फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan Assembly Session Suspension of four BJP MLAs canceled BJP raised REET issue

Rajasthan Assembly Session: मंत्री धारीवाल बोले- सीबीआई पिंजरे का तोता, इसे रीट मामले की जांच देने का फायदा नहीं

Mon, 14 Feb 2022 04:18 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Mon, 14 Feb 2022 04:18 PM IST
सार

रीट मामले की सीबीआई जांच को लेकर भाजपा ने विधानसभा में विरोध कम कर दिया है। विपक्ष और सरकार के बीच चर्चा हो रही है। नेता प्रतिपक्ष कटारिया के सवालों के जवाब देते हुए मंत्री धारीवाल ने सदन में कहा कि भाजपा सरकार के दौरान पेपर लीक के 25 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें से कई की जांच एसओजी को भी न देकर पुलिस से कराई गई, अब ये चाहते हैं कि हम रीट मामले की जांच सीबीआई से कराएं। 

विज्ञापन
Rajasthan Assembly Session Suspension of four BJP MLAs canceled BJP raised REET issue
राजस्थान विधानसभा - फोटो : Social Media

विस्तार

विधानसभा में रीट मामले को लेकर चर्चा जारी है, सत्ता पक्ष विपक्ष के सभी आरोपों का जवाब दे रहा है। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया के सवालों के जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि पेपर लीक मामले को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बहुत गंभीर हैं। एसओजी मामले की जांच कर रही है, अपराधी कोई भी हो उसे बक्शा नहीं जाएगा। 

विज्ञापन


नेता प्रतिपक्ष कटारिया के इस सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि ट्रेजरी में जगह नहीं होने और जिला स्तर की कमेटी के अनुमोदन के बाद ही पेपर शिक्षा संकुल में रखे गए थे। उन्होंने सदन में बताया कि हम एक लाख युवाओं को रोजगार दे चुके हैं और जल्द ही इतने ही और देने वाले हैं। सरकार राजस्थान शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि हम ऐसा कानून लाएंगे कि कोई इस तरह की धांधली करने के बारे में सोच भी न सके।  
विज्ञापन


क्या बोले मंत्री शांति धारीवाल

  • रीट मामले की जांच सीबीआई को देने की मांग पर ससंदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने भाजपा से पूछा कि आप एसओजी से जांच क्यों नहीं करवाना चाहते? क्या एसओजी गलत दिशा में जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि आपके पास अगर कोई सबूत है तो एसओजी को दें, अगर वह जांच नहीं करती है तो सरकार मान लेगी कि जांच में कमी है। परीक्षा के जयपुर को-ऑर्डिनेटर प्रदीप पाराशर को एसओजी गिरफ्तार कर चुकी है।  
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • विपक्ष के राजीव गांधी सर्कल के सवाल पर धारीवाल ने कहा कि 17 साल से ये संस्था काम कर रही हैं। एक बार भी इसका कोई आदमी किसी धांधली में नहीं पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सीबीआई जांच सिर्फ इसलिए चहा रही है कि टीम आए और सारे दफ्तर सील कर दिल्ली चली जाए। सीबीआई के सुप्रीम कोर्ट ने भी उसे पिंजरे का तोता कहा है। आप सीबीआई को जांच इसलिए ही करवाना चाहते हैं कि यह आपके हाथ में आए जाए। मंत्री धारीवाल ने कहा कि सीबीआई को जांच देने का मतलब जांच को गड्ढे में डालना। एसओजी पूरे मामले की जांच कर रही है और जल्द ही इसका खुलासा कर करेगी। 
  • मंत्री धरीवाल ने सदन में कहा कि भाजपा सरकार के दौरान पेपर लीक के 25 मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें से कई की जांच एसओजी को भी न देकर पुलिस से कराई गई। अब ये चाहते हैं कि हम रीट मामले की जांच सीबीआई से कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाली परीक्षाओं के तीन बार पेपर लीक हुए हैं, लेकिन सिर्फ एक मामले की जांच ही सीबीआई को दी गई हैं, जिसका अब तक फैसला नहीं हुआ है।  

भाजपा विधायकों का निलंबन वापस 
रीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच को लेकर हो रहा भाजपा का विरोध अब थम गया है। हंगामे के जिम्मेदार चार भाजपा विधायकों का निलंबन भी वापस हो गया है। अब रीट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस हो रही है। सोमवार सुबह विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने प्रश्नकाल स्थगित कर रीट मामले पर चर्चा शुरू कर दी थी। रीट पर चर्चा करते हुए सतीश पूनिया ने सरकार से कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि प्राइवेट एजेंसी को परीक्षा में शामिल क्यों किया गया। सरकार किसे बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि एसओजी की जांच और काबिलियत पर हमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन एसओजी इस बड़े मकड़ जाल को सुलझाने में सक्षम नहीं है। इस धांधली में युवाओं के साथ धोखा हुआ है। सरकार अगर कुछ करना चाहती है तो निष्पक्ष एजेंसी से मामले की जांच कराए। इससे युवाओं को न्याय मिलेगा।

युवाओं को न्याय मिलना चाहिए
सतीश पूनिया बोले ने कहा- इतिहास गवाह है कि जांच के दौरान देश की कई मुख्यमंत्री और उनके परिवार के लोग जेल गए हैं। उन्होंने सरकार को चेताया कि वर्ल्ड रिकॉर्ड में राजस्थान का नाम इसलिए नहीं आना चाहिए कि यहां सबसे बड़ा घोटाला हुआ है। यहां नाम इसलिए अना चाहिए कि सरकार ने सबसे बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराए, जिससे राज्य के युवाओं को न्याय मिल सके।  



ये चार विधायक किए गए थे निलंबित
सदन में हंगामे का जिम्मेदार मानते हुए भाजपा विधायक रामलाल शर्मा, चंद्रभान आक्या, मदन दिलावर और अविनाश गहलोत पर निलंबित किया गया था। सोमवार को ससंदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने चारों विधायकों का निलंबन वापस करने की घोषणा कर दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed