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राजस्थान: जब एक राजा चुनाव तो जीत गया, लेकिन जिंदगी से हार गया

Fri, 30 Nov 2018 12:01 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 30 Nov 2018 12:01 PM IST
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Rajasthan assembly election 2018: love Story of Maharaja hanwant singh zubeida begum jodhpur
जोधपुर के महाराजा हनवंत सिंह
राजे-रजवाड़ों की धरती राजस्थान में इन दिनों चुनावी हवा बह रही है। चुनावी चौपाल हो या कोई बाजार हर तरफ चुनाव की ही चर्चा है। राजस्थान की जोधपुर सीट से भाजपा ने अतुल भंसाली और कांग्रेस ने मनीषा पंवार को उम्मीदवार बनाया है। चुनाव में शाही परिवार का कोई सीधा दखल तो नहीं है मगर हर बार की तरह यहां मारवाड़ के राजा हनवंत की यादें ताजा हो गई हैं। 
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अपनी पार्टी बनाकर लड़ा पहला लोकसभा चुनाव

1952 में 28 साल की उम्र में उन्होंने अपनी पार्टी बनाकर लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ा। पार्टी को रेगिस्तान का जहाज कहलाने वाला ऊंट निशान के रूप में मिला। कांग्रेस पार्टी ने उन्हें  भुगतने की चेतावनी दी मगर वो खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री जयनारायण व्यास के खिलाफ चुनाव में उतर गए। मतगणना के दौरान जब उन्हें अपनी भारी बढ़त का पता चला तो वो अपनी बीवी जुबैदा के साथ हवाई जहाज की सैर को निकले। चुनाव के परिणाम जारी हुए तो महाराजा हनवंत ने व्यास को हरा दिया। जहाज दुर्घटना का शिकार हुआ और उनकी मौत हो गई। ये उनकी जिंदगी की आखिरी सैर साबित हुई।
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विरोध के बावजूद नर्तकी से किया विवाह

1949 में महाराजा हनवंत सिंह को एक समारोह में आई नर्तकी से प्रेम हो गया, नाम था जुबैदा। उस समय महाराजा हनवंत की दो शादियां हो चुकी थी और जुबैदा भी तलाकशुदा और एक बच्चे की मां थी। तमाम विरोध के बावजूद महाराजा हनवंत ने जुबैदा से 17 दिसंबर 1950 को ब्यावर में आर्य समाज मंदिर में शादी की। जुबैदा ने हिंदू धर्म अपनाया और नया नाम रखा विद्यारानी।
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इसका विरोध हुआ और उन्हें उम्मेद भवन में जुबैदा के साथ रहने की अनुमति नहीं मिली। ऐसे में वे मेहरानगढ़ फोर्ट में रहने लगे।

परिवार ने राजनीतिक विरासत को बढ़ाया आगे

अपनी जीत भी ना देख पाने वाले महाराजा हनवंत के अधूरे ख्वाब को उनकी पत्नी कृष्णा कुमारी ने आगे बढ़ाया। इंदिरा सरकार ने जब प्रिवी पर्स बंद किया तब कृष्णा कुमारी ने कांग्रेस विरोध में जोधपुर से चुनाव लड़ा और जीता। 1977 में भी वह जीतीं। 1990 में उनके बेटे महाराजा गज सिंह भी राज्यसभा पहुंचे। 2009 में बेटी चंदेश कुमारी ने चुनाव जीता और मनमोहन सरकार में मंत्री भी बनीं।

2001 में मशहूर फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल ने महाराजा हनवंत और जुबैदा की प्रेम कहानी पर फिल्म बनाई। इस फिल्म में मनोज बाजपेयी और करिश्मा कपूर ने अभिनय किया था।
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