{"_id":"5f17bbad8ebc3e637314122a","slug":"rajasthan-assembly-speaker-cp-joshi-says-speaker-has-authority-to-send-notice-to-file-slp-in-supreme-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान स्पीकर की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का तुरंत सुनवाई से इनकार, पायलट ने दाखिल की कैविएट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्थान स्पीकर की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का तुरंत सुनवाई से इनकार, पायलट ने दाखिल की कैविएट
Wed, 22 Jul 2020 06:05 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अनवर अंसारी
Updated Wed, 22 Jul 2020 06:05 PM IST
विज्ञापन
राजस्थान विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान में सियासी उठापटक जारी है। वहीं, अब राजस्थान की सियासी जंग सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर पहुंच गई है। विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर कर दी है। स्पीकर की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने अपील की है कि इस मामले पर आज ही सुनवाई की जाए। वहीं, सचिन पायलट ने भी शीर्ष अदालत में कैविएट दाखिल की है।
विज्ञापन
हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने ऐसा करने से इनकार करते हुए सिब्बल से कहा कि आप इसे रजिस्ट्रार के सामने पेश करें, वो ही आपको इस संबंध में बताएंगे। अदालत ने कहा कि रजिस्ट्री में जाइए, वहां आपको पता चलेगा कि मामला कब सूचीबद्ध किया जाएगा। बता दें कि, वकील सुनील फर्नाडिंज के जरिए ये याचिका दायर की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उधर, सचिन पायलट ने भी शीर्ष अदालत में कैविएट दाखिल की है ताकि उनका पक्ष सुने बिना अदालत में फैसला नहीं दिया जा सके।
इससे पहले, सीपी जोशी ने कहा कि स्पीकर को किसी विधायक को कारण बताओ नोटिस भेजने या उसे अयोग्य घोषित करने का पूरा अधिकार है, जब तक इस पर निर्णय ना हो जाए तब तक इसमें कोई दखल नहीं दे सकता है।
यह भी पढ़ें: पायलट ने घूस देने का आरोप लगाने पर कांग्रेस विधायक मलिंगा को भेजा कानूनी नोटिस
उन्होंने कहा कि हमने संसदीय लोकतंत्र के नियमों के अंतर्गत इस कार्य को किया, हमने सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन किया है। जोशी ने कहा कि फिलहाल विधायकों को नोटिस भेजा गया है, उन पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।
विधानसभा स्पीकर ने कहा कि अगर हम कोई निर्णय लेते हैं, तो अदालत इस पर विचार कर सकती है। हमें केवल इतना कहना है कि विधानसभा के अध्यक्ष के काम में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया जाए।
जोशी ने कहा था कि हम हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी देंगे, क्योंकि अदालत स्पीकर के कार्यों को बाधित या उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि 1992 में संवैधानिक पीठ ने यह तक किया है कि दल-बदल कानून पर स्पीकर ही निर्णय लेगा, ऐसे में स्पीकर के फैसले के बाद ही हाईकोर्ट इस पर विचार कर सकती है।