बोर्ड और निगमों में बनाए गए उपाध्यक्षों ने एक बैठक की है। जिसमें तय किया गया कि सभी उपाध्यक्ष भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे और सामूहिक रूप से अपना इस्तीफा उन्हें सौंपेंगे।
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दरअसल, फरवरी 2022 में प्रदेश में 17 उपाध्यक्षों को नियुक्ति की गई थी। नियुक्ति के साथ उपाध्यक्षों से वादा किया गया था कि उन्हें राज्यमंत्री और उप मंत्री का दर्जा दिया जाएगा। लेकिन, लंबे समय बाद भी यह नहीं किया गया है।
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बता दें कि राज्य स्तरीय बोर्ड आयोग और निगमों में नियुक्त किए गए उपाध्यक्षों को कई अहम जिम्मेदारियां दी गईं थी। उनका काम था कि वह सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाएं और जमीनी स्तर पर इन योजनाओं का क्रियान्वयन भी करें। इसके अलावा जिला प्रशासन के अधिकारी जनता के काम को किस तरह से कर रहे हैं इसकी खबर भी रखें। कहा जा रहा है कि जिम्मेदारियां देने के अलावा इन उपाध्यक्षों का कोई काम नहीं किया गया है।
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बताया जा रहा है कि नियुक्ति के आठ महीने बाद भी उपाध्यक्षों को राज्यमंत्री का दर्जा कर दूर अब तक इन्हें आइडी कार्ड भी नहीं मिले हैं। सरकार कॉर्पोरेट फंड बनाकर इन्हें 75 हजार रुपये महीना सैलरी दे रही है। इसमें वाहन चार्ज, हाउस रेंट अलाउंस, टेलीफोन और ब्रॉडबैंड का खर्च भी शामिल है। हालांकि, राजस्थान खादी ग्राम उद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष पंकज मेहता न तो सैलरी ले रहे हैं और न ही उन्हें कोई अन्य सुविधा चाहिए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने उपाध्यक्ष बनाकर ही उन्हें सब कुछ दे दिया है। जबकि बाकी उपाध्यक्ष बनने से खुश हैं, लेकिन अन्य सुविधाओं के अभाव में उनकी पीड़ा आठ महीने बाद बाहर आ रही है।
पिछली सरकार में दिया गया था दर्जा
उपाध्यक्षों की यह मांग इसलिए भी जोड़ पकड़ रही है, क्योंकि पिछली सरकार में उपाध्यक्षों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था। कहा यह भी जा रहा है कि मांग पूरी नहीं होने के कारण यह उपाध्यक्ष अपने काम पर भी ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। अब उपाध्याय एसोसिएशन की गुप्त बैठक में सभी ने मिलकर अपनी बात कही, जिसके बाद राहुल गांधी से मुलाकात करने का फैसला किया गया है। बताया जा रहा है कि सभी उपाध्यक्ष जल्द ही भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होंगे और राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपेंगे। खास बात यह भी है कि राज्य मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रमेश बोराणा जोधपुर के रहने वाले हैं, ऐसे में उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा मिला हुआ है। जिससे उन्हें सारी सुविधाएं भी मिल रही हैं। इस बात को लेकर अन्य उपाध्यक्षों में भी काफी नाराजगी है। ऐसे में राजस्थान में एक बार फिर सियासी हलचल देखने को मिल सकती है।