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एससी-एसटी एक्ट में दर्ज हुआ था केस, राजपुरोहित समुदाय ने 70 दलित परिवारों को किया गांव से बाहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
Updated Sun, 19 Aug 2018 05:21 PM IST
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राजस्थान के बाड़मेर जिले में दलित परिवारों को गांव से बहिष्कृत करने का मामला सामने आया है। घटना बाड़मेर के कालुदी गांव की है, जहां 70 दलित परिवारों को गांव से इसलिए बहिष्कृत कर दिया गया क्योंकि राजपुरोहित समुदाय के कुछ लोगों पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ। इस घटना का खुलासा गांव के रहने वाले दिनेश उर्फ दाना राम मेघवाल की एक एफआईआर से हुआ। अपनी शिकायत में दिनेश ने गांव के राजपुरोहित समुदाय पर ये आरोप लगाए हैं।
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एफआईआर के मुताबिक राजपुरोहित समुदाय के कुछ युवकों ने सोशल मीडिया पर दलितों के खिलाफ अपमानजनक बातें लिखी थीं। जिसके बाद इनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी से नाराज होकर राजपुरोहितों ने दलितों के 70 परिवारों को गांव से बहिष्कृत करने का ऐलान कर दिया।
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इसके बाद दिनेश मेघवाल की शिकायत पर बलतोरा पुलिस ने राजपुरोहित समुदाय के 17 लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच के आदेश दिए गए हैं। इस मामले को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दी गई है। बता दें कि गांव में दलितों को कुएं से पानी लेने और उनके बच्चों को स्कूल जाने पर भी पाबंदी लगा दी है।
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बहिष्कार का ऐलान होने के बाद से दलित परिवार अपने घर में ही कैद रहने के लिए मजबूर हैं। वहीं राजपुरोहित समुदाय की तरफ से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को एक ज्ञापन सौंपा गया है जिसमें एसडीएम से मामले की जांच कराने की मांग की गई है। याद दिला दें कि हाल ही में केंद्र सरकार एससी/एसटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ अध्यादेश लेकर आई है। जिससे ये कानून अपने पुराने स्वरूप में वापस आ गया है।